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जोधपुर में उग्र हो रहे किसान, अब तेज होगा आंदोलन, शुरुआत सद्बुद्धि यज्ञ से

Patrika news network Posted: 2017-06-17 11:51:23 IST Updated: 2017-06-17 11:51:23 IST
  • कलक्ट्रेट के बाहर किसानों का महापड़ाव दूसरे दिन भी जारी सुबह कलक्ट्रेट में घुसने का प्रयास व शाम को पावटा चौराहे पर जाम सरकार की ओर से वार्ता का कोई प्रस्ताव नहीं, गुस्से में किसान

जोधपुर

भारतीय किसान संघ के आह्वान पर कलक्ट्रेट के बाहर अपनी मांगों को लेकर चल रहा संभाग स्तरीय किसान आंदोलन तीसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा। धरना स्थल पर सुबह-सुबह किसानों की संख्या काफी कम हैं। अधिकांश किसान या तो गांव चले गए हैं या अन्य कार्यों के लिए शहर में इधर उधर हो गए हैं। किसानों का कहना है कि दोपहर होते-होते फिर से भीड़ इक_ा हो जाएगी, तब अन्य रणनीति पर कार्य किया जाएगा। महापड़ाव स्थल पर सुबह 11 बजे  से सद्बुद्धि यज्ञ किया जा रहा है। इसके बाद किसान आगे की रणनीति तय करेंगे। महापड़ाव में दो बार किसान उग्र हो गए।


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सुबह किसानों ने जबरन कलक्ट्रेट में घुसने का प्रयास किया, सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोका। शाम को फिर किसान आक्रोशित हो गए और पावटा चौराहे पर जाम लगा दिया। करीब बीस मिनट तक किसानों ने रास्ता रोके रखा। किसान प्रतिनिधियों व पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद जाम खोला गया। किसानों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। उनकी मांगों पर सरकार की ओर से किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं आने से वे गुस्से में हैं। महापड़ाव में दूसरे दिन भी हजारों की तादाद में किसान मौजूद रहे। इधर, दोपहर में शहर के नई सड़क पर किसान जागृति सेवा संस्थान की आेर से पूर्व विधायक नारायण बेड़ा के नेतृत्व में सड़क पर प्याज बिखेरकर प्रदर्शन किया।


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सुबह जब किसान उठे तो उन्होंने अधिकारियों के पहुंचने से पहले कलक्ट्रेट परिसर का गेट खोल दिया और परिसर में घुसने का प्रयास किया। मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उनको रोका। इसके बाद दिनभर किसानों की सभा पड़ाव स्थल पर चलती रही। किसानों को दर्जनभर किसान प्रतिनिधियों ने सम्बोधित किया। उन्होंने विधायक, सांसदों व सरकार को जमकर कोसा। शाम को धरने में मौजूद सैकड़ों युवा किसान अचानक पावटा चौराहे पहुंच गए और रास्ता रोक दिया। उन्होंने जाम लगा दिया। उनका आरोप था कि केवल धरने से कुछ नहीं होगा, सरकार की नींद नहीं उड़ रही है। करीब बीस मिनट तक जाम लगा रहा। आखिरकार किसान प्रतिनिधियों व पुलिस अधिकारियों ने समझाइश कर जाम खुलवाया। कलक्ट्रेट छावनी में तब्दील किया हुआ है। किसानों ने कलक्ट्रेट के पास पार्क में ही दिनभर भोजन पकाया और खाया। किसानों ने पार्क में सफाई अभियान भी चलाया।


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किसी स्तर पर वार्ता नहीं, आंदोलन होगा तेज

इधर, आंदोलन सह संयोजक तुलछाराम सिंवर ने बताया कि फिलहाल प्रदेश स्तर पर किसी भी प्रकार की वार्ता का प्रस्ताव सरकार की ओर से किसान संघ को नहीं मिला है। प्रशासन ने शाम को वार्ता के लिए बुलाया था, लेकिन अधिकांश मुद्दे प्रदेश स्तरीय होने के कारण किसानों ने स्थानीय स्तर पर बातचीत के लिए मना कर दिया। सिंवर ने बताया कि अब आंदोलन तेज किया जाएगा। शाम को कोर कमेटी की बैठक हुई, जिसमें आगामी रणनीति तय की गई। फिलहाल सुविधा व सुरक्षा पहलू को देखते हुए धरना स्थल पर महिलाओं व बच्चों को लाने का निर्णय टाल दिया गया है। इस सम्बंध में आगे की निर्णय किया जाएगा। पड़ाव स्थल पर रसद सामग्री और मंगवा दी गई है। हर गांव से किसानों को पड़ाव में पहुंचने के संदेश भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के सब्र की परीक्षा ले रही है। शनिवार को मौके पर सद्बुद्धि यज्ञ भी किया जाएगा।

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