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CME Conference: हमसे ज्यादा स्मार्ट है बैक्टीरिया

Patrika news network Posted: 2017-04-17 10:45:25 IST Updated: 2017-04-17 10:54:12 IST
CME Conference: हमसे ज्यादा स्मार्ट है बैक्टीरिया
  • इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) हाड़ौती ब्रांच की ओर से रविवार को सीएमई उम्मेद क्लब में आयोजित हुई।

कोटा.

सीएमई में बताया-डेंगू-मलेरिया में फ्लूड मैनेजमेंट से फायदा

इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) हाड़ौती ब्रांच की ओर से रविवार को सीएमई उम्मेद क्लब में आयोजित हुई। इसमें वक्ताओं ने मलेरिया व डेंगू के उपचार में श्रीलंका की गाइडलाइन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्रीलंका में इन बीमारियों में फ्लूड  मैनेजमेंट किया जाता है। इसमें मरीज को शरीर की आवश्यकता के अनुसार ही फ्लूड दिया जाता है। 


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इससे मरीज का बीपी नहीं बढ़ता और उसे यूरीन से मॉनिटर किया जाता है। दिल्ली से आए नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. एएस वासुदेव गुर्दा रोग और अपोलो अस्पताल मुंबई के डॉ. पीएन येवले  एंटीबॉयोटिक के प्रयोग के बारे में बताया। संयोजक डॉ. सीबी दास गुप्ता और आईएपी हाड़ौती अध्यक्ष डॉ. मोहन आर्य सहित संभाग के कई चिकित्सक उपस्थित रहे।


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डायपर से बढ़ा बच्चों में यूरिन इंफेक्शन



बच्चों के नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. एएस वासुदेव ने बताया कि डायपर के उपयोग से बच्चों में यूरिन इंफेक्शन के मामले बढ़े हैं। बच्चा लंबे समय तक डायपर पहने रहता है। कई बच्चों को तो पूरी रात या घंटों डायपर लगाकर रखा जाता है। बच्चा कई बार स्टूल व यूरिन करता है। जबकि दो से तीन घंटों में डायपर खोलकर देखना चाहिए। यह सर्तकता नहीं बरतने से बच्चों को यूरिन इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। 


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एंटीबायोटिक रेसिस्टेंट से हर साल सत्तर लाख लोगों की मौत



मुंबई के अपोलो अस्पताल में पीडियाट्रिक एचओडी डॉ. पीएन येवले ने बताया कि बैक्टीरिया मनुष्य से ज्यादा स्मार्ट है। मरीज के शरीर में संक्रमण को कंट्रोल करने के लिए एंटीबायोटिक देते ही हैं, वह उससे बचाव की तैयारी शुरू कर देता है। इससे आगे चलकर एंटीबायोटिक मरीज के काम ही नहीं करता। दुनियाभर में हर साल सत्तर लाख लोग एंटीबायोटिक के रेसिस्टेंट से मर जाते हैं। यह संख्या 2050 तक एक करोड़ पहुंच जाएगी। 

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