जघन्य हत्याकांड में तीन भाइयों समेत 5 आरोपितों को उम्र कैद

Patrika news network Posted: 2017-05-11 19:17:07 IST Updated: 2017-05-11 19:17:07 IST
जघन्य हत्याकांड में तीन भाइयों समेत 5 आरोपितों को उम्र कैद
  • गुमानपुरा थाना क्षेत्र में की थी आमीन की हत्या, जघन्य तरीके से हमला, 60 से ज्यादा थे घाव

कोटा. गुमानपुरा थाना क्षेत्र में करीब 6 साल पहले बैकरी विवाद व पुरानी रंजिश को लेकर हुए आमीन हत्याकांड मामले में एडीजे क्रम 5 अदालत ने गुरुवार को तीन भाइयों समेत 5 आरोपितों को उम्र कैद की सजा व प्रत्येक को 1 लाख 2 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

फकीरों की मस्जिद के पास कोटड़ी निवासी शमशेर हुसैन, उसके भाई पप्पू मोहम्मद व अलाउदीन और दो अन्य नजर मोहम्मद व मोहम्मद यासीन के खिलाफ 27 मार्च 2011 को कोटड़ी निवासी मोहम्मद इस्माइल ने गुमानपुरा थाने में रिपोर्ट दी थी।


इसमें कहा था कि उनके पुत्र आमीन व शाहरुख बैकरी का काम करते हैं। दोनों 26 मार्च की रात 10 बजे स्कूटर से बैकरी का सामान लेकर घर जा रहे थे। उनके पीछे वे भी पैदल जा रहे थे।


नगर निगम कॉलोनी की गली में पहले से ही घात लगाकर बैठे शमशेर, पप्पू, अलादीन, नजर मोहम्मद व यासीन ने उनके पुत्रों को रोका। सभी ने आमीन के सिर, गर्दन, पेट, हाथ-पैर समेत पूरे शरीर पर तलवार व चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए। 


शाहरुख ने बीच बचाव किया तो उस पर भी जानलेवा हमला किया। इसी बीच लोग एकत्र हुए तो हमलावर भाग गए। वे आमीन व शाहरुख को एमबीएस अस्पताल लेकर गए। 


वहां डॉक्टर ने आमीन को मृत घोषित कर दिया। जबकि गंभीर शाहरुख का इलाज किया। मृतक के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने जानलेवा हमला व हत्या का मुकदमा दर्ज कर चार आरोपितों को अगले ही दिन गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद कर लिए थे। जबकि यासीन को बाद में गिरफ्तार किया।

रंजिशवश की हत्या

पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ पेश किए चालान में बताया कि आरोपित और फरियादी एक ही बैकरी पर काम करते थे। किसी बात को लेकर विवाद होने पर दोनों अलग हो गए। 


8 फरवरी 2011 को आमीन व इस्माइल ने आरोपित पक्ष के साथ मारपीट कर दी। इसमें मुकदमा दर्ज हुआ। इस मामले में आमीन कुछ दिन पहले ही जेल से छूटकर आया था। इसका बदला लेने के लिए आरोपितों ने आमीन व उसके भाई शाहरुख पर हमला किया था।

6 साल चली सुनवाई, 20 गवाह

फरियादी के अधिवक्ता धर्मेन्द्र त्यागी ने बताया कि आरोपितों ने आमीन पर इतनी जघन्य तरीके से हमला किया था कि उसके शरीर पर 60 से ज्यादा घाव थे। 


इससे ही उसकी मौत हुई। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 20 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए थे। अपर लोक अभियोजक संजय राठौर ने बताया कि करीब 6 साल चली सुनवाई के बाद एडीजे क्रम 5 अदालत के न्यायाधीश विकास कुमार खंडेलवाल ने आरोपितों को सजा सुनाई।

rajasthanpatrika.com

Bollywood