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अंधेरा कायम है.....लगा दी कम वॉट की एलईडी लाइटें

Patrika news network Posted: 2016-12-01 12:18:28 IST Updated: 2016-12-01 12:56:28 IST
 अंधेरा कायम है.....लगा दी  कम वॉट की एलईडी लाइटें
  • शहर को दूधिया रोशनी से जगमग करने के लिए एलईडी लाइटें लगाने का काम चल रहा है, लेकिन एलईडी लाइटों से रास्ते जगमग होने के बजाए अंधेरा कायम है। जिन मार्गों पर पहले ट्यूब लाइटें लगी हुई थी, वहां कम वॉट की एलईडी लाइटें लगा दी है।

कोटा.

कोटा. शहर को दूधिया रोशनी से जगमग करने के लिए एलईडी लाइटें लगाने का काम चल रहा है, लेकिन एलईडी लाइटों से रास्ते जगमग होने के बजाए अंधेरा कायम है। जिन मार्गों पर पहले ट्यूब लाइटें लगी हुई थी, वहां कम वॉट की एलईडी लाइटें लगा दी है। इस कारण रास्तों में पर्याप्त रोशनी नहीं हो पा रही है। 

शहर के एक दर्जन वार्डों में अब तक करीब 15 हजार से अधिक एलईडी लाइटें लगा जा चुकी है। शिकायत आ रही थी  कि एलईडी की रोशनी ट्यूब लाइट की रोशनी से काफी कम है। इसकी पड़ताल करने के लिए पत्रिका ने पार्षद, नगर निगम के विद्युत अनुभाग के अभियंताओं व ईईएसएल कम्पनी के अधिकारी तथा एलईडी लाइटें लगाने वाली कम्पनी के प्रतिनिधियों के साथ करीब तीन घण्टे तक राजीव गांधी नगर,  न्यू राजीव गांधी नगर, तलवंडी सेक्टर एक, इन्द्र विहार आदि में लगाई गई एलईडी लाइटों की जांच की। 

इसमें पाया कि कम्पनी ने निर्धारित मानकों के अनुरूप एलईडी लाइटें नहीं लगा गई है। इस कारण पर्याप्त उजाला नहीं हो रहा। ईईएसएल केअधिकारियों ने भी इसे गंभीर माना है। वार्ड 24 में ही करीब 300  सौ एलईडी लाइटें बदली जाएंगी। रविवार तक कम्पनी को यह एलईडी लाइटें बदलने का समय दिया गया है। जांच करने वालों में अधिशासी अभियंता राकेश शर्मा, कनिष्ठ अभियंता लक्ष्मीनारायण, ईईएसएल के  राहुल देव सिंह, एलईडी लगाने वाली कम्पनी के प्रतिनिधि बी.के. पारीक, पार्षद गोपाल राम मण्डा शामिल थे।


शिकायतों का अंबार


नगर निगम और एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि. के बीच 4 फरवरी 2015 को एलईडी लगाने का अनुबंध हुआ था। कम्पनी ने मार्च से एलईडी लाइटें लगाने का काम शुरू कर दिया है। अभी तक वार्ड 4,5,6,7,20,21,24 से 32 तथा 45 से 60 तक व 64 एवं 65 में एलईडी लाइटें लगाई जा चुकी है। पार्षदों की शिकायत है कि वार्डों में कम वॉट की एलईडी लाइटें लगा दी है। यह लाइटें खराब हो जाती है तो दुरुस्त करने के लिए कोई सुनवाई तक नहीं होती है। 

-एलईडी के मानक


-20 वॉट : 30 फीट या इससे कम चौड़ी सड़क पर

-36 वॉट : 30 से 60 फीट तक चौड़ी सड़क पर

-70 वॉट : 60 फीट से अधिक चौड़ी सड़क पर 

-130 वॉट : शहर के मुख्य मार्गों पर 


कितनी लगी -एलईडी 


-130 वॉट    :  1616

-120 वॉट :   56

-70 वॉट :  1026

 -20 वॉट :  9265

-36272 : एलईडी लगनी है

-12530 : एलईडी 15 नवम्बर तक लगाई जा चुकी है।


यह स्थिति आई सामने

राजीव गांधी मूर्ति वाली रोड पर 36 वॉट की एलईडी लगानी थी, लेकिन 20 वॉट की एलईडी लगा दी। इस कारण इस पूरी गली में अंधेरा रहता है। राजीव गांधी नगर में भी 36 वॉट की एलईडी लगानी थी, यहां भी 20 वॉट की ही लाइटें लगा दी। यहां 200 लाइटें बदलकर 36 वॉट की लाइटें लगाई जाएगी। तलवंडी सेक्टर एक में 20 वॉट की 500 एलईडी लाइटें लगा दी है। महापौर व उप महापौर के वार्ड में भी कम वॉट की एलईडी लगाने की शिकायतें हैं।

 ज्यादातर एलईडी कम वॉट की


मेरे वार्ड में ज्यादातर एलईडी कम वॉट की लगा दी हैं। कोचिंग क्षेत्र होने के कारण बच्चे आते-जाते रहते है, इसलिए पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए। कम वॉट की एलईडी बदली जाए। यह समस्या आयुक्त को भी बताई थी।-गोपाल राम मण्डा, पार्षद वार्ड 24               

अनुरूप एलईडी नहीं लगाई


ईईएसएल के उच्चाधिकारियों, कम्पनी के प्रतिनिधियों के साथ एलईडी लाइटों की जांच की। इसमें पाया कि कई जगहों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप एलईडी नहीं लगाई है। ईईएसएल के अधिकारियों ने भी पूरी स्थिति देखी ली है। कम वॉट की एलईडी लाइटों को बदलने पर सहमति हो गई है। -राकेश शर्मा, अधिशासी अभियंता नगर निगम


 सत्यापन करवाया जा रहा है


सभी वार्डों में कम वॉट की एलईडी लगाने की बात आ रही है। इसके चलते सत्यापन करवाया जा रहा है। बोर्ड बैठक में भी यह शिकायतें आई थी। कम्पनी को कम वॉट की एलईडी बदलने के लिए पाबंद किया जा रहा है। खराब लाइटें भी चौबीस घण्टे के अंतराल में दुरुस्त करनी होंगी। -नरेन्द्र हाड़ा, अध्यक्ष विद्युत समिति

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