#ऑपरेशन_मिलापः बिछड़े बेटे से पहले दिन ही मिला परिवार

Patrika news network Posted: 2017-05-15 21:55:51 IST Updated: 2017-05-15 21:55:51 IST
#ऑपरेशन_मिलापः बिछड़े बेटे से पहले दिन ही मिला परिवार
  • सोमवार को जब अभिषेक को परिजनों से मिलाया तो बेटे को सही सलामत देखकर एक बार तो परिजनों के मुंह से बोल तक नहीं निकले। परिजनों ने जिगर के टुकड़े को गले से लगाया तो खुशी का इजहार उनकी आंखों से छलके आंसुओं से साफ झलक रहा था।

कोटा.

पुलिस चाहे तो भूसे से सूई भी खोज सकती है। यह दावा ऑपरेशन मिलाप में सच कर दिखाया है। 20 दिन पहले जयपुर से लापता हुए महावीर नगर तृतीय निवासी अभिषेक चौधरी (17) को जीआरपी ने ढूंढ़ निकाला। वह बॉक्सर बनना चाहता है, लेकिन परिजन उसे अफसर देखना चाहते हैं। अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाने से दुखी होकर वह मुंबई चला गया था।





 सोमवार को जब अभिषेक को परिजनों से मिलाया तो बेटे को सही सलामत देखकर एक बार तो परिजनों के मुंह से बोल तक नहीं निकले। परिजनों ने जिगर के टुकड़े को गले से लगाया तो खुशी का इजहार उनकी आंखों से छलके आंसुओं से साफ झलक रहा था। ऑपरेशन मिलाप के पहले ही दिन जीआरपी ने एक लापता बेटे को उसके परिजनों से मिलाकर बड़ी सफलता प्राप्त की।


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तीन बार टीम मुंबई भेजी

जीआरपी उप अधीक्षक रोहिताश्व शर्मा ने बताया कि महावीर नगर तृतीय निवासी सुभाष चौधरी ने 24 अप्रेल को रिपोर्ट दी थी कि उनका पुत्र अभिषेक (17) जयपुर में एनडीए की परीक्षा देने गया था। वहां से गंगानगर-कोटा एक्सप्रेस में कोटा आने के लिए बैठा था, लेकिन घर नहीं आया। थानाधिकारी गंगासहाय शर्मा के नेतृत्व में उप निरीक्षक लादूराम व कांस्टेबल योगेश शर्मा की टीम गठित की गई। टीम ने जयपुर समेत कई रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी की रिकॉडिंग देखी और अभिषेक के मोबाइल को सर्विलांस पर लिया। उसके मुम्बई में होने की संभावना पर तीन बार जीआरपी की टीम मुम्बई गई, लेकिन उसका पता नहीं चला। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीजी स्वयं इसकी मॉनिटरिंग कर रहे थे। आखिर में मोबाइल की लेकेशन के जरिए उसे ट्रेस कर लिया गया। 

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