Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

जेईएन कागज पर लिखकर बताती थी रिश्वत में किसकी कितनी हिस्सेदारी, जानकर आप भी चौक जाएंगे...

Patrika news network Posted: 2017-07-13 08:27:49 IST Updated: 2017-07-13 08:27:49 IST
जेईएन कागज पर लिखकर बताती थी रिश्वत में किसकी कितनी हिस्सेदारी, जानकर आप भी चौक जाएंगे...
  • रिश्वत लेते गिरफ्तार हुई जिला परिषद के जल ग्रहण विभाग की कनिष्ठ अभियंता प्रीति सेन रिश्वत मुंह से बोलकर नहीं मांगती। बाकायदा कागज पर लिखकर हिसाब बताती थी और उच्च अधिकारियों तक को रिश्वत का हिस्सा पहुंचाने का जिक्र करतीं थी।

कोटा.

रिश्वत लेते गिरफ्तार हुई जिला परिषद के जल ग्रहण विभाग की कनिष्ठ अभियंता प्रीति सेन रिश्वत मुंह से बोलकर नहीं मांगती। बाकायदा कागज पर लिखकर हिसाब बताती थी और  उच्च अधिकारियों तक को रिश्वत का हिस्सा पहुंचाने का जिक्र करतीं। उसने जरा से भुगतान के लिए डेढ़ साल से परेशान कर रखा था। एेसे में एसीबी में शिकायत करनी पड़ी।


यह कहना है केसर बाग पुलिस लाइन निवासी ठेकेदार फारुख का। जेईएन समेत तीन जनों के खिलाफ रिश्वत की शिकायत देने वाले फारुख ने बताया कि उन्होंने मवासा में डेढ़ साल पहले 6 लाख रुपए में एनिकट का निर्माण कार्य किया था। जिसके बिल का भुगतान करने की एवज में जेईएन  प्रीति सेन कमीशन की मांग कर रही थी।  सेन ने 6 लाख में से 5.40 लाख रुपए का ही भुगतान करने को कहा। ऐतराज भी किया, लेकिन वह नहीं मानी। 


Read More: OMG! अभी तो नौकरी भी पक्की नहीं हुई, लेने लगी रिश्वत...

फारुख ने कहा कि जब 60 हजार रुपए कम  भुगतान  कर रहे हो तो कमीशन नहीं देंगे, लेकिन वह नहीं मानी और एक साल पहले 3 लाख रुपए का भुगतान किया। उस समय उसने उच्च अधिकारियों के नाम से 20 हजार रुपए रिश्वत ली थी। 2.40 लाख रुपए का बकाया भुगतान का चेक पास  करने के लिए एक साल से चक्कर कटवा रही है। चेक पर जेईएन, सरपंच व सचिव तीनों के हस्ताक्षर होते हैं। जेईएन ने 45 हजार रुपए, सरपंच रमेश कुमार व  सचिव सुरेश कुमार ने 20 हजार की मांग की थी। बड़ी मुश्किल से जेईएन को 25 हजार और सरपंच व सचिव को 18 हजार रुपए लेने  के लिए माने। 


Read More:  हैंगिंग ब्रिज चालू करवाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया जमकर प्रदर्शन, गिरफ्तारियां दी

ठेकेदार ने बताया कि उसके नए काम के भी करीब 7.50 लाख रुपए बकाया है। उनके अन्य जगहों पर करीब दो से ढाई करोड़ रुपए  के काम चल रहे हैं। रिश्वत लेते धरा गया सचिव सुरेश जल ग्रहण समिति में तीन हजार रुपए मासिक मानदेय पर कार्यरत है। सूत्रों के अनुसार समिति में सरपंच अध्यक्ष होता है। चेक पर हस्ताक्षर करने के लिए जेईएन, सरपंच व सचिव तीनों ही अधिकृत हैं।

सिंचाई विभाग में भी कमीशन की मांग

फारुख ने बताया कि उन्होंने सिंचाई विभाग में भी काम किया है। जिसका बकाया भुगतान करने की एवज मे इंजीनियर 6 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं। इंजीनियर मेरा फोन नहीं उठा रहे, लेकिन प्रीति ने फोन किया तो उन्होंने उठा लिया और कॉफ्रेंस पर उनकी बात भी करवाई। 


Read More: Video : राजपूत हुए उग्र, आनंदपाल एनकाउण्टर की सीबीआई जांच नहीं हुई तो उखाड़ेंगे पटरियां, रोकेंगे ट्रेन-हाईवे

एस्टीमेट नहीं बनाया

फारुख ने बताया कि उनका मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन योजना के तहत भी काम होना है, लेकिन जेईएन प्रीति सेन उसका एस्टीमेट तैयार नहीं कर रही है। एस्टीमेट बनाने के लिए भी रिश्वत मांग रही है। रुपए नहीं देने के कारण वह काम भी अटका हुआ है। 


घर की तलाशी ली

एसीबी विशेष यूनिट के निरीक्षक रमेश आर्य ने जेईएन प्रीति सेन के घर की तलाशी ली। आर्य ने बताया कि वहां एक एटीएम कार्ड मिला है। तीन मंजिला मकान है, जिसमें पूरा परिवार रहता है। स्कूटी व बाइक इसके पिता के नाम है। इसके नाम कोई विशेष नहीं मिला।


अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच 

एसीबी के एएसपी ठाकुर चंद्रशील ने बताया कि इस मामले में सत्यापन के दौरान जेईएन द्वारा कई अन्य अधिकारियों को भी रिश्वत की राशि का हिस्सा पहुंचाने की बात कही गई है। उनके नाम भी सामने आ रहे हैं। इसकी भी जांच की जाएगी कि इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।     


ये रहे टीम में शामिल 

अधिकारियों के अलावा कार्रवाई के दौरान हैड कांस्टेबल सुवालाल, दिलीप सिंह, नरेंद्र सिंह, सत्येंद्र सिंह, हेमंत, जोगेंद्र, भरत सिंह, असलम, मो. खालिक, शबाना, सरोज, देवेन्द्र व मनोज शामिल थे।

rajasthanpatrika.com

Bollywood