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किसान महापड़ाव पांचवे दिन जारी, जोधपुर में किसान विरोध के अपनाएंगे कुछ एेसे तरीके

Patrika news network Posted: 2017-06-19 12:32:54 IST Updated: 2017-06-19 12:32:54 IST
  • सरकार ने लाचारी जता दी है और किसानों से वार्ता विफल हो चंकी है। अब पांचवें दिन किसानों का प्रतिनिधिमंडल फिर मंत्रियों के साथ वार्ता कर रहा है। यदि बात नहीं बनती है तो फिर विभिन्न चरणों में किसान विरोध के कई सख्त तरीके अपनाएंगे।

जोधपुर

प्रदेश में भारतीय किसान संघ के आह्वान पर किसानों का आंदोलन पांचवें दिन भी जारी है। फिलहाल विद्युत भवन में किसान प्रतिनिधियों व सरकार के बीच वार्ता हो रही है। इसमें गृह मंत्री, कृषि, सिंचाई, सहकारी, ऊर्जा मंत्री किसानों के साथ वार्ता कर रहे हैं। यदि किसानों की मांगें नहीं मानी जाती हैं तो ये किसान आंदोलन तेज करने के मूड में हैं। किसानों ने विभिन्न चरणों में विरोध के अपने तरीके भी बता दिए हैं।


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अब मंडिया बंद से सड़क तक प्रदर्शन

इधर, किसान संघ ने बताया कि सरकार की नींद नहीं उड़ रही है। आंदोलन को तेज किया जाएगा। किसान संघ जोधपुर के आंदोलन सह-संयोजक तुलछाराम सिंवर ने बताया कि प्रदेश कोर कमेटी के निर्णयानुसार आंदोलन का केन्द्र गांवों में रखा जाएगा। 20 जून से प्रदेश भर में ग्राम से संग्राम के निर्णय के तहत प्रथम चरण में मंडियां बंद की जाएगी। साथ ही नगर बंद करने, सड़कों पर प्रदर्शन करने, मानव श्रृंखला बनाकर घेराव, गिरफ्तारी देने, क्षेत्र में जाने वाले मंत्रियों का बहिष्कार करने का निर्णय किया गया है।


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उधर, रविवार को जयपुर में गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया के निवास पर किसान संघ प्रतिनिधियों की गृह मंत्री, ऊर्जा राज्य मंत्री पुष्पेन्द्र सिंह राणावत व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी से वार्ता बैठक हुई, लेकिन किसानों की मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। सरकार ने खुद के पास बजट की कमी की समस्या बताते हुए किसानों को क्षतिपूर्ति राशि देने से मना कर दिया। अब किसान आंदोलन तेज करने के मूड में हैं।


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शाम साढ़े पांच बजे किसान संघ की प्रदेश कोर कमेटी, गृह मंत्री कटारिया, ऊर्जा राज्य मंत्री राणावत व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष परमानी के साथ वार्ता हुई। यह वार्ता करीब चार घंटे चली, लेकिन किसी भी मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई। बैठक में किसान प्रतिनिधियों ने सरसों, मूंगफली व प्याज की समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू नहीं करने के एवज में किसानों को क्षतिपूर्ति राशि देने की मांग की, लेकिन सरकार के मंत्रियों ने बजट की कमी का हवाला देते हुए मना कर दिया। विधानसभा में विशेष सत्र बुलाने की मांग भी किसानों की ठुकरा दी। इसके अलावा विद्युत व पानी के मुद्दों पर भी बात नहीं बनी। बैठक किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष मणिलाल लबाना, प्रदेश महामंत्री कैलाश गंदोलिया, जोधपुर प्रान्त अध्यक्ष हीरालाल चौधरी, जयपुर अध्यक्ष छोगालाल सैनी, जोधपुर संभाग आन्दोलन सह संयोजक तुलछाराम सिंवर, चित्तौड़ प्रांत महामंत्री प्रवीण सिंह चौहान, बीकानेर संभाग संयोजक विनोद धारणिया, कोटा संभाग संयोजक जगदीशप्रसाद, जोधपुर जिला अध्यक्ष नरेश व्यास उपस्थित थे। 


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