नियम ताक में रख चला पट्टा जारी करने का खेल, सरकार को लगाई करोड़ों की चपत

Patrika news network Posted: 2017-03-20 19:34:26 IST Updated: 2017-03-20 19:34:26 IST
नियम ताक में रख चला पट्टा जारी करने का खेल, सरकार को लगाई करोड़ों की चपत
  • जिले की विश्नावास लोहावट ग्राम पंचायत के तत्कालीन सरपंच व तत्कालीन ग्राम सेवक एवं पदेन सचिव ने नियमों को ताक पर रखकर 491 पट्टे अवैध जारी कर पौने पांच करोड़ रुपए की चपत लगा दी।

जोधपुर

जिले की विश्नावास लोहावट ग्राम पंचायत के तत्कालीन सरपंच व तत्कालीन ग्राम सेवक एवं पदेन सचिव ने नियमों को ताक पर रखकर 491 पट्टे अवैध जारी कर पौने पांच करोड़ रुपए की चपत लगा दी। साथ ही ग्रेवल सड़क के निर्माण कार्य में ठेका फर्म को 8.48 लाख रुपए का अधिक भुगतान कर दिया। कई पट्टे रिश्तेदार व परिचितों को बांटे गए हैं। जांच में घोटाला साबित होने पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने तत्कालीन सरपंच, ग्राम सेवक, तीन वार्ड पंच व ठेका फर्म पर मामला दर्ज किया है।


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4.69 करोड़ की जगह 4.93 लाख रुपए की आय

ग्राम पंचायत लोहावट में वर्ष 2010 से 2014 के कार्यकाल के दौरान भूखण्डों के पट्टे जारी किए गए थे। नियम विरुद्ध जारी होने की शिकायत पर फलोदी पंचायत समिति के विकास अधिकारी ने जांच करवाई। जिसमें कुल 416 पट्टों में से 260 पट्टे नियम विरुद्ध जारी होने की पुष्टि हुई। पंचायत समिति ने इन पट्टों को निरस्त करने की अनुशंसा की थी। इसके साथ ही 21 पट्टे श्मशान भूमि में जारी कर दिए थे। जबकि सरपंच को आबादी भूमि के अलावा अन्य पट्टे जारी करने का अधिकार नहीं है।


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पट्टों की नीलामी नहीं कर खुद के स्तर पर ही डीएलसी दर से पट्टे दे दिए गए थे। जिला परिषद् की ओर से गठित कमेटी की जांच में वर्ष 2013-14 के दौरान 491 पट्टे नियम विरुद्ध जारी होना प्रमाणित हुआ था। इनको बाजार दर से जारी करने पर पंचायत को 4,69,65,232 रुपए की आय होती। जबकि सरपंच ने इन पट्टों से 4,93,200 रुपए की आय ही दर्शाई थी।


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आरोपियों ने पद का दुरुपयोग कर पंचायत को 4,64,72,032 रुपए का नुकसान पहुंचाया। 8.48 लाख रुपए का अधिक भुगतान पंचायत की तरफ  से निजी आय से 29 ग्रेवल सड़कों का निर्माण कराया गया था। कुछ सड़कों की लागत दो लाख रुपए से अधिक थी। जिसे सरपंच स्वीकृत नहीं कर सकता था। फिर भी ग्राम सेवक ने नगद भुगतान किया। 45 कार्यों के तहत फर्म हीराराम गोदारा को 8,48,837 रुपए का अधिक भुगतान किया गया था।


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टांका निर्माण में भी गड़बड़ी

पंचायत ने वर्ष 2011 में हंसादेश निवासी खींयाराम बिश्नोई के नाम मनरेगा योजना में टांका निर्माण स्वीकृत किया था। तत्कालीन सरपंच व ग्रामसेवक ने टांका खुदवाकर खुला छोड़ दिया था। जिसमें गिरने से गाय की मौत हो गई थी। परिवाद करने पर टांके का घटिया निर्माण कराया गया।


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इनके खिलाफ  दर्ज हुई एफआईआर

विभागीय जांच में घोटाले की पुष्टि होने पर ग्राम पंचायत विश्नावास लोहावट के तत्कालीन सरपंच केशरीचंद बिश्नोई, वार्ड पंच खींयाराम, सुगनाराम, मानाराम, तत्कालीन ग्राम सेवक एवं पदेन सचिव केसाराम और फर्म मैसर्स हीराराम गोदारा तथा लाभार्थियों के खिलाफ  मामला दर्ज किया गया है।

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