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साढ़े छह माह में जन्मे नवजात शिशु को जोधपुर के इस अस्पताल में मिली जिंदगी, यूं हुआ स्वस्थ

Patrika news network Posted: 2017-07-11 09:58:08 IST Updated: 2017-07-11 09:58:08 IST
साढ़े छह माह में जन्मे नवजात शिशु को जोधपुर के इस अस्पताल में मिली जिंदगी, यूं हुआ स्वस्थ
  • मात्र साढ़े छह माह में जन्मे नवजात शिशु को चिकित्सक टीम की ओर से तीन माह के लंबे प्रयास के बाद नई जिंदगी देने में कामयाबी मिली है।

जोधपुर

मात्र साढ़े छह माह में जन्मे नवजात शिशु को चिकित्सक टीम की ओर से तीन माह के लंबे प्रयास के बाद नई जिंदगी देने में कामयाबी मिली है। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित वसुंधरा अस्पताल में जन्मे 6.5 माह के नवजात शिशु का वजन जन्म के समय मात्र 750 ग्राम था। यह वजन सामान्य शिशु के वजन से बहुत कम रहा।

अस्पताल में उपलब्ध नवीनतम तकनीक और एनआईसीयू टीम के तीन माह के प्रयास के बाद अब नवजात शिशु स्वस्थ है और सोमवार को सकुशल परिवार के साथ घर भेज दिया गया। नवजात की माता को गर्भधारण आईवीएफ से हुआ था। गर्भवती महिला को तकलीफ होने पर सहीं समय पर अस्पताल पहुंचाने के कारण शिशु और मां दोनों का बचा लिया गया। हालांकि 6.5 माह की गर्भवस्था डाक्टरों के लिए कठिन समय रहा, लेकिन वसुंधरा अस्पताल के स्त्री व प्रसूति रोग के विभाग की वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. रेणु मकवाना, एनआईसीयू शिशु रोग विभाग के डॉ. आदर्श पुरोहित, डॉ. सुषमा सी व टीम ने बच्चे का जन्म सामान्य प्रसव कराने में कामयाबी हासिल की।

अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. संजय मकवाना ने बताया कि अस्पताल में निसंतानता व स्त्री रोग के अलावा उच्चकोटि का 15 बेडेड एनआईसीयू है जिसमें विशेषज्ञों की टीम व नर्सिंग स्टाफ 17 साल से कार्यरत है। उसी टीम के प्रयासों से अस्पताल की नवजात शिशु रोग इकाई ने पूर्व में भी इस तरह के समय पूर्व जन्मे नवजात शिशु को बचाने में सफलता हासिल की है। 

rajasthanpatrika.com

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