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ट्रेनें ब्रॉडगेज की और स्टेशन मीटर गेज का

Patrika news network Posted: 2017-03-21 08:24:50 IST Updated: 2017-03-21 08:24:50 IST
ट्रेनें ब्रॉडगेज की और स्टेशन मीटर गेज का
  • ट्रेनें ब्रॉडगेज की और स्टेशन ब्रॉडगेज का है। तरक्की के इस दौर में यह बड़ी ही अजीब बात है। बरसोंं से उपेक्षा का शिकार है महामंदिर रेलवे स्टेशन। प्लेटफार्म नीचा होने से दिव्यांगों, महिलाओं और बुजुर्गों को ट्रेन में चढऩे में परेशानी होती है।

जोधपुर

उत्तर-पश्चिम रेलवे जोन के जोधपुर मंडल में बना शहर का महामंदिर रेलवे स्टेशन सालों से उपेक्षा का शिकार है। बजट के अभाव में सालों से न तो इस प्लेटफार्म का विकास हुआ है और न ही विस्तार। आज भी महामंदिर रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म पैसेन्जर गाड़ी के गेट की तुलना में काफी नीचा है।

परेशानी होती है

इसके चलते फलोदी और जैसलमेर की ओर जाने वाले सैकड़ों यात्रियों को यहां ट्रेन में चढऩे में परेशानी होती है। विशेषकर बुजुर्गों और दिव्यांगों की परेशानी और भी बढ़ जाती हैं। वहीं स्थानीय रेलवे प्रशासन हर बार यात्री भार नहीं होने का बहाना बनाकर इसके विकास से कन्नी काटता है।

गेज बदला, प्लेटफार्म नहीं

महामंदिर रेलवे स्टेशन से सिर्फ फलोदी और जैसलमेर की ओर ही ट्रेन चलती है। सबसे पहले इस रूट पर मीटरगेज रेल लाइन डाली गई। इस पर चलने वाले डिब्बे छोटे होते थे। इनके पायदान भी ऊंचे नहीं थे। इससे यात्रियों को यहां से चढऩे-उतरने में परेशानी नहीं होती थी, लेकिन वर्ष 1995 के बाद यहां मीटर गेज के स्थान पर ब्रॉडगेज लाइन डाली गई, जिसके बाद इस पर बड़े डिब्बों की ट्रेन चलने लग गई।

ठहराव कम होने से भी यात्रियों को परेशानी

वर्तमान में जहां महामंदिर रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म काफी नीचा है, वहीं यहां से जैसलमेर जाने वाली पैसेन्जर ट्रेन का ठहराव भी मुश्किल से दो मिनट का है। सुबह के समय इस स्टेशन पर 100 से अधिक यात्री होते हैं और उन्हें चढऩे में समय लगता है।

यात्री नहीं, फिर भी सिर्फ एक ट्रेन के लिए विकास

महामंदिर स्टेशन से आगे मंडोर रेलवे स्टेशन है। यहां सिर्फ निर्धारित दिनों में टूरिस्ट ट्रेन पैलेस ऑन व्हील आकर रुकती है। यहां स्थानीय यात्रीभार शून्य है। हालांकि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मंडोर रेलवे स्टेशन का विकास अपनी जगह ठीक है, लेकिन महामंदिर रेलवे स्टेशन का विकास व विस्तार होने से विदेशी पर्यटक इस स्टेशन का भी उपयोग कर सकेंगे।

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