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जोधपुर की इस मां का अपने बच्चे पर स्नेह लुटाना पड़ा एेसा भारी कि जन्म के 2 घंटे बाद ही हुई मौत

Patrika news network Posted: 2017-05-15 16:35:50 IST Updated: 2017-05-15 16:35:50 IST
  • माचिया जैविक उद्यान में शेरनी आरटी ने दो शावकों को जन्म दिया। मां ने अपने स्नेह दर्शाने के चक्कर में एक की जान ही ले ली। जबकि दूसरे शावक को बचाने की कवायद के चलते उसे पिंजरे से बाहर निकाल लिया गया।

जोधपुर

माचिया जैविक उद्यान में जूनागढ़ से लाई गई एशियाटिक लॉयन 'आरटी' ने मदर्स डे की पूर्व संध्या पर दो शावकों को जन्म दिया तो समूचे वनविभाग में खुशी की लहर छा गई। लेकिन यह खुशी मात्र दो घंटे के भीतर ही काफूर हो गई जब शेरनी ने स्नेह प्रदर्शित करने के लिए शावकों को मुंह में दबाए घूमना आरंभ किया। उपवन संरक्षक महेन्द्रसिंह राठौड़ ने बताया कि शेरनी के दांत मासूम एक शावक की चमड़ी के आर पार होकर शरीर के भीतर तक धंस जाने से पिंजरे में ही मौत हो गई।


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सीसीटीवी कैमरों पर पूरा नजारा देख रहे वन्यजीव चिकित्सक और अधिकारियों ने तुरंत दूसरे शावक को बचाने के लिए शेरनी आरटी को शावक से अलग कर अपने कब्जे में लिया। माचिया जैविक उद्यान में 7 जून 2016 को मादा एशियाटिक लॉयन 'आरटी' ने प्रथम बार 2 प्री मैच्योर शावकों जन्म दिया था लेकिन शावकों को अस्वीकार करने से एक पखवाड़े के भीतर दोनों शावकों की मौत हो गई थी। दूसरी बार 22 अक्टूबर 2016 को तीन शावकों को जन्म दिया जिनमें दो शावकों की मौत हो गई और तीसरे शावक को मां से अलग कर डॉ. श्रवणसिंह की देखरेख में रखने से उसकी जान बचाने में कामयाबी मिली। तीसरा शावक कैलाश अब करीब 7 माह का हो चुका है। एशियाटिक लॉयन का जोड़ा 17 माचज़् 2016 को जोधपुर लाया गया था।


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गर्भवती शेरनी को जयपुर ले जाने से रूकवाया था पत्रिका टीवी ने

माचिया जैविक उद्यान से 45 दिन की गर्भवती शेरनी आरटी व और लॉयन जीएस को 15 मार्च 2017 को गुपचुप तरीके से जयपुर शिफ्ट करने की कार्रवाई को पत्रिका टीवी की ब्रेकिंग न्यूज प्रसारित होने के तुरंत बाद स्थगित करना पड़ा था। करीब 45 दिन की गर्भवती शेरनी को पिंजरे में बंद कर जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान ले जाने की मंशा का पत्रिका टीवी में खुलासा होने के बाद सरकार में हड़कंप मचा और गर्भवती शेरनी व उसके शावकों की जान खतरे में होने का समाचार देखकर वन अधिकारियों ने जयपुर से लॉयन जोड़े को लेने जोधपुर के माचिया जैविक उद्यान पहुंची टीम को उल्टे पांव लौटने के आदेश जारी किए। उसी शेरनी आरटी ने मदर्स डे की पूर्व संध्या पर दो शावकों को जन्म दिया। 


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शावक को बचाने के प्रयास जारी मां के दूध से वंचित एकमात्र शावक के लिए अमरीका से आयातित विशेष दूध का पॉउडर 'पेटलेक' चार घंटे के अंतराल से पिलाया जा रहा है। प्रसव के बाद नवजात शावक के लिए प्रथम 15 दिन भारी होने के कारण शावक को आब्जर्वेशन में रखा गया है। जीवित बचे दूसरे शावक के शरीर में भी मां के दांत गड़े होने के बाद उसे बचाने के प्रयास जारी है। शावक को माचिया के वन्यजीव चिकित्सालय में बने विशेष वार्ड में विशेष तापमान में रखा गया है। डॉ. श्रवणसिंह राठौड़, वन्यजीव चिकित्सक माचिया जैविक उद्यान जोधपुर।

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