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अपने लेटलतीफ कर्मचारियों को समय पर बुलाने के लिए अपनाए ये हथकंडे और किए लाखों खर्च..

Patrika news network Posted: 2017-07-16 17:44:51 IST Updated: 2017-07-16 17:49:15 IST
अपने लेटलतीफ कर्मचारियों को समय पर बुलाने के लिए अपनाए ये हथकंडे और किए लाखों खर्च..

जोधपुर

चार माह पहले चिकित्सा संस्थानों ने किए बायोमेट्रिक पर लाखों रुपए खर्च, अब लगेगी फेस रीडिंग बायोमेट्रिक   चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अपने लेटलतीफ कर्मचारियों को समय पर बुलाने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रहा है। अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अपने संस्थानों में फेस रीडिंग बायोमेट्रिक मशीन लगवाएगा, जबकि चार माह पहले सभी चिकित्सा संस्थानों ने बायोमेट्रिक मशीन लगवाने के लिए लाखों रुपए खर्च किए थे।


राज्य सरकार के आदेशानुसार चिकित्सकों, नर्सिंग, पैरामेडिकल, अन्य स्टाफ, जिला अस्पताल, उपखंड चिकित्सालय, सैटेलाइट अस्पताल, टीबी क्लिनिक, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द व डिस्पेंसरियों में गत 15 फरवरी को बायोमेट्रिक मशीनें लगवाई गई थी। इसकी खरीद संस्थान ने अपने स्तर पर की थी। वहीं राज्य सरकार के निर्देश हैं कि संयुक्त निदेशक, सीएमएचओ के अधीन जिला, ब्लॉक, प्रशासनिक कार्यालय, औषधि भंडार, सहायक औषधि नियंत्रक कार्यालयों में भी फेस रीडिंग बायोमेट्रिक मशीन लगवाई जाए। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार शासन सचिवालय स्वास्थ्य विभाग ने इस तरह की कोई मशीन नहीं लगवाई है। जबकि विरोध यह है कि जो फील्ड के कर्मचारी हैं, उनके लिए एेसी मशीनें दिक्कत करेगी।




मेहंदी व पट्टी से चलाई पोलपट्टी

जानकारी के अनुसार बायोमेट्रिक मशीन संचालन के दौरान कई महिला कर्मचारी अंगूठे पर मेहंदी लगाकर थंब करती थी। जिस कारण से हाजरी नहीं लगती। इस मामले का पता कई दिनों तक जिम्मेदारों को नहीं लगा। बताया यही जा रहा था कि मशीन खराब है। इस कारण कई कर्मचारी समय पर नहीं आने के बावजूद बच जाया करते थे। एेसे में अब उनकी फेस स्क्रीनिंग होगी। हालांकि कई जगह सही होने के बावजूद बायोमैट्रिक मशीन हाजरी नहीं लगा रही थी।

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लाखों रुपयों की बायोमेट्रिक मशीनें हुई कबाड़

गत फरवरी माह में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने बायोमेट्रिक मशीन की अनिवार्यता लागू की थी। जिसकी खरीद संस्थान ने अपने स्थानीय स्तर पर की। एक आकलन करें तो करीब अब लाखों रुपयों की बायोमेट्रिक मशीन कबाड़ हो जाएगी, क्योंकि अब फेस रीडिंग बायोमेट्रिक मशीन से हाजरी लगेगी। इनका कहना हैइस संबंध में आदेश आ चुके हैं। इस मशीन की खरीद की जाएगी। बायोमेट्रिक मशीन करीब आठ हजार की थी। अंगूठे वाली मशीन में कुछ कमियां थी, कइयों में मेहंदी लगे हाथों व अन्य कारणों से रीडिंग नहीं होती थी। इसकी शिकायत भी थी। यह मशीन सही रहेगी।

- डॉ. एसएस चौधरी, सीएमएचओ

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