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'गोल्डन' वुल्फ के बदले जोधपुर को मिलेंगे रॉयल बंगाल टाइगर, पर दहाड़ गूंजने में बाधक है ये वजह

Patrika news network Posted: 2017-07-12 12:54:25 IST Updated: 2017-07-12 12:54:25 IST
'गोल्डन' वुल्फ के बदले जोधपुर को मिलेंगे रॉयल बंगाल टाइगर, पर दहाड़ गूंजने में बाधक है ये वजह
  • छत्तीसगढ़ से मौखिक सहमति के बाद अतिरिक्त वुल्फ मांगने से स्टार वन्यजीवों का आदान-प्रदान अटक गया है। गुजरात बंगाल रॉयल टाइगर का एक जोड़ा देने को तैयार तो हो गया है, लेकिन उसकी मांग से कुछ परेशानियां आ खड़ी हुई हैं।

जोधपुर.

यहां माचिया जैविक उद्यान में डेढ़ साल बाद पहली बार टाइगर की दहाड़ गूंजने में अब नई मांग बाधक बन गई है। बिलासपुर (छत्तीसगढ़) के कानन पेण्डारी जुलोजिकल गार्डन प्रशासन ने दो माह पूर्व आदान-प्रदान (एनिमल एक्सचेंज) योजना के तहत जोधपुर से एक जोड़ा भेडि़ये के बदले एक सफेद टाइगर देने पर मौखिक सहमति जता दी थी। अब छत्तीसगढ़ के वनमंडल अधिकारी सफेद टाइगर के बदले माचिया जैविक उद्यान से एक के स्थान पर दो जोड़ा भेडि़ये देने की मांग कर रहे हैं। एक नर टाइगर के बदले चार वुल्फ देने की मांग के कारण मामले के निर्णय में विलंब हो रहा है। इस बीच, गुजरात से चार वुल्फ के बदले बंगाल रॉयल टाइगर का एक जोड़ा देने का प्रस्ताव भेजा है।


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गुजरात को चाहिए प्योर ब्रीड के वुल्फ

गुजरात के जूनागढ़ में बने रहे वुल्फ ब्रीडिंग सेन्टर के लिए वन विभाग को प्योर ब्रीड के वुल्फ (भेडि़ये) की जरूरत है। इसके लिए गुजरात का वन विभाग देशभर के जंतुआलय में वुल्फ तलाशता रहा। अधिकारियों को जोधपुर के माचिया जैविक उद्यान में सात वुल्फ होने की जानकारी मिली, तो रॉयल बंगाल टाइगर का जोड़ा देने का प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव के तहत रॉयल बंगाल टाइगर जोड़े के बदले जोधपुर से दो जोड़े वुल्फ की मांग की गई है। जोधपुर के वन अधिकारी एक्सेस वुल्फ माध्यम से माचिया जैविक उद्यान में आकर्षक वन्यजीव लाने के लिए प्रयासरत हैं।


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जंतुआलयों में सर्वाधिक मांग

तेजी से लुप्त हो रहे वन्यजीव वुल्फ की देश के सभी प्रमुख जंतुआलयों में सर्वाधिक कमी होने के कारण वन्यजीव एक्सचेंज योजना में सर्वाधिक मांग है। गोल्डन कहे जाने वाले वन्यजीव वुल्फ के बदले में देश के किसी भी जंतुआलय से एक्सेस वन्यजीव की मांग सहज ही पूरी हो सकती है।


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एक के स्थान पर जोड़ा लाने का प्रयास

छत्तीसगढ़ से हम सिंगल सफेद टाइगर के बजाय गुजरात से रॉयल बंगाल टाइगर का जोड़ा लाने में ज्यादा इच्छुक हैं। दोनों जंतुआलयों के प्रस्ताव के बारे में विभाग के शीर्ष अधिकारियों को अवगत करा दिया है। हमारे पास फिलहाल सात वुल्फ हैं। गुजरात के वन अधिकारियों की मांग पूरी करने के बाद भी हमारे पास तीन वुल्फ रह जाएंगे। - महेन्द्रसिंह राठौड़, उपवन संरक्षक (वन्यजीव ) जोधपुर

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