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जोधपुर पहुंचे किंग खान, कहा आप सबको खम्मा घणी...

Patrika news network Posted: 2017-07-14 18:39:59 IST Updated: 2017-07-14 18:39:59 IST
  • जोधपुर को अभी ज्यादा देखा नहीं है। जोधपुर गाइडस एसोसिएशन में सदस्य बन चुका हूं। पूरे परिवार के साथ पुन: जोधपुर आउंगा। पहले एक बार जोधपुर आ चुका हूं। बहुत खूबसूरत जगह है जोधपुर। जोधपुर में एक फिल्म बनाने की दिली ख्वाहिश है।

जोधपुर।

आप सबको खम्मा घणी

जोधपुर को अभी ज्यादा देखा नहीं है। जोधपुर गाइडस एसोसिएशन में सदस्य बन चुका हूं। पूरे परिवार के साथ पुन: जोधपुर आउंगा। पहले एक बार जोधपुर आ चुका हूं। बहुत खूबसूरत जगह है जोधपुर। जोधपुर में एक फिल्म बनाने की दिली ख्वाहिश है।

जब हैरी मेट सेजल

फिल्म में मेरा रोल हरेन्द्रसिंह मेहरा उर्फ हैरी है। पानी की लहरों को ही सेजल कहा जाता है। जिंदगी में एेसा ही होता है हम केवल सफर के होकर रह जाते है। कभी कभी वास्तविक जिंदगी भूल जाते है। जब से गांव से शहर का हुआ इतना कड़वा हुआ कि जहर हुआ। इसका अर्थ यह नहीं है गांव से शहर जाकर खराब हुआ। हमने अपना देसीपन जब हम भूल जाते है तो खराब होता है। सिम्पल लब स्टोरी है जो प्यार में यकीन जताती है। इम्तियाज की भाषा नई तरह की है जिसे युवा पीढ़ी बेहतरीन तरीके से समझती है। मैने दो दशक पूर्व कई लव स्टोरीज की है। दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे, कुछ कुछ होता है, दिल तो पागल है आदि। इसमें नयापन है। बहुत सारे गाइड्स से मिला हूं। मनोरंजक तरीके लोगों को दिखाते है। गाइड एक कलाकार है। एक गाइड से सारी जिंदगी इसी में बीत जाती है कि दूसरों को खुश कैसे करे। कई बार एेसा होता है जॉब करते है। तीन दशक से काम कर रहा हूं। कहानियां करीब करीब एक जैसी ही होती है। बार बार नए रंग में ढालना। कलाकार और गाइड के बीच कई तरह की समानताएं होती है। हर रोज गाइड के सामने में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक आते है लेकिन वो अपने कार्य को बखूबी अंजाम देता है।

डायरेक्टर जो भी लिखे उस किरदार को निभाने का पूरा प्रयास करता हूं। अलग अलग सिटी में जाता हूं। जोधपुर पहले नहीं आ सका। मेरी टीम ने मेंशन किया। गाइड एसोसिएशन ने आमंत्रित किया। एक मौका मिला जोधपुर आने का। कोशिश होगी जब भी मौका मिले मैं जोधपुर जरूर आ सकूं।

जोधपुर का सौन्दर्य और स्मारक अद्वितीय है। मेरे कई दोस्तों ने फिल्में भी बनाई है। मेरी पत्नी गौरी और दोस्त जोधपुर आते रहते है। जोधपुर के लोगों का अतिथि संस्कार भी अद्वितीय है। मैने यह अनुभव भी किया है। अलग अलग तरह की फिल्में होती है। संदेश हमेशा अच्छाई और धैर्य का। जोधपुर की युवा पीढ़ी लिव लाइफ विथ लोट ऑफ पेशेंस लव एण्ड वाम्र्स फोर इच अदर। मेरी अधिकांश फिल्में भी यह संदेश देने वाली होती है।

गाइड के रूप में सचमुच मेरी तम्मना यही है कि मेरे तीनों बच्चों को देश घुमाऊं । गाइडेंस मां बाप से ही मिलती है। क्यों कि उन्होंने मेरे साथ देश देखा नहीं है। खुशकिस्मती है कि स्टार बनने के बाद अकेले जा नहीं सकता। जिस तरह मेरे पिता ने मुझे देश दिखाया था उसी तरह अपने बच्चों को भी देश दिखाऊं। पत्नी गौरी के जोधपुर जुड़ाव पर शाहरूख खान ने कहा कि हैण्डीक्राफ्ट व्यवसाय से जुड़ी होने के कारण जोधपुर आना जाना रहता है। अगली बार पत्नी और बच्चों के साथ जोधपुर आने की इच्छा है। बॉलीवुड में मुझे मेरे हक से ज्यादा मिला है। हर तरह का रोल करने का मौका मिला है।

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