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तीन तलाक: तलाक-तलाक-तलाक लिख कर पत्नी को भेजा नोटिस

Patrika news network Posted: 2017-05-18 08:36:03 IST Updated: 2017-05-18 08:36:03 IST
तीन तलाक: तलाक-तलाक-तलाक लिख कर पत्नी को भेजा नोटिस
  • एक पुरुष ने पत्नी को कागज पर तलाक तलाक तलाक लिख कर नोटिस भेजा। उसने पत्नी का व्यवहार तेज बता क र पत्नी से नाता तोड़ लिया। दोनों की काउंसलिंग के बावजूद युवक व परिजन तलाक पर अड़े रहे। इस सिलसिले में एफआईआर दर्ज की गई है।

जोधपुर

देश में जहां तीन तलाक पर मामला गर्माया हुआ है तथा सुप्रीम कोर्ट में भी प्रतिदिन सुनवाई हो रही है। इस बीच जोधपुर में भी तीन तलाक का मामला सामने आया है। युवक ने कागज पर तलाक-तलाक-तलाक लिख पीहर में पत्नी को नोटिस भेजकर नाता तोड़ लिया। अब महिला ने पुलिस की शरण ली और महिला थाना (पश्चिम) में बुधवार को पति व ससुराल पक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। वह गत एक माह से आठ माह के पुत्र के साथ पीहर में रह रही है।

आठ महीने का बेटा है
प्रतापनगर सेक्टर 1 बी निवासी शगुफ्ता मोदी की शादी 2014 में घासमण्डी निवासी अब्दुल कलाम उर्फ रिजवान से हुई थी। उसे आठ महीने का एक पुत्र है। दो-तीन महीने पहले दोनों में विवाद शुरू हो गया। गत अप्रेल में शगुफ्ता पीहर चली गई। पीहर पहुंचते ही पति रिजवान ने डाक से नोटिस भेजा, जिसमें उसने कागज पर तलाक-तलाक-तलाक लिखकर शगुफ्ता से नाता तोडऩे के बारे में लिखा था। शगुफ्ता के परिजन ने अपने स्तर पर बातचीत से मामला सुलझाने के प्रयास किए, लेकिन पति व ससुराल पक्ष अड़े रहे। तब पीडि़ता ने महिला थाना (पश्चिम) में पति के खिलाफ लिखित शिकायत दी। जिसमें दहेज के लिए प्रताडि़त करने और तलाक-तलाक-तलाक लिखकर नोटिस भेज नाता तोडऩे का आरोप लगाया।

पति व सास तलाक देने पर अड़े
महिला थानाधिकारी पाना चौधरी ने दोनों पक्षों को काउंसलिंग से घर बसाने के प्रयास किए। पति व सास ने आरोप लगाए कि शगुफ्ता का मिजाज बहुत तेज है। जिसके चलते वह उसे नहीं रख सकते। पुलिस ने समझाइश की कोशिश की, लेकिन दोनों अड़े रहे। पीडि़ता की तरफ से पति अब्दुल कलाम उर्फ रिजवान, सास, ससुर, ननदें व देवर आदि के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपी पति सांगरिया क्षेत्र में साडि़यों की दुकान में काम करता है।

सहमति से शादी तो फिर तलाक एक पक्ष से कैसे? 
गोद में आठ माह के पुत्र सुरेम को उठाए न्याय के लिए घूम रही पीडि़ता ने सवाल उठाया कि युवक-युवती की रजामंदी से ही निकाह होता है तो फिर एक पक्ष कैसे किसी को तलाक दे सकता है। मासूम सुरेम का क्या दोष है?  

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