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हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती, कहा क्या इस शहर के 15 लाख लोग राज्य के नागरिक नहीं हैं?

Patrika news network Posted: 2017-07-18 10:22:55 IST Updated: 2017-07-18 10:22:55 IST
  • हाईकोर्ट ने जेडीए व निगम से आय व्यय का ब्यौरा मांगा, नालों के निर्माण के लिए फंड उपलब्ध नहीं होने के कहने पर हाईकोर्ट का आदेश

जोधपुर

जेडीए व नगर निगम की ओर से नालों के लिए फण्ड उपलब्ध नहीं होने की बात कहने पर राजस्थान हाईकोर्ट ने जेडीए व नगर निगम से आय-व्यय का ब्यौरा पेश करने के आदेश दिए है। वरिष्ठ न्यायाधीश गोविंद माथुर व विनीतकुमार माथुर की खंडपीठ ने सोमवार को एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश दिए।


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खण्डपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि नगर निगम और जेडीए की ओर से नालों की मरम्मत के लिए भेजे गए प्रस्तावों स्वीकार क्यों नहीं किए गए? क्या इस शहर के 15 लाख लोग राज्य के नागरिक नहीं हैं? यहां स्थानीय निकाय नहीं होते तो इन नालों को कौन तैयार करवाता? खण्डपीठ ने सरकार को निर्देश दिए कि नालों की मरम्मत के लिए भेजे गए डिमांड के प्रस्ताव में से 50 फ ीसदी राशि रिलीज करें। साथ ही, खण्डपीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पिछले दो साल से यह याचिका लंबित है।


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नालों के निर्माण व लचर ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने के लिए कई निर्देश जारी किए, लेकिन राज्य सरकार और स्थानीय निकाय जोधपुर शहर के ड्रेनेज सिस्टम को प्रभावी बनाने की जरूरतें पूरी करने में पूरी तरह से फेल हो गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 26 जुलाई को होगी।


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सरकार को प्रस्ताव भेजें

खण्डपीठ ने निर्देश देते हुए कहा कि निगम प्रशासन एक सप्ताह में राज्य सरकार को भैरव नाले सहित पांचों नालों के निर्माण या मरम्मत के लिए मांग का प्रस्ताव भेजें। सरकार इनकी मांगों को एग्जामिन कर 50 प्रतिशत राशि जारी करे, ताकि नालों का काम जल्दी पूरा हो सकें। 

rajasthanpatrika.com

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