baisakhi festival: फिजा में घुली कीर्तन की धुन तो संगत हो गई निहाल

Patrika news network Posted: 2017-04-13 22:53:55 IST Updated: 2017-04-13 22:53:55 IST
baisakhi festival: फिजा में घुली कीर्तन की धुन तो संगत हो गई निहाल
  • गुरुद्वारा अगमगढ़ साहिब में गुरुवार को बैसाखी पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। लोगों ने गुरुग्रन्थ साहिब के सम्मुख मत्था टेका व सुख-समृद्धि की कामना की।

कोटा.

गुरुद्वारा अगमगढ़ साहिब में गुरुवार को बैसाखी पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। लोगों ने गुरुग्रन्थ साहिब के सम्मुख मत्था टेका व सुख-समृद्धि की कामना की। हजूरी रागी जत्थों ने शबद-कीर्तन सुनाकर संगत को निहाल किया। कीर्तन की मधुर धुन फिजां में घुलती रही। अगमगढ़ साहिब में बनाया गया विशाल हॉल श्रद्धालुओं से अटा हुआ था। हर कोई गुरुग्रन्थ साहिब के दरबार में कीर्तन का आनंद ले रहा था। गुरुद्वारा अगमगढ़ साहिब के जत्थेदार बाबा लक्खा सिंह व बाबा बलविंदर सिंह के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में अमृतसर से आए हजूरी रागी सतनाम सिंह ने कीर्तन करते हुए 'मेरे मन राम अमृत पीयो..., मन बेचे सतगुरु के पास, तिस सेवक के कारज रास..., प्राण के बचीयेया दूध पूत के गवैया...सरीखे शबद सुनाकर मंत्रमुग्ध किया।


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गुरुद्वारा साहिब के हजूरी रागी गुलाब सिंह ने भी शबद कीर्तन किए। आयोजन स्थल वाहे गुरुजी का खालसा वाहे गुरुजी की फतेह सरीखे उद्घोष से गूंज उठा। सुखविंदर सिंह ने बताया कि शुक्रवार सुबह 8 बजे अमृत संचार कार्यक्रम होगा।

बच्चों ने भी जलाई भक्ति की ज्योत

कार्यक्रम में गुरु नानक पब्लिक स्कूल के बच्चों ने 'अमृत की सार सोयी जाने जो अमृत का वैपारी जीयो..., प्रगट्यो खालसा परमात्मा की मौज... सरीखे कई शबद सुनाकर संगत को मंत्रमुग्ध किया।

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दुख-दर्द बांटो

अमृतसर से आए कथावाचक सरबजीत सिंह ने कहा कि मन में सेवा का भाव रखो। एक-दूसरे के सुख-दुख के सहयोगी बनो। कभी किसी का मन मत दुखाओ। ज्ञानी गुरनाम सिंह अंबालवी ने भी संबोधित किया।

इन्होंने की शिरकत

हनुमानगढ़ के बलका सिंह, गुजरात के बाबा हरजीत सिंह का भी श्रद्धालुओं को सान्निध्य मिला।पूर्व मंत्री शांति धारीवाल, पूर्व सांसद इज्यराज सिंह, बूंदी विधायक अशोक डोगरा समेत अन्य ने कार्यक्रम में शिरकत की। कोटा सिख प्रतिनिधि सोसायटी अध्यक्ष तरुमीतसिंह बेदी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।


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दिखा सेवा का भाव

कार्यक्रमों में लोगों में सेवाभाव भी नजर आया। कोई लंगर में सहयोग कर रहा था, कोई चरण पादुकाओं की निगरानी कर रहा था। केशवरायपाटन के सुरजीत सिंह ने बताया कि चरण पादुकाओं की निगरानी के लिए करीब 25 से 30 सेवादार लगे थे।

102 यूनिट रक्तदान

बीएस आनन्द ने बताया कि आयोजन के दौरान चिकित्सा व रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। गुरुनानक वेलफेयर ट्रस्ट व कोटा ब्लड बैंक सोसायटी के सहयोग से 102 यूनिट रक्त एकत्र किया गया।

छका अटूट लंगर

इस मौके पर गुरु का अटूट लंगर बरता गया, जिसे हजारों लोगों ने छका। लोग प्रेमपूर्वक महाप्रसाद ग्रहण कर रहे थे, वहीं कई लोग लंगर छकाने में मदद कर रहे थे। सुखविंदर सिंह ने बताया कि करीब 15 से 20 हजार लोगों ने लंगर छका, करीब 800 लोगों ने लंगर की व्यवस्था में सहयोग किया।


मेले का लुत्फ

बैसाखी के मौके पर गुरुद्वारा परिसर में मेले का आयोजन किया। इसमें दर्जनों दुकानें लगी। इन पर दिनभर भीड़ लगी रही। खाने-पीने व धार्मिक वस्तुओं के अलावा कई घरेलू उपयोग की वस्तुएं भी मेले में बिकने आईं। गुरुद्वारे के आस-पास दर्जनों दुकानें जमा थीं।


कबड्डी-कबड्डी

गुरुद्वारा अगमगढ़ साहिब में कबड्डी प्रतियोगिता हुई। इसमें कोटा, बूंदी, श्योपुर व बरुनी की टीमों ने भाग लिया। प्रारंभिक मुकाबले में कोटा ने बरुनी को हराया। दूसरे मुकाबले में श्योपुर ने बूंदी को हराया। फाइनल श्योपुर व कोटा के बीच हुआ। इसमें कोटा टीम ने श्योपुर को हराया। 

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