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हमारी किडनी पर यूं भारी पड़ रहा गर्मी का मौसम, कहीं आपको तो नहीं हो रहे ये रोग

Patrika news network Posted: 2017-05-18 15:45:08 IST Updated: 2017-05-18 15:45:08 IST
हमारी किडनी पर यूं भारी पड़ रहा गर्मी का मौसम, कहीं आपको तो नहीं हो रहे ये रोग
  • गर्मियां अपने चरम पर हैं। वहीं इसके साइड इफेक्ट्स भी देखने को मिल रहे हैं। पानी कम पीने के कारण आपको बहुत तकलीफों का सामना करना पड़ सकता है। खासकर किडनी को। इसमें डिहाइड्रेशन से पथरी जमने की आशंका रहती है।

जोधपुर

मई और जून का महीना हमारी किडनी पर भारी पड़ रहा है। शरीर में पानी की कमी कमी होने और पसीना अधिक आने से किडनी में पथरी जम रही है। बीते दो महीनों में पथरी के रोगियों की संख्या में तीस फीसदी का इजाफ हो गया है। इसके साथ ही यूरिनरी ट्रेक इंफेक्शन और किडनी फेलियर के मरीज भी बढ़े हैं। तापमान बढऩे से बुजुर्गों में प्रोस्टेट की समस्या भी हो रही है। डॉक्टरों ने खूब पानी पीने की सलाह दी है।


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मथुरादास माथुर अस्पताल के मूत्र रोग विभाग में प्रतिदिन करीब 125 मरीजों का आउटडोर है। दो महीने पहले तक आउटडोर में चालीस फीसदी मरीज पथरी के आते थे, जिनकी संख्या अब सत्तर फीसदी हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि अगर गर्मी और तेज हुई तो पथरी से ग्रसित रोगियों की संख्या में इजाफा हो सकता है। लोगों को प्रतिदिन 4 से 5 लीटर पानी पीने की सलाह दी गई है ताकि किडनी स्वस्थ रहे।


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मूत्र की अम्लता बढ़ जाती है

तापमान अधिक होने से हमारा शरीर तेजी से पसीना निकालता है और शरीर का तापक्रम 37 डिग्री बनाए रखता है। पसीने के साथ काफी पानी बाहर निकल आता है। शरीर में साठ फीसदी पानी है। जब कोशिका में 30 फीसदी तक पानी कम हो जाता है तो डिहाइड्रेशन की शिकायत हो जाती है। पानी की कमी पूरी करने के लिए हमारा शरीर मूत्र की सांद्रता बढ़ाता है यानी मूत्र में पानी कम होकर वह अधिक अम्लीय प्रकृति का हो जाता है। मूत्र गाढ़ा होने के साथ शरीर में मौजूद लवण का अवक्षेपण होने लगता है। इनके चलते ऑक्सजलेट, फॉस्फेट, यूरेट, यूरिक एसिड और अमीनो एसिड के छोटे-छोटे कण किडनी में इकठ्ठा होकर पथरी के रूप में संग्रहित हो जाते हैं। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को यूरीनरी इंफेक्शन का खतरा अधिक होता है।


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इनसे बचें

- 3 कप पानी कम कर देती है एक कप चाय

- 50 फीसदी पानी कम करती है सॉफ्ट ड्रिंक

- 2 गिलास पानी कम कर देती है एक गिलास बीयर

- 5 से छह लीटर प्रतिदिन पानी पीएं

- 2.5 लीटर मूत्र प्रतिदिन करने का प्रयत्न करें

- 30 से 60 मिनट बाद पानी पीएं


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भोजन करने के बाद हमारे शरीर में पानी

- 60 फीसदी पानी होता है वयस्क में

- 75 फीसदी शिशुओं का भार है पानी

- 50 फीसदी पानी ही बचता है बुजुर्गों में

- 90 फीसदी पानी होता है कोशिका में

- 30 फीसदी कोशिका में पानी कम होने पर डिहाइड्रेशन

- 6.8 पीएच होता है मूत्र का (हल्का अम्लीय)


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शरीर में कहां कितना पानी

- 42 लीटर पानी है 70 किलो के युवा में

- 28 लीटर पानी है कोशिकाओं में

- 10 लीटर पानी अंतरकोशिकाएं (लसिका द्रव्य भी शामिल)

- 3 लीटर है रक्त प्लाज्मा

- 1 लीटर है ट्रांससेलुलर फ्लुड (मस्तिष्क, आंख, फेफड़े)


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अस्पताल का मूत्ररोग विभाग का ओपीडी

- 125 से डेढ़ सौ मरीज का प्रतिदिन ओपीडी

- 70 फीसदी मरीज पथरी के

- 15 फीसदी प्रोस्टेट रोग के

- 15 फीसदी मूत्र संक्रमण सहित अन्य बीमारी के


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ध्यान नहीं देंगे तो फेल हो जाएगी किडनी

लोग पानी कम पी रहे हैं इसलिए पथरी जम रही है। अगर फिर भी ध्यान नहंी दिया तो किडनी फेलियर की समस्या आएगी। एेसे कुछ मरीज भी आए हैं जिनका आईसीयू में इलाज किया गया है।

डॉ. प्रदीप शर्मा, मूत्र रोग विशेषज्ञ, एमडीएम अस्पताल

rajasthanpatrika.com

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