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मृतक किसान की पत्नी बोली- परिवार पालने के लिए चाहिए नौकरी

Patrika news network Posted: 2017-07-13 09:12:14 IST Updated: 2017-07-13 10:48:01 IST
  • मृतक किसान सत्यानारायण की पत्नी सुनीता ने पत्रकारों से कहा, उनके पति मंडी में लहुसन बेचने गए थे, वहां लहसुन के दाम सुनकर उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई। मेरे पति ने आत्महत्या नहीं की, कुछ नेता गलत बयान दे रहे हैं। मुझे जीवन चलाने के लिए नौकरी चाहिए। वह भी इस साल।

कोटा.

राजपा नेता और विधायक डॉ. किरोड़ीलाल मीना बुधवार को कोटा पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस में फसल के दाम नहीं मिलने और कर्ज के कारण मरने वाले किसानों के परिजनों से मुलाकात की। उनकी बात सुनकर किरोड़ी ने आर्थिक सहायता दिलाने के लिए संघर्ष करने का आश्वासन दिया। इस दौरान वहां मौजूद 



मृतक किसान सत्यानारायण की पत्नी सुनीता ने पत्रकारों से कहा, उनके पति मंडी में लहुसन बेचने गए थे, वहां लहसुन के दाम सुनकर उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई। उन्होंने आत्महत्या नहीं की सदमे से उनकी मौत हुई है।  करीब 6-7 लाख रुपए बैंक का ऋण माथे था। बैंक से नोटिस आए थे। बैंक वाले परेशान कर रहे थे। दो-तीन नोटिस आए। 


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मेरे पति ने आत्महत्या नहीं की, कुछ नेता गलत बयान दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुझे जीवन चलाने के लिए नौकरी चाहिए। वह भी इस साल, दसवीं या बारहवीं पास पात्रता की कोई भी नौकरी करने के लिए तैयार हूं। वर्ष 2017 खत्म होने से पहले नौकरी मिलनी चाहिए। 


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मृतक सत्यनाराण मीना के भाई मुकेश मीना ने कहा, मंडी समिति मुआवजा देने में आनाकानी कर रही है। मंडी चेयरमैन ने कहा है कि यह प्रकरण मुआवजे के दायरे में नहीं आता है। भाई पर कर्ज था, करवाड़ बैंक में केसीसी का खाता है। वहां से बैंक वाले आए दिन आते रहते हैं। मरने से एक दिन पहले भी बैंक वाले कर्ज का ताकाजा करने आए थे। 


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इस पर डॉ. किरोड़ी ने कहा कि मृतक किसानों के आश्रितों को लेकर मैं कोई औचक कार्रवाई करने की सोच रहा हूं। हम चुप नहीं बैठेंगे, क्योंकि किसान की मजबूरी समझते हैं। सभी मृतक किसानों के घर उनके परिवार का हाल जानने के लिए सांसद और विधायक तक नहीं पहुंचे। कुछ जगह घडि़याली आंसू बहाने जरूर गए। 


उनकी बात सुन मृतक किसानों के परिजनों ने कहा न्याय दिलाआे, हम आपके साथ हैं, जो भी कहेंगे वो करने को तैयार हैं। सैकड़ों नेता आए-गए, लेकिन कुछ करते नहीं। राजनीतिक कर चले जाते हैं।

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