न खुद की परवाह न परिवार की, बिजली के खंभों तक बढ़ा लिए मकान, छज्जों से छू रहे तार

Patrika news network Posted: 2017-04-16 09:02:26 IST Updated: 2017-04-16 09:02:26 IST
न खुद की परवाह न परिवार की, बिजली के खंभों तक बढ़ा लिए मकान, छज्जों से छू रहे तार
  • शहर में मकानों की बढ़ती कीमतें और लोगों का खुद का आशियाना बनाने का सपना। दोनों में सामंजस्य नहीं बैठ पाने से लोग अपनी जिंदगियों को खतरे में डालकर यह सपना पूरा करने की कोशिश में लगे हैं।

कोटा .

शहर में मकानों की बढ़ती कीमतें और लोगों का खुद का आशियाना बनाने का सपना। दोनों में सामंजस्य नहीं बैठ पाने से लोग अपनी जिंदगियों को खतरे में डालकर यह सपना पूरा करने की कोशिश में लगे हैं। जरा सी जगह खरीदने के बाद आस-पास की जगह को भी अतिक्रमण कर मकान निर्माण में शामिल कर रहे हैं, इस कोशिश में यह भी नहीं देखा जा रहा कि मकान बाहर लगे विद्युत खंभों तक को छू रहा है। यही अनदेखी उनके परिवार पर कभी भी भारी पड़ सकती है। 


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विद्युत लाइनों से दूरी के विद्युत अधिनियम के तहत मापदण्ड निर्धारित किए हुए हैं, यदि इनसे कम दूरी है तो लोगों पर खतरा मण्डरा रहा है। शहर में विज्ञान नगर, संजय नगर, इंदिरा गांधी नगर, बापू बस्ती कुन्हाड़ी, संतोषी नगर, विनोबाभावे नगर समेत कई एेसे इलाके हैं, जहां लोगों ने अपने मकानों के छज्जों में ही बिजली के खंभों को चुन दिया।  बरसात के दौरान खंभों और तारों के गीला होने से मकान में करंट उतरने के कई मामले सामने आते हैं, कई लोगों की तो करंट से जाने भी जा चुकी है, इसके बाद भी लोग खतरे से खेल रहे हैं।


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प्लास्टिक चढ़ाकर समझा रहे मन

शहर में जिन्होंने अपने मकानों को बिजली के खंभों तक बढ़ा लिया है, वे मकान के आस-पास खंभे के तारों पर प्लास्टिक का पाइप बीच में से चीरकर तार पर चढ़ा देते हैं और करंट के खतरे से अपने को दूर मान लेते हैं, लेकिन यह उनकी भूल है। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार एचटी लाइनों में तारों में मैग्नेटिक फील बनता है और पाइप होने के बाद भी करंट लग सकता है। इसके साथ ही पाइप बीच में से कटा होने के कारण बरसात में पानी व पाइप के संपर्क में होने के कारण मकान में करंट उतरने की भी आशंका रहती है।


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1.2 मीटर से कम दूरी खतरे की घंटी

विद्युत अधिनियम 2003 के अनुसार भवन निर्माण करते समय बालकनी या छज्जों के निकट से गुजर रही विद्युत लाइन से कम से कम 1.2 मीटर की दूरी रखना अनिवार्य है। इससे कम दूरी घातक हो सकती है। विद्युत निगम की ओर से एेसे उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए जाते हैं, जिला प्रशासन को भी अवगत कराया जाता है, लेकिन इस खतरे को दूर करने के लिए कोई उपाय नहीं किए जा रहे।

विद्युत लाइनों से सटाकर बनाए गए मकान उनमें रह रहे लोगों के लिए घातक है। कंपनी की ओर से उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। जिला प्रशासन को भी अवगत कराया जाएगा। 

एस.पॉल मजूमदार, सीओओ सीईएससी कोटा

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