जोधपुर एम्स की ख्याति ग्लोबल लेवल पर, इलाज करवाने इस देश से पहुंचे तीन दोस्त

Patrika news network Posted: 2017-04-14 17:27:41 IST Updated: 2017-04-14 17:28:59 IST
  • जोधपुर एम्स लगातार ऊंचाइयां छू रहा है। अब तो इसकी ख्याति ग्लोबल लेवल पर भी है। यहां दूसरे देश से भी लोग आकर इलाज करवा रहे हैं। यही नहीं साधारण बीमारियों के लिए भी लोग हजारों मील से यहां इलाज करवाने पहुंचते हैं।

देवेन्द्र भाटी/बासनी/जोधपुर.

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर में अक्सर जटिल बीमारियों के इलाज के लिए मरीज आते हैं, लेकिन यहां अब दूसरे देशों से साधारण बीमारियों का इलाज कराने के लिए भी मरीज आने लगे हैं। यहां पिछले साल अपने बेटे के इलाज के दौरान एम्स की सेवाओं से संतुष्ट एक पिता अपने साथ दो दोस्तों को यहां लेकर आया है, जिन्हें कमर दर्द और घुटने में दर्द जैसी आम शिकायत है।


सबसे बड़ी बात ये है कि बांग्लादेश की राजधानी ढाका से कोलकाता, पटना एम्स और दिल्ली एम्स नजदीक है और वहां की सीधी फ्लाइट पड़ती है। फिर भी तीनों ने जोधपुर एम्स को इन बड़े चिकित्सा संस्थानों से ज्यादा तरजीह दी है। कमर दर्द और पंजे में दर्द जैसी साधारण बीमारी का इलाज ज्यादा मुश्किल नहीं है, लेकिन पिछले साल मुर्शीहरहमान मुल्लाह ने अपने बेटे शफात का इलाज यहां कराया था। यहां उसकी सफल सर्जरी के बाद वह जल्द ही लौट गया। यहां की सर्विस और इलाज के कॉन्सेप्ट से वह इतना प्रभावित हुआ कि अपने साथ वह ढाका से दो दोस्तों को लेकर गुरुवार को जोधपुर एम्स पहुंचा। यहां उसे एमएस ऑफिस सेक्शन में विशेष सेवाएं देकर बिना लाइन में खड़े किए डॉक्टर से मिलवाया, जहां उसका इलाज शुरू किया गया है।


READ MORE: महिला कोर्ट में बोलीं जोधपुर एसीपी, 'महिलाओं के लिए पुलिस में होना चाहिए पचास फीसदी आरक्षण'

किसी को कोई जटिल बीमारी नहीं

यूरोलॉजी विभाग में फजलूल हक मुल्लाह (41) ने डॉ. गौतम चौधरी को दिखाया। उसे यूरेनरी टे्रक्सट इंफेक्शन पाया गया है। उसे एक्स-रे और कई परीक्षण कराए हैं। डॉ. चौधरी ने बताया कि फजलूल को कोई जटिल बीमारी नहीं है। उसका इलाज आसानी से यहां किया जा सकता है। उसकी पत्नी आफरीन सुल्ताना के पैर के पंजे में दर्द है। तीसरे जमाल नासिर की कमर में दर्द है। दोनों ने ऑर्थोपेडिक्स विभाग में दिखाया गया है। यहां डॉक्टरों ने उनका कुछ टेस्ट कराए हैं। जिसकी रिपोर्ट आने पर इलाज किया जाएगा।


READ MORE: स्त्री ना देवी है ना जूती ना सिर का ताज.. वो इंसान है और उसके साथ इंसान की तरह ही हो व्यवहार


इनका कहना है

इनमें से एक मुर्शीहर रहमान पहले आ चुका हैं। उसके बेटे के सफल इलाज के बाद वह इस बार अपने तीनों दोस्तों को लेकर आया है। इन्हें एमएस ऑफिस से विशेष सेवाएं दी जाएगी। - डॉ. अरविन्द सिन्हा, अस्पताल अधीक्षक, एम्स जोधपुर।

rajasthanpatrika.com

Bollywood