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जोधपुर के इस पिता को यूं महंगा पड़ा बेटी को नसीहत देना, आवेश में उठाया ये कदम

Patrika news network Posted: 2017-07-16 09:25:14 IST Updated: 2017-07-16 09:25:14 IST
जोधपुर के इस पिता को यूं महंगा पड़ा बेटी को नसीहत देना, आवेश में उठाया ये कदम
  • पिता की नसीहत बेटी को अखर गई और कॉलेज में अन्य छात्राओं से पिछडऩे के डर से बासनी गांव स्थित मकान में अनाज में डालने वाला कीटनाशक खाकर जान दे दी। बासनी थाना पुलिस ने शनिवार को पोस्टमार्टम कराया।

जोधपुर

बारिश होने के चलते मां खेतों को संभालने गई तो पिता ने मां के लौटने तक घर का कामकाज संभालने और कॉलेज न जाने देने की नसीहत अपनी बेटी को दी। पिता की नसीहत बेटी को अखर गई और कॉलेज में अन्य छात्राओं से पिछडऩे के डर से बासनी गांव स्थित मकान में अनाज में डालने वाला कीटनाशक खाकर जान दे दी। बासनी थाना पुलिस ने शनिवार को पोस्टमार्टम कराया।

एसआई रामभरोसी ने बताया कि मूलत: पाली जिले में जैतारण तहसील के निम्बाड़ा निवासी और हाल बासनी गांव में सरकारी स्कूल के पास निवासी बींजाराम पुत्र रूपाराम पालीवाल की पत्नी फसल का निदाण करने के लिए गांव गई हुई थी। रूपाराम की चार पुत्रियों में से दो पुत्रियां गणकी और रेखा घर में थी। रेखा गर्भवती होने के चलते पीहर में रह रही थी। एेसे में घर का कामकाज व रेखा की देखभाल के लिए बींजाराम ने छोटी पुत्री गणकी (17) को मां के गांव से लौटने तक तीन-चार दिन तक कॉलेज न जाने की सलाह दी। गणकी बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी।

यह नसीहत देकर बींजाराम कमठा मजदूरी करने चला गया। इससे आहत होकर गणकी ने दोपहर में गेहूं में डालने वाली कीटनाशक गोलियां खा ली। तबीयत बिगडऩे पर बड़ी पुत्री रेखा को पता लगा तो उसने फोन करके पिता को सूचित किया। पिता बींजाराम तुरंत घर पहुंचे और गम्भीर हालत में पुत्री गणकी को मथुरादास माथुर अस्पताल में भर्ती कराया।

इलाज के दौरान गणकी की मृत्यु हो गई। इसका पता लगने पर पुलिस अस्पताल पहुंची तथा पिता की शिकायत पर मर्ग दर्ज कर मृतका का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस का कहना है कि मृतका छात्रा गणकी कॉलेज जाना चाहती थी। ताकि वह अन्य छात्राओं से पिछडे़ नहीं। संभवत: इसी वजह से उसने आत्महत्या की है। इस संबंध में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। 

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