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विधायक ने विधानसभा के पटल पर उजागर किया नगर निगम का सच,'शहर में जानलेवा हो गई गंदगी'

Patrika news network Posted: 2017-03-11 10:15:22 IST Updated: 2017-03-11 10:17:21 IST
विधायक ने विधानसभा के पटल पर उजागर किया नगर निगम का सच,'शहर में जानलेवा हो गई गंदगी'
  • स्वच्छता का सपना कैसे साकार होगा? शहर में डोर-टू-डोर सफाई व्यवस्था क्यों लागू नहीं हुई ? सफाई कर्मचारियों की भर्ती क्यों नहीं की गई?

कोटा.

पार्टी विधायक ने ही की भाजपा शासित निगम की घेराबंदी अफसोस जताया, पूरी तरह चरमरा गई है व्यवस्था 


स्वच्छता का सपना कैसे साकार होगा? शहर में डोर-टू-डोर सफाई व्यवस्था क्यों लागू नहीं हुई ? सफाई कर्मचारियों की भर्ती क्यों नहीं की गई? 

ये तीखे सवाल शुक्रवार को विधानसभा के पटल पर आए। कोटा दक्षिण के भाजपा विधायक संदीप शर्मा ने ये सवाल उठाते हुए कहा, 'कोटा में गंदगी जानलेवा साबित हो रही है। पिछले वर्ष शहर में डेंगू , मलेरिया , चिकनगुनिया से लोग पीडित  हुए थे। कई लोगों की अकाल मौत तक हो गई थी। स्मार्ट सिटी बनाने के लिए स्वच्छता जरूरी है।


शर्मा ने सदन में पर्ची के माध्यम से यह मसला उठाते हुए कहा, 'बातों से शहर साफ नहीं होगा। पर्याप्त सफाई कर्मचारी नहीं है, फिर कैसे सफाई हो। उन्होंने मंत्री से पूछा कि सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया क्यों अटका रखी है और  कब तक सरकार इसे पूरा करेगी ?


विधायक शर्मा ने कहा, 'कोटा  10 लाख की जनसंख्या वाला शहर है। जिसका 65 वार्डो में वर्गीकरण किया गया है।  वार्डो में सफाई का जिम्मा नगर निगम का है, लेकिन अफसोस है कि व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। देशभर से 1.5 से 2 लाख विद्यार्थी प्रतिवर्ष कोटा आकर पढ़ाई करते है। 


हर रोज सुबह- शाम कई टन कचरा निकलता है। पूरा शहर गंदगी से अटा पड़ा रहता है। वार्ड में सफाई व्यवस्था के सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था होती है, लेकिन कोटा शहर के वार्डों में नगर निगम सफाई व्यवस्था के नाम पर विफल रहा है। निगम में केवल 746 स्थाई सफाई कर्मचारी ही कार्यरत है। कर्मचारी कम होने के कारण शहर की सफाई नहीं हो पाती है। तीन साल से सफाई कर्मचारियों की भर्ती सरकार ने अटका रखी है।


 मंत्री बोले-लंबे समय से कोशिश जारी

स्वायत्त शासन मंत्री श्रीचन्द कृपलानी ने सदन में बताया की कोटा की सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करने का प्रयास काफी  समय से किया जा रहा है।  मई 2012 में सफाई कर्मचारियो के 762 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। कोटा में 1247 अभ्यर्थियों का चयन कर सूची जारी कर दी गई। 


भर्ती में अनियमितता की जांच जिला कलक्टर से करवाई गई थी। निगम में 64 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति दी जा चुकी है।  मंत्री ने कहा कि न्यायालय के निर्णय की पालना में विभाग स्तर पर विस्तृत परीक्षण करके शेष भर्तियों के सम्बन्ध में शीघ्र ही निर्णय कर लिया जाएगा।

रटारटाया जवाब 

शहर की सफाई व्यवस्था सुचारू करने के लिए निगम लगातार प्रयासरत है। सफाई के नए टेण्डर की प्रक्रिया जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। सफाई के सुपरविजन के लिए प्रत्येक वार्ड में दो कर्मचारी लगाए जाएंगे। सफाई कर्मचारियों का मसला सरकार को भेज रखा है। 

महेश विजय, महापौर

rajasthanpatrika.com

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