Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

नालों पर ही बना डाले रैनबसेरे?

Patrika news network Posted: 2017-07-12 14:50:27 IST Updated: 2017-07-12 14:50:27 IST
नालों पर ही बना डाले रैनबसेरे?
  • सीताराम नगर व चौपासनी में भैरव नाले के ऊपर कर दिया निर्माण, जहां पक्के अतिक्रमण तोड़े वहां निगम ने तोड़ दिए नियम और नालों के ऊपर बना दिए रैनबसेरे

बासनी(जोधपुर)

देवेन्द्र भाटी

शहर के बरसाती पानी की सुगम राह बनाए रखने के लिए जिम्मेदार नगर निगम खुद ही बरसाती नालों का गला घोंट रहा है। एक तरफ तो नगर निगम बरसाती नालों को अतिक्रमण से मुक्त रखने के लिए कार्रवाई कर रहा है, दूसरी तरफ खुद नगर निगम ने ही बरसाती नाले के ऊपर रैनबसेरों का निर्माण कर नियमों की खिल्ली उड़ा दी है। 



इसके पीछे निगम अफसरों का तर्क भी गजब हैं। अफसर बोल रहे हैं कि निगम के पास जमीन का टोटा हैं, इसलिए नाले पर ही निर्माण करा दिया। अफसरों के ऐसे बोल से ही साफ हो रहा है कि निगम के काम करने का ढर्रा किस तरह गड़बड़ है।



कुछ समय पहले ही नगर निगम ने शहर के सबसे बड़े भैरव नाले के ऊपर पाल रोड एवं चौपासनी रोड पर दो रैनबसेरों का निर्माण करा दिया। पत्रिका टीम ने दोनों ही निर्माणों का जाजया लिया। नाले के ऊपर निर्माण वाकय अफसरों की पोल खोल रहा है।



 कोर्ट के भी साफ निर्देश है कि बरसाती नालों की दीवार या नाले के ऊपर किसी भी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता है, लेकिन नगर निगम के अफसरों ने कोर्ट के उन आदेशो की भी परवाह नहीं की है।



चौकानें वाली बात यह हैं कि जोधपुर शहर में कहीं भी नाले के ऊपर इतना बड़ा अतिक्रमण या पक्का निर्माण नहीं मिलेगा लेकिन अब निगम ही मजबूरी में एम्स रोड पर पाल क्षेत्र के सीताराम नगर निकल रहे भैरव नाले के ऊपर 33 बाई 100 फुट साइज में रैन बसेरा बना रहा है। कुछ दिन पहले हाल ही में खतरनाक पुलिया के पास एक व्यक्ति पानी के तेज बहाव में बहकर नाले में गिर गया था।



जिससे उसकी मृत्यु हो गई है। अब इस नाले के ऊपर रैनबसेरे में रहने वालों के लिए खतरे की आशंका बन गई है। इसी क्षेत्र में सेक्टर 11 में पटेल कॉलोनी में भी ठीक नाले के ऊपर खम्भे खड़े कर रैनबसेरे का निर्माण कर दिया गया। इस निर्माण का काम अन्तिम चरण में है।



अफसर ऐसे बचा रहे अपनी 'पोल'


निगम अफसरों का कहना है कि नाले के ऊपर हाईएस्ट फ्लग लेवल (एचएफएल) के दो फुट ऊपर निर्माण शुरू किया गया है। इसलिए यहां तकनीकी रूप से कोई खतरा नहीं है। बारिश के दिनों में ज्यादा फ्लो नहीं रहता है। अगर नाले का किन्हीं दिनों में फ्लो ज्यादा रहता भी है तो भी पानी एचएफएल के ऊपर तक नहीं पहुंचेगा। 


भारी बारिश में बढ़ सकता है फ्लो


बरसात के दिनों में नालों का क्या या कितना फ्लो रहता है, यह तो तेज बारिश के दिनों में ही पता चल सकेगा। निगम इसे पब्लिक यूटीलिटी मानकर यहां निर्माण कर रहा है। बरसाती पानी की इस नाले से शोभावतों की ढाणी से होते हुए शहर के बाहर निकासी होती है। 



निगम की ओर से शोभावतों की ढाणी से जोजरी नदी तक पक्के निर्माण कार्य में 60 फीट चौड़ाई का प्रावधान भी रखा है। लेकिन जहां पर नाले पर निर्माण किया गया हैं, वहां नाले की चौड़ाई कम हैं। ऐसे में यहां भारी खतरा हो सकता है।

इस क्षेत्र में कहीं और जगह नहीं मिली 


ये सरकारी भवन है। पब्लिक यूटीलिटी और आसपास कोई दूसरी जगह नहीं मिलने के कारण ही नाले पर रैनबसेरा बनाने का निर्णय लिया गया था। एचएफएल से दो फूट ऊपर कंस्ट्रक्शन कराया गया है। जहां पानी का फ्लो नहीं पहुंचता है।

- विनोद व्यास, एक्सईएन, निगम।

rajasthanpatrika.com

Bollywood