खुलासा: कैमरे बंद कर मिलते थे अनूप और जेलर

Patrika news network Posted: 2017-04-13 09:10:01 IST Updated: 2017-04-13 09:23:21 IST
खुलासा: कैमरे बंद कर मिलते थे अनूप और जेलर
  • जेलर बत्तीलाल मीणा ही नहीं, जेल में कोई अधिकारी किसी से कम नहीं है। सभी जमकर वसूली कर रहे हैं। जेल अधीक्षक को भी इस बारे में पूरी जानकारी है।

कोटा.

मिलने से पहले एमसीबी डाउन कर देता था जेलर बत्तीलाल 

फिर भी कुछ फुटेज हैं कैद सीसीटीवी कैमरे में

जेल में वसूली का खेल चला रहे जेलर बत्तीलाल मीणा और शातिर अपराधी अनूप पाडि़या का रोजाना का मिलना जुलना था। जेलर जब भी अनूप या अन्य बंदियों से मिलने उनकी बैरक की तरफ जाता तो  कैमरे की नजर से बचने के लिए  वह एमसीबी डाउन कर देता था। बावजूद इसके दोनों खुद को कैमरे की नजर से नहीं बचा सके। 


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एसीबी सूत्रों के अनुसार जेल में लगी तीन एमसीबी से अलग-अलग क्षेत्रों के सीसीटीवी कैमरे संचालित होते हैं। जेलर बत्तीलाल मीणा जब भी अनूप या अन्य बंदियों से मिलने उनकी बैरक की तरफ जाता, उस क्षेत्र की एमबीबी डाउन कर देता। इससे कैमरों की रिकॉडिंग स्वत: बंद हो जाती। वापस लौटने पर उन्हें चालू करता। लेकिन, इसके बावजूद  दोनों कैमरे की नजर से नहीं बच सके। सूत्रों के अनुसार एसीबी ने जेल से सीसीटीवी कैमरों की जो डीवीआर प्राप्त की है। 


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रिकॉडिंग देखने से पता चला कि 3 अप्रेल की रात करीब 9 बजे जेल में एसीबी की कार्रवाई से पहले करीब 8.30 बजे बत्तीलाल मीणा और अनूप दोनों बैरक से निकलकर बाहर आते हुए और जेलर के कक्ष में जाते हुए नजर आ रहे हैं। कक्ष में  एक अन्य जेलर भी उनके साथ नजर आ रहा है। जबकि रात को जेल बंद होने के बाद कोई भी बंदी बैरक से बाहर नहीं आ सकता। 


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अंकुर ने उठाया था राजू का फोन 

एसीबी सूत्रों के अनुसार 3 अप्रेल की रात को जब राजू ने अनूप को उसके मोबाइल पर फोन किया तो वह उसके भाई अंकुर ने उठाया था। उस समय अंकुर ने  उसे जवाब दिया था कि भाई साहब तो जेलर के पास गए हैं। यह बात राजू ने एसीबी को पूछताछ में बताई।  


जेल से जब्त की हार्डडिस्क 

एसीबी ने तीन दिन पहले सीज किए जेल के सीसीटीवी कैमरों की हार्डडिस्क व डीवीआर को बुधवार शाम को जब्त कर लिया।  सूत्रों के अनुसार 32 सीसीटीवी कैमरों का रिकार्ड न तो पैन ड्राइव में आ सकता था और न ही कम्प्यूटर में। उन्हें देखने में भी परेशानी होती। इसलिए हार्डडिस्क जब्त की गई।  


जेल में बंदियों की तरह रहा जेलर 

कुछ दिन पहले तक  कोटा जेल में अधिकारी के रूप में बंदियों पर रौब झाड़ने वाला जेलर बुधवार को खुद  बीकानेर की सेंट्रल जेल में बंदियों की तरह रहा।  अदालत द्वारा उसे जेल भेजने के आदेश के बाद उसे बुधवार सुबह बीकानेर जेल पहुंचा दिया गया। उसे वहां बंदियों की तरह बैरक में रखा गया। उसने लाइन में लगकर ही अन्य बंदियों की तरह खाना लिया। अदालत के आगामी आदेश तक वह इसी जेल में रहेगा। अनूप को अजमेर जेल में भेजा गया है। 


22 फरवरी से ही टैपिंग पर था अनूप का मोबाइल 

सूत्रों के अनुसार एसीबी के एएसपी को 16 फरवरी को गुप्त सूचना मिली थी। इसमें अनूप द्वारा जेलर से मिलीभगत कर बंदियों के परिजनों से वसूली की जानकारी दी गई थी। इस सूचना पर उन्होंने एसीबी आईज़ी से अनूप का फोन टैपिंग पर लेने की अनुमति चाही। अनुमति मिलते ही 22 फरवरी से ही अनूप के दोनों मोबाइल नम्बरों की टैपिंग की जा रही थी। इसके बाद ही पुख्ता सबूत मिलने पर  एसीबी ने   कार्रवाई की। 

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