Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

#Picnicspot: भंवरकुंज में आया उफान, सुरक्षा के नहीं हैं कोई इंतजाम

Patrika news network Posted: 2017-07-14 17:54:06 IST Updated: 2017-07-14 17:55:24 IST
#Picnicspot: भंवरकुंज में आया उफान, सुरक्षा के नहीं हैं कोई इंतजाम
  • प्रशासन की लापरवाही के चलते कोटा के पिकनिक स्पॉट हादसों को दावत देने लगे हैं। बारिश का दौर शुरू हो चुका है और लोग यहां के प्राकृतिक स्थलों पर सैर सपाटे के लिए पहुंचने लगे हैं, लेकिन अभी तय यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। जिसके चलते लोगों की जान खतरे में पड़ने लगी है।

कोटा.

बारिश का दौर शुरू होते ही हाडौती के खूबसूरत नजारे लोगों को लुभाने लगते हैं। हरियाली की गोद में बने प्राकृतिक नदी और झरने को देखने वालों की भीड़ उमड़ पड़ती है। भंरवकुंज समेत तमाम पिकनिक स्पॉट हैं जहां बरसात के दौरान बड़ी संख्या में टूरिस्ट पहुंचते हैं, लेकिन साल दर साल इन जगहों पर होने वाले जानलेवा हादसों के बावजूद प्रशासन ने यहां सुरक्षा के कोई बंदोबस्त नहीं किए हैं। 





कोटा का भंवरकुंज बरसात के दिनों में टूरिस्ट का पसंदीदा पिकनिक स्पॉट बन जाता है। नेचुरल रेनीबेस होने के कारण जैसे ही बरसात तेज होती है, कोटा के आसपास के जंगलों का पानी इस ओर चला आता है और अचानक ही भंवरकुंज का जलस्तर बढ़ जाता है। 24 जुलाई 2009 को यहां पिकनिक मनाने आए इंजीनियरिंग के छात्र ऐसे ही बहाव का शिकार हो गए और पानी के साथ बह कर उनकी मौत हो गई। पिछले साल भी 31 जुलाई को यहां पिकनिक मनाने आए एक युवक की डूबकर मौत हो गई। वर्ष 2015 में भी तीन लोग सैलाब में फंस गए जिन्हें रेस्क्यू टीम ने जैसे-तैसे बचाया। 



Read More: 'उड़ान' भरने से पहले ही 'कैंसिल' हुई कोटा की फ्लाइट


हादसे के बाद लगाई रेलिंग 

वर्ष 2009 में हुए हादसे के दौरान चार छात्रों की मौत के बाद भंवरकुंज की खाल में सुरक्षा रेलिंग लगाने का प्रस्ताव तैयार हुआ, लेकिन लापरवाही का आलम यह रहा कि इस पर काम दो साल बाद वर्ष 2011 में जाकर शुरू हुआ। यूआईटी ने सात लाख रुपए की लागत से नाले के 60 फीट चौड़े पाट के बीच में लोहे के रेलिंग और जाल लगाए, ताकि कोई पानी के तेज बहाव के साथ बह भी जाए तो यहां आकर बचाया जा सके। भंवरकुंज के आसपास चेतावनी बोर्ड लगाने के साथ-साथ बारिश के मौसम में हर साल सिविल डिफेंस के सुरक्षा कर्मी भी तैनात करने की व्यवस्था की गई। 



Read More: जेल भेजने का आदेश सुनते ही गश खाकर गिरी रिश्वतलेने वाली जेईएन


इस साल सुरक्षा ताक पर 

सावन के साथ ही बारिश की झड़ी लग चुकी है और भंवरकुंज टूरिस्ट प्लेस में तब्दील होने लगा है। सैलानी यहां मौजमस्ती करने आने लगे हैं, लेकिन हर साल तैनात होने वाले सुरक्षा गार्ड अब तक दिखाई नहीं दे रहे। यहां आने वाले पर्यटक ज्यादातर युवा होते हैं इसलिए जोश-जोश में वह जगह-जगह लिखी चेतावनी को भी नजरंदाज करने से नहीं चूक रहे। जिसके चलते गुरुवार को बड़ा हादसा होने से बच गया। 



Read more: Pics: मोरों की ऐसी अदा जो कर देंगी आपको फिदा

बाल-बाल बचे दो युवक 

गुरुवार दोपहर में युवाओं का एक ग्रुप एनीकेट से दूसरी तरफ पार्टी कर रहा था, तभी अचानक पानी का बहाव तेज हुआ और एनीकट का जल स्तर बढ़ने लगा।  दो युवक पिकनिक की मस्ती में एेसे डूबे हुए थे कि बढ़ता पानी भी दिखाई नहीं दिया। इस पर लोगों ने चिल्लाकर उन्हें चेताया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पिकनिक मनाने गए दो युवक कुलदीप वर्मा व कालू वर्मा सब्जी धोने भंवरकुंज में उतरे कि अचानक नाले में पानी का जलस्तर बढ़ गया। जैसे तैसे करके दोनों नाले के उस पार पहुंच गए और पानी कम होने का इंतजार करने लगे।  काफी देर बाद लोगों ने उन्हें वहां से सुरक्षित निकाला। 



Read More: कोटा के इस मंदिर में भगवान खुद करते हैं फसल और बरसात की भविष्यवाणी


भारी पड़ सकती है प्रशासन की लापरवाही 

गोताखोर विष्णु शृंगी ने बताया कि बारिश में चट्टानेश्वर व भंवरकुंज में चट्टानी क्षेत्रों से पानी आता है। इसके चलते यहां लोग पिकनिक मनाने आते हैं। यहां सुरक्षा की दृष्टि से सिविल डिफेंस के कर्मचारियों को लगाया जाता है। वह खतरे के स्थान पर लोगों को जाने से रोकते हैं, लेकिन इस बार सिविल डिफेंस ने कर्मचारी नहीं लगाए। एेसे में लोग जोखिम भरी जगहों पर भी पार्टी करने जा रहे हैं। जब खतरे की स्थिति में सूचना मिलती है तो गोताखोरों की टीम को पहुंचने में वक्त लगता है और तब तक कुछ भी हो सकता है। इसलिए हर साल की तरह इस साल भी सिविल डिफेंस के लोगों को तैनात किया जाना चाहिए और लोगों को भी जागरुक बनाना चाहिए ताकि एडवेंचर जानलेवा साबित ना हो जाए। 

rajasthanpatrika.com

Bollywood