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नौकरी चाहिए तो ज्ञान नहीं जानकार आएंगे काम

Patrika news network Posted: 2017-07-14 17:28:15 IST Updated: 2017-07-14 19:22:36 IST
नौकरी चाहिए तो ज्ञान नहीं जानकार आएंगे काम
  • राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय कोटा में गेस्ट फैकल्टी में चेहतों को वरीयता देने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया में लीपापोती की जा रही है। एक दिन में लिखित परीक्षा लेने के बाद अगले ही दिन परिणाम जारी कर साक्षात्कार ले लिए गए हैं। चयनित प्रतिभागियों की सूची अनुमोदन के लिए वीसी को भेजी जा चुकी है।

कोटा.

राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में गेस्ट फैकल्टी में चेहतों को वरीयता देने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया में लीपापोती की जा रही है। स्थिति यह है कि एक दिन में लिखित परीक्षा लेने के बाद अगले ही दिन परिणाम जारी कर साक्षात्कार ले लिए गए हैं। चयनित प्रतिभागियों की सूची अनुमोदन के लिए वीसी को भेजी जा चुकी है। चहेतों को नियुक्ति देने में विवि प्रशासन हथेली पर सरसों जमाने की राह पर है। 


गौरतलब है कि विभिन्न विभागों में गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति प्रक्रिया में एआईसीटीआई के नियमों की पालना नहीं की गई। लिखित परीक्षा से महज दो दिन पहले यानी 10 जुलाई को गाइडलाइन जारी कर लिखित परीक्षा के 40 अंक निर्धारित किए, लेकिन न्यूनतम उत्तीर्णांक की  जानकारी नहीं दी। अब आरटीयू ने बिना कट ऑफ जारी किए बिना ही अभ्यर्थियों के साक्षात्कार ले लिए। एेसे में नियुक्तियां सवालों के घेरे में है। 


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नियुक्तियों का कोई आधार नहीं 

आरटीयू की गाइडलाइन में लिखित परीक्षा को 40 अंक एवं साक्षात्कार व अन्य बिन्दुओं के 60 अंक निर्धारित हैं। नियमानुसार लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थी को ही साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। अंतिम मेरिट लिस्ट लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार के अंकों के आधार पर तैयार होती है, लेकिन आरटीयू ने यह प्रक्रिया नहीं अपनाई। 



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फैकल्टी मेंबर्स ने लिए साक्षात्कार 

साक्षात्कार लेने वाले पैनल में वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मा सौंपा जाता है। यहां भी आरटीयू ने मनमानी की। गेस्ट फैकल्टी के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी बीटेक, एमटेक व पीएचडी धारक तक हैं। नियमानुसार उनका साक्षात्कार पीएचडी फैकल्टी द्वारा लिया जाना चाहिए, लेकिन इसे लेकर भी आरटीयू ने स्पष्ट जानकारी नहीं दी। साथ ही एमबीए और एमसीए विभागों की फैकल्टी को लेकर कोई गाइड लाइन नहीं दी। 



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साल भर बाद भी आदेशों की पालना नहीं

वर्ष 2015 में सीएएस स्कीम के तहत हुई 40 पदोन्नतियों में गड़बड़ी उजागर होने के बाद मामले की जांच एसीबी व निदेशालय स्तर पर जारी है। तकनीकी शिक्षा विभाग ने 1 सितंबर 2016 को आदेश जारी किए थे,  जिसके अनुसार सीएएस के लाभार्थियों के वरिष्ठता, सहित दिए पदनाम एवं दिए गए समस्त लाभ जुलाई 2015 के साक्षात्कार के पूर्व के रहेंगे। बावजूद इसके गेस्ट फैकल्टी के लिए गाइड लाइन जारी करने वाले सदस्यों में एक केएस ग्रोवर ने प्रोफेसर पदनाम लगाया हुआ है।

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