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कुड़ी के इस कंक्रीट के जंगल में कब बसेगा जीवन?

Patrika news network Posted: 2017-07-09 15:54:36 IST Updated: 2017-07-09 15:54:36 IST
कुड़ी के इस कंक्रीट के जंगल में कब बसेगा जीवन?
  • एक साल से वीरान पड़े हैं फ्लैट, कुड़ी भगतासनी में 6 हजार फ्लैट, विवेक विहार में 3 हजार भूखंड, हाउसिंग बोर्ड की कीमतें बढने के बाद नहीं आ रहे परिवार

बासनी(जोधपुर)

जिस इलाके में लोग खेती करके अपना पेट पालते थे वहां सरकार ने हजारों बीघा जमीन अवाप्त कर ली। वहां निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों को सस्ते घर उपलब्ध कराने के नाम पर सैकड़ों फ्लैट भी बना दिए लेकिन इनमें रहने के लिए कोई नहीं आ रहा है।आवासन मंडल द्वारा भूमि अवाप्ति के बाद न तो यहां खेत खलिहान दिखते हैं न ही यहां लहलहाती फसलें। 



यहां सिर्फ पत्थरों के मकान, आसमान छुते अपार्टमेंट और लोगों को बसाने के लिए काटे हुए हजारों भूखंड। कुछ साल पहले तैयार हुआ ओवरब्रिज, इसरो की पश्चिमी कमान का रीजनल रिमोट सेंसिंग सेंटर का मुख्यालय, कुड़ी पुलिस थाना और कुड़ी हाउसिंग बोर्ड का कार्यालय जैसे सरकारी व सामरिक महत्व वाले भवन और कार्यालय यहां से निकल रहे बाईपास पर बने हुए हैं जो राजधानी से जोड़ता है। इतना सबकुछ होने के बाद भी यहां आबादी नहीं बढ रही है।


यहां आसपास सड़क, पानी, सीवरेज और बिजली जैसी सुविधाएं होने के बाद सीधे तौर पर तो आबादी बढने का कारण सामने नहीं आता है लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि यहां पिछले कुछ सालों से हाउसिंग बोर्ड ने भी निजी कॉलोनाइजर और बिल्डर की तर्ज पर फ्लैट्स की कीमत बढा दी है। ये कीमत कई जगह इतनी ज्यादा है कि कुछ लोगों ने किश्ते भरने की बजाय आवंटित हुए मकान को भी ड्रॉप कर दिया और धरोहर राशि वापिस ले ली। 



दूर से दिखते हैं रंगीन फ्लैट  

हालांकि कुछ लोग इसके बारे में ये भी कहते हैं कि ये क्षेत्र भविष्य के बड़े आवासीय शहर की शक्ल अख्तियार करता हुआ नजर आ रहा है। यह कुड़ी भगतासनी का वह इलाका है जहां आज से 40-50 साल पहले सिर्फ धान ही उगता था। चारों तरफ खेत ही यहां की रौनक हुआ करते थे। चारों और खेतों के बीच लोकदेवता बाबा रामदेव जी का मंदिर था। 



जो यहां आसपास के घरों और ढाणियों में रहने वालों की आस्था का केंद्र था। जो अब भी इन्हीं पत्थरों के बीच स्थित है। उसके चारों तरफ नई आबादी को बसाने के लिए अलग अलग योजनाओं में बनाए गए रंगीन फ्लैट दूर से ही नजर आते हैं। एमआईजी-ए, एलआईजी, ईडब्ल्यूएस, एमआईजी-बी के फ्लैट उपलब्ध है। 


6 हजार फ्लैट के पास 3 हजार भूखंड

कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड की विवेक विहार योजना में करीब 6 हजार फ्लैट बने हुए हैं। इनका निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। यहां पार्क और चौड़ी सड़कें, 33 के वी जीएसएस बना दिए हैं। जेडीए की विवेक विहार योजना में 3 हजार भूखंड है। हाउसिंग बोर्ड ने यहां 800 वर्ग मीटर का पार्क भी बना दिया है। 


जहां वॉकिंग टे्रक बना हुआ है। इस मंदिर से कुछ दूरी पर ही जयपुर जैसलमेर बाईपास निकलता है। दशहरा मैदान के पास ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का भवन बना हुआ है। यहां जहां डेढ साल पहले मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इसका उद्घाटन किया तब इस क्षेत्र के लिए सामरिक महत्व भी बढ गया। 


इसरो का रीजनल रिमोट सेंसिंग सेंटर भी यहीं 

यहां आने वाले दिनों में इसरो का पश्चिमी क्षेत्र का रीजनल रिमोट सेंसिंग सेंटर बनेगा। यहां 11 मीटर का पैराबॉलिक रिफ्लेक्टर एंटीना लगा हुआ है जो अंतरिक्ष में भेजे गए सैटेलाइट से डाटा कलेक्ट करता है। उसके अलावा ये एंटीना रेंजिंग भी करता है। इसके अतिरिक्त यहां गेस्ट हाउस, क्वाटर और आरआरएससी का मुख्य ऑफिस का निर्माण कार्य अंतिम स्टेज पर है। 



यहां भविष्य में भी कई और निर्माण कार्य करवाए जाएंगे। यहां कुछ दिन पहले ही पुलिस प्रशासन की मॉकड्रिल की गई थी। इस भवन के सामरिक महत्व को देखते हुए इस भवन में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे।

rajasthanpatrika.com

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