Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

सफाई ठेकेदारों पर फिर मेहरबान हुआ नगर निगम

Patrika news network Posted: 2017-05-16 20:06:40 IST Updated: 2017-05-16 20:06:40 IST
सफाई ठेकेदारों पर फिर मेहरबान हुआ नगर निगम
  • सफाई में अव्यवस्था के चलते शहर स्वच्छता सर्वेक्षण की रेटिंग में पिछड़ गया, इसके बाद भी निगम प्रशासन संजीदा नजर नहीं आ रहा। इसी की बानगी है, निगम प्रशासन की ओर से हाल ही में जारी किए गए सफाई के नए ठेके। जिनकी शर्तों को मानने के लिए ठेकेदार बिल्कुल भी तैयार नहीं है।

कोटा.

शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए एक ओर भले ही महापौर, उप महापौर व निगम आयुक्त ने सख्त निर्देश जारी कर रहे हों, लेकिन धरातल पर इनकी पालना के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं होते दिखाई नहीं दे रहे।


निगम प्रशासन की ओर से सफाई के नए टेण्डरों के बाद संबंधित कॉन्ट्रेक्टर फर्मों को जारी किए वर्क ऑर्डर में सफाई व्यवस्था के लिए कई नई शर्ते भी जोड़ी हैं तथा इनकी पालना नहीं होने पर जुर्माने का प्रावधान रखा है। लेकिन पहले दिन से ही कॉन्ट्रेक्टर फर्मों की ओर से वर्क ऑर्डर में शामिल शर्तों की धज्जियां उड़ाना शुरू कर दिया है। निगम प्रशासन की ओर से इन फर्मों के कार्यों पर निगरानी के लिए सफाई निरीक्षकों के साथ-साथ जेईएन-एईन भी लगाए हुए हैं, लेकिन नियमों की अवहेलना के बावजूद कॉन्ट्रेक्टर फर्मों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। शहर में नई सफाई व्यवस्था मात्र कागजों में ही शुरू हुई है, छह दिन बीत जाने के बाद भी पूरा काम पुराने ढर्रे पर ही चल रहा है।


Read More: बिना इजाजत करा रहे थे शादी, अब लटकेगा ताला


बायोमेट्रिक मशीन से नहीं लग रही हाजिरी

टेण्डर की शर्तों के अनुसार सफाईकर्मियों की हाजिरी बायोमेट्रिक मशीनों से होनी चाहिए, लेकिन अधिकतर सफाई सेक्टरों में अब भी बायोमेट्रिक मशीनों से हाजिरी नहीं हो रही। कॉन्ट्रेक्टर फर्मों ने सफाईकर्मियों को रिफ्लेक्टर जैकिट या मास्क कुछ भी उपलब्ध नहीं कराए। सफाई कर्मियों का नाम, पता, मोबाइल नम्बर, आधार नम्बर आदि कोई रिकॉर्ड सेक्टर कार्यालयों पर नहीं है।


Read More: दफ्तरों में गंदगी और कबाड़ देखकर बिफरे कलक्टर


उपमहापौर के वार्ड तक में अनदेखी

पत्रिका टीम ने मंगलवार को शहर के कई वार्डों में जाकर देखा तो कहीं भी नई शर्तों की पालना होती दिखाई नहीं दी। वार्ड एक में बूंदी रोड स्थित रेलवे ओवर ब्रिज पर सफाई कर रहे कर्मचारियों के पास टूटी ट्रोलियां थी, उन्होंने कोई रिफ्लेक्टर जैकेट नहीं पहनी थी, स्वास्थ्य को हानि पहुंचने से रोकने के लिए उन्होंने रुमाल ही मुंह पर बांधे हुए थे, उन्हें कोई मास्क उपलब्ध नहीं कराया गया था। उप महापौर एवं सफाई समिति की अध्यक्ष सुनीता व्यास के वार्ड 59 में भी यही नजारा था।

rajasthanpatrika.com

Bollywood