Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

कैमरे में कैद हो गई भूतनी

Patrika news network Posted: 2017-02-07 00:58:18 IST Updated: 2017-02-07 01:00:23 IST
कैमरे में कैद हो गई भूतनी
  • वो फोटो तो हॉस्टल में लगे पुराने पेड़ की यादें सजोने के लिए खींच रहे थे, लेकिन जब उन्होंने गैलरी में जाकर देखा तो रूह कांप उठी। पेड़ की जगह एक खूबसूरत भूतनी कैमरे में कैद हो गई। भूतनी ने एक-दो नहीं बल्कि नौ फोटो खिचवाए। मारे खौफ के फोटो खींचने वाले छात्रों की चीख निकल गई।

कोटा.

क्या कभी आपने किसी भूतनी को फोटो खिचवाते हुए सुना है। नहीं सुना तो सुन लीजिए। मामला बारां जिले के केलवाड़ा स्थित सहरिया आदिवासी छात्रवास का है। रविवार को हॉस्टल में लगे बहेड़ा के बूढ़े पेड़ की कटाई चल रही थी।


 सालों तक साथ निभाने वाले पेड़ को कटता देख वहां रह रहे छात्रों का दिल पसीज गया और वह यादें सजोने के लिए उसकी फोटो खींचने लगे। छात्रों ने इस पेड़ के नौ फोटो खींचे, लेकिन जैसे ही दसवां फोटो खींचने लगे मोबाइल अचानक बंद हो गया। मोबाइल नया था और उसकी बैटरी भी फुल चार्ज थी, लेकिन फिर भी बंद होने की वजह छात्रों की समझ में नहीं आई।


कई बार की कोशिशों के बाद जब मोबाइल ऑन हुआ तो पहली चिंता यही सताई कि कहीं फोटो तो डिलीट नहीं हो गए। इसलिए आनन-फानन में मोबाइल की गैलरी चेक की गई, लेकिन जैसे ही बहेड़ा के बूढ़े पेड़ की फोटो आईं छात्रों के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। फोटो में पेड़ की बजाय एक लड़की दिखाई दे रही थी। गौर किया तो वह भूतनी निकली।


 सफेद लिबास और बिखरे बालों को देखकर छात्रों की चीख निकल गई। बाकी फोटो देखे गए तो हर फोटो में जमीन पर धराशाई हुए बहेड़े की जगह भूतनी ही नजर आ रही थी। हॉस्टल में मौजूद लोग जैसे-तैसे हिम्मत जुटाकर दोबारा मौके पर पहुंचे और फोटो खींचे, लेकिन दोबारा किसी के भी कैमरे में उस भूतनी का फोटो कैद नहीं नहीं हुआ। 


दौड़ पड़े अफसर 


हॉस्टल में भूतनी के आने की खबर पलक झपकते ही पूरे केलवाड़ा में फैल गई। जानकारी मिलने पर सोमवार को नायब तहसीलदार रामशरण मीना भी छात्रावास पहुंचे। उन्होंने फोटो खींचने वाले कक्षा 12 वीं के छात्र संजय और कक्षा 11वीं के छात्र रघुवीर सहरिया से भूतनी के फोटो खिचवाने की पूरी बात पूछी। वह भी छात्रों को भूतनी को भुलाकर पढ़ाई पर ध्यान देने की नसीहत देते नजर आए। 


35 साल पहले होता था पोस्टमार्टम 


भूतनी के फोटो देखने के लिए कस्बे के लोग हॉस्टल की ओर दौड़ पड़े। कस्बे के बुजुर्गों ने हॉस्टल की जमीन पर पहले शमशान होने का हवाला देते हुए भूतनी के आने की बात कही। जबकि कुछ लोगों ने बताया कि वर्ष 1980 तक केलवाड़ा में पोस्टमार्टम हाउस न होने के कारण इसी पेड़ के नीचे इस काम को अंजाम दिया जाता था।


 मौके पर मौजूद तमाम लोग यह कहते हुए सुने गए कि बहेड़ा का पेड़ भले ही बूढ़ा हो गया था, लेकिन अफसरों को उसे कटवाना नहीं चाहिए था, लेकिन इन सबके बावजूद फोटो में भूतनी कैसे आई कोई पता नहीं कर सका।

rajasthanpatrika.com

Bollywood