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आनंदपाल समर्थकों ने इन सिपाहियों पर किए ये अमानवीय जुल्म, आपबीती सुन चौंक जाएंगे आप

Patrika news network Posted: 2017-07-14 10:06:49 IST Updated: 2017-07-14 10:06:49 IST
  • आनंदपाल के समर्थन में सांवराद पहुंचे समर्थकों ने अपनी हदें तब पार कर लीं जब वे सुरक्षा व्यवस्थाएं बनाने वाले सिपाहियों को मारने पर उतारू हो आए। समर्थकों ने इन सिपाहियों के साथ आतंकियों जैसा सलूक किया। जानिए उनकी आपबीती...

जोधपुर

'नागौर जिले में सांवराद रेलवे स्टेशन पर बुधवार देर शाम सुरक्षा बंदोबस्त में ड्यूटी पर आरपीएफ के दस जवान तैनात थे। जीआरपी के मेड़ता रोड थानाधिकारी भी जाब्त के साथ कुछ दूर तैनात थे। स्टेशन की सुरक्षा के लिए एसटीएफ की कम्पनी भी थी। तभी हजारों की संख्या में लोग स्टेशन की ओर आते दिखाई दिए। उन्होंने वहां हमला कर दिया। एसटीएफ ने उन्हें रोकने की कोशिश की। फिर उन पर अश्रु गैस के गोले भी छोड़े, लेकिन भीड़ बेकाबू हो चुकी थी।


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उन्होंने स्टेशन पर हमला कर दिया। आरपीएफ व जीआरपी के जवानों ने रोकने का प्रयास किया। भीड़ ने सिपाहियों को घेर लिया। कुछ युवकों ने लोहे की टाई रॉड उठाई और सिपाहियों पर वार कर दिए। मुझे भी कुछ युवकों ने पकड़ लिया और मारपीट की। सिर में टाई रॉड से वार किए। इसके अलावा उन्होंने किसी औजार से हाथ के नाखून तक निकालने की कोशिश की। सिपाहियों ने किसी तरह खुद को छुड़ाया और वहां से भागकर जान बचाई। कुछ सिपाही नजदीक स्थित मकान में जा घुसे।'


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यह कहना हैं कि रेलवे पुलिस बल के सिपाही बत्तुलाल मीणा का, जिसे डीडवाना के अस्पताल से गुरुवार शाम जोधपुर के रेलवे अस्पताल रैफर किया गया। उसके साथ हेड कांस्टेबल भगवानाराम बिश्नोई, कांस्टेबल अजीत सिंह व अशोक सैनी को भी जोधपुर रैफर किया गया हैं।

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बत्तुलाल ने राजस्थान पत्रिका से बातचीत में बताया कि हमलावर तीन से चार हजार की संख्या में थे। एसटीएफ ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे उग्र हो गए। लोगों ने उन्हें घेर लिया और उसके नाखून तक निकालने की कोशिश की थी। वे किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर बाहर आए, जहां राजपूत समाज के ही एक व्यक्ति ने अपनी कार से उन्हें डीडवाना के अस्पताल तक पहुंचाकर जान बचाई। 

rajasthanpatrika.com

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