जोधपुर का अफसर ऑफिस में करवा रहा घर का ये काम, इसकी दादागिरी जान चौंक जाएंगे आप

Patrika news network Posted: 2017-05-19 20:22:19 IST Updated: 2017-05-19 20:22:19 IST
  • जोधपुर सहकारिता भंडार पहले ही आरोपों के दायरे में फंसा हुआ है। इस पर भी यहां का एक अफसर एेसा है जो घर का ये काम अपने ऑफिस में करवा रहा है। इसकी दादागिरी से अंजान बने हुए हैं बड़े अफसर भी।

जोधपुर

राजीव गांधी सहकार भवन में बैठने वाले सहकारिता के एक अफसर ने अपने घर का पांच बोरी गेहूं साफ करने के लिए अपने ही परिसर में स्थित जोधपुर सहकारी उपभोक्ता होलसेल भण्डार के सेंट्रल स्टोर में भेजा। सेंट्रल स्टोर के कार्मिक ने न केवल डरते हुए गेहूं साफ करवाया बल्कि गेहूं लाने, ले जाने के लिए लोडिंग टैक्सी का भाड़ा भी अपनी जेब से वहन किया। ताज्जुब की बात यह है कि भण्डार के कार्यवाहक महाप्रबंधक रामसुख चौधरी को इसकी जानकारी तक नहीं थी।

सहकार भवन में भण्डार का सुपर मार्केट भी संचालित होता है। स्टाफ पार्र्किंग के ऊपर सुपर मार्केट का सेंट्रल स्टोर बना हुआ है, जहां शहर के चारों सुपर मार्केट में सामान की आपूर्ति की जाती है। सहकारिता के एक अफसर ने सुबह 11 बजे लोडिंग टैक्सी में रानी गोल्ड ब्राण्ड के गेहूं की पांच बोरियां साफ-सफाई के लिए सेंट्रल स्टोर भेजी। सेंट्रल स्टोर के कर्मचारियों ने अपने यहां कार्यरत दैनिक वेतनभोगी महिलाओं से उस गेहूं को साफ करवाया। सूत्रों के मुताबिक यह अफसर बुधवार को भी सेंट्रल स्टोर से 500 रुपए की मूंग की दाल फ्री में अपने घर ले गया। इस अफसर से सहकारिता के चतुर्थ श्रेणी व लिपिक स्तर के कर्मचारी परेशान हैं। यह अपने घर के काम करवाता है। यहां तक की छुट्टी के दिन भी कार्मिकों को घर बुलाकर काम थमा देता है। परेशान एक कर्मचारी ने एक दिन मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया तो उससे स्पष्टीकरण मांग लिया गया।

सेंट्रल स्टोर इंचार्ज नरपतसिंह ने झूठ बोला

प्रश्न 1 यह गेहूं कहां से आया?

उत्तर- भण्डार का है। सुपर मार्केट में बेचेंगे।


प्रश्न 2 केवल पांच बोरी गेहूं बेचोगे, मैंने तो कभी गेहूं बिकते हुए नहीं देखा?

उत्तर- कभी-कभी ले आते हैं। दलिया भी करते हैं।

कार्यवाहक जीएम को कुछ पता नहीं

गेहूं के छोटे-छोटे पैकेट बनाकर बेचते हैं। दलिया बनाते हैं। हमारा ही गेहूं है। फिर भी मैं सेंट्रल स्टोर इंचार्ज से पता कर लेता हूं।

रामसुख चौधरी, कार्यवाहक महाप्रबंधक, उपभोक्ता होलसेल भण्डार

(भण्डार के निवर्तमान महाप्रबंधक मधुसूदन शर्मा के साढ़े पांच लाख रुपए रिश्वत लेते एसीबी में धरे जाने के बाद सरकार ने क्रय-विक्रय सहकारी समिति के जीएम रामसुख चौधरी को भण्डार का कार्यवाहक जीएम बनाया।)

सुपर मार्केट काउंटरकर्मी ने खोल दी पोल

पत्रिका संवाददाता- मुझे 5 किलो गेहूं चाहिए?

काउंटरकर्मी - गेहूं नहीं है, आटा है, ले लो।


पत्रिका संवाददाता- आपके यहां गेहूं मिलता है ना?

काउंटरकर्मी- 3 साल पहले मिलता था। अब बंद है।


पत्रिका संवाददाता- आप गेहूं को पिसवाकर दलिया बनाते होंगे?

काउंटरकर्मी- नहीं, हमारे पास तो जगदीश ब्राण्ड का दलिया आता है। केवल इस ब्राण्ड का दलिया ही बेचते हैं। 

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