आट्र्स कॉलेज के पास रहेगा मूल महाविद्यालय भवन, साइंस के लिए तलाशी नई जमीन

Patrika news network Posted: 2017-04-19 09:52:23 IST Updated: 2017-04-19 09:52:23 IST
आट्र्स कॉलेज के पास रहेगा मूल महाविद्यालय भवन, साइंस के लिए तलाशी नई जमीन
  • राजकीय महाविद्यालय के एेतिहासिक स्वरूप और जेडीबी कॉलेज की वन संपदा पर छाया संकट खत्म हो गया है। जिला कलक्टर ने मूल महाविद्यालयों की इमारत आट्र्स कॉलेज को सौंपने की सरकार से सिफारिश की है।

कोटा .

राजकीय महाविद्यालय के एेतिहासिक स्वरूप और जेडीबी कॉलेज की वन संपदा पर छाया संकट खत्म हो गया है। जिला कलक्टर ने मूल महाविद्यालयों की इमारत आट्र्स कॉलेज को सौंपने की सरकार से सिफारिश की है। 


इस पर पांचों कॉलेज के प्राचार्यों ने भी सहमति जता दी है। साइंस कॉलेज शिफ्ट होना चाहेंगे तो उनके लिए नई जगह भी तलाश ली गई है। गल्र्स और ब्वॉयज कॉमर्स कॉलेजों को एक ही जगह संचालित करने का प्रस्ताव भी सरकार को भेजा गया है। 


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राजकीय महाविद्यालय और जेडीबी कॉलेज की मूल इमारत को लेकर पिछले दो साल से शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों के बीच तनातनी चल रही है। कॉलेज आयुक्तालय भी बार-बार फैसला बदलता रहा। हालात यह हैं कि विवाद से शहर की शांति व्यवस्था पर भी संकट मंडराने लगा। तमाम शिकायतों और वाद-विवाद से नाराज उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने जिला कलक्टर डॉ. रवि कुमार सुरपुर से आधारभूत संसाधनों के आधार पर कॉलेजों के बंटवारे की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी थी। 


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साथ रहो या मल्टीपरपज में जाओ 

राजकीय विज्ञान कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रीटा गुलाटी ने बैठक में बताया कि रूसा और यूजीसी की ग्रांट के कारण साइंस कॉलेज को कहीं दूसरी जगह शिफ्ट करना संभव नहीं है। यदि ऐसा होता है तो प्रशासनिक और व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। इस तर्क को बैठक में मौजूद सभी पक्षों ने खारिज कर दिया और तय हुआ कि पांच हजार से ज्यादा छात्रा संख्या देखते हुए जेडीबी कॉलेज का इन्फ्रास्ट्रक्चर आट्र्स कॉलेज के लिए ज्यादा उपयुक्त है। ऐसे में या तो साइंस और आट्र्स कॉलेज एक ही जगह रहें, नहीं तो साइंस कॉलेज मल्टी परपज स्कूल में स्थापित कर दिया जाए। 


निकाला रास्ता 

जिला कलक्टर ने 15 अप्रेल को राजकीय महाविद्यालय विज्ञान, राजकीय कला महाविद्यालय, राजकीय कला कन्या महाविद्यालय, राजकीय  विज्ञान कन्या महाविद्यालय और राजकीय वाणिज्य कन्या महाविद्यालयों  के प्राचार्यों और जिला प्रशासन की बैठक बुलाई। सभी कॉलेजों की वास्तविक स्थिति पता करने के बाद बैठक में तय हुआ कि राजकीय वाणिज्य कन्या महाविद्यालय को कॉमर्स कॉलेज की जमीन पर शिफ्ट कर दिया जाए। यहां 30 हजार वर्ग मीटर भूमि अविकसित और खुली पड़ी है। गल्र्स कॉलेज की नई इमारत का निर्माण इस जगह करने से छात्र-छात्राओं को  वाणिज्य की पढ़ाई से जुड़े सभी घटक एक ही जगह पर उपलब्ध हो जाएंगे। बैठक में सर्वसम्मति बनने के बाद बंटवारे पर सभी पक्षों ने दस्तखत कर दिए। इसके बाद जिला प्रशासन ने रिपोर्ट सरकार को भेज दी है।


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पुरानी इमारत में चलेगा आट्र्स कॉलेज

बैठक में राजकीय कला महाविद्यालय और राजकीय महाविद्यालय विज्ञान के प्राचार्यों ने भी छात्र संख्या, प्रयोगशाला, उपलब्ध भवन और रूसा और यूजीसी के अनुदान की जानकारी रखी। विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से तय हुआ कि मूल महाविद्यालय की इमारत कला महाविद्यालय को सौंप दी जाए। विज्ञान महाविद्यालय को रघुनाथ हॉस्टल के पीछे खाली पड़ी जमीन पर शिफ्ट कर दिया जाए। दूसरे विकल्प के तौर पर यदि साइंस कॉलेज पुरानी इमारत में ही रहना चाहे तो प्रयोगशालाएं छोड़कर बाकी बचा परिसर आट्र्स कॉलेज को देना होगा। 

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