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भूमिपुत्रों ने गेहूं बिसराया-चना मन भाया

Patrika news network Posted: 2016-12-01 00:57:06 IST Updated: 2016-12-01 00:57:06 IST
भूमिपुत्रों ने गेहूं बिसराया-चना मन भाया
  • भूमिपुत्र अब गेहूं की बुवाई से मुंह मोडऩे लगे है, अब इससे अधिक मुनाफा कमाने की चाह कहे या परिस्थितियां लेकिन यह सच्चाई है कि किसान अधिक मुनाफा देने वाली चना, सरसों, जीरा, इसबगोल जैसी फसलों को ज्यादा तरजीह दे रहे है।

बिलाड़ा/जोधपुर

भूमिपुत्र अब गेहूं की बुवाई से मुंह मोडऩे लगे है, अब इससे अधिक मुनाफा कमाने की चाह कहे या परिस्थितियां लेकिन यह सच्चाई है कि किसान अधिक मुनाफा देने वाली चना, सरसों, जीरा, इसबगोल जैसी फसलों को ज्यादा तरजीह दे रहे है। जो आने वाले दिनों में  गेहूं के भावों में तेजी ला सकती है। यह हकीकत केवल जोधपुर जिले की ही नहीं संभागभर के जिलों की भी स्थिति बयां कर रही है।

रबी फसल बुवाई के आंकड़ों के अध्ययन पर किसानों के मन की बात साफ नजर आ जाती है, कृषि विभाग की ओर से उपलब्ध करवाए रबी 2016 -17 बुवाई के आंकड़े काश्तकार की मनोस्थिति को जानने के लिए पर्याप्त है। किसानों की ओर से अब अनाज उत्पादन की बजाय जिन फसलों से अधिक मुनाफा हो सकता है और वर्तमान में जिनके बाजार अच्छे है, किसान उनकी बुवाई अधिक कर रहे है। गेहंू जहां औसतन 2000 रुपए प्रति क्विंटल है, वहीं चना 10 हजार रुपए प्रति क्विंटल है।

किसानों का मानना है कि गेहूं-जौ तो खरीदकर भी काम चलाया जा सकता है, लेकिन उपलब्ध जमीन में अधिक मुनाफे वाली फसलें चना, तारामीरा, सरसों, जीरा की बुवाई की जाए तो उनकी आर्थिक समृद्धि तेजी से बढ़ सकती है। जोधपुर जिले में (कृषि विभाग के अनुसार) रबी बुवाई का लक्ष्य कुल 4 लाख 5 सौ हैक्टयर था, मगर अब तक 2 लाख 10 हजार हेक्टयर में ही बुवाई हुई है।

रबी बुवाई (हेक्टेयर में)

फसल- लक्ष्य- बुवाई, प्रतिशत

गेहूं 6 0000-27000- 45

जौ  1000-630-63

चना 10000-18000-180

सरसों 1 लाख 22 हजार-1 लाख 10 हजार-90

तारामीरा 30000-35000-116

फसलों के वर्तमान बाजार भाव

गेहूं  2000 से 3000

जौ 1500 से 16 00

चना 10100 से 11500

सरसों 4600 से 4900

तारामीरा 4000 से 4100

इनका कहना है

अक्टूबर माह में बारिश एवं इस दौरान चना के बाजार भावों में उछाल के चलते चना की बुवाई अधिक हुई है। गेहूं  की बुवाई अंतिम दौर में है लेकिन यह सही है कि किसानों में गेहूं  के बजाय अधिक मुनाफा देने वाली फसलों की रुख किया है।

- वी.एस. सोलंकी, कृषि उप निदेशक, जोधपुर।

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