जोधपुर में बचाना है पानी तो नई कॉलोनियों में अनिवार्य करना होगा जल संरक्षण

Patrika news network Posted: 2017-04-21 19:39:25 IST Updated: 2017-04-21 19:39:25 IST
जोधपुर में बचाना है पानी तो नई कॉलोनियों में अनिवार्य करना होगा जल संरक्षण
  • शहर में कम हो रही जल संस्कृति के बारे में उन्होंने कहा कि जोधपुर के प्राचीन जलस्रोत सामुदायिक व सांस्कृतिक धरोहर हैं।

जोधपुर

विश्व के 1/6 लोग जलसंकट से जूझ रहे हैं। कहा जाता है कि अगर समय रहते नहीं संभले तो अगला विश्व युद्ध पानी के लिए होगा। ये कहना है जाने-माने आर्किटेक्ट अनु मृदुल का। शहर में कम हो रही जल संस्कृति के बारे में उन्होंने कहा कि जोधपुर के प्राचीन जलस्रोत सामुदायिक व सांस्कृतिक धरोहर हैं।


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अंग्रेजों के शासन व स्वाधीनता के बाद वृहद जल परियोजनाओं के कारण प्राचीन जलस्रोतों का अनादर और उपेक्षा शुरू हुई। सारी जल विरासत खण्डहर में तब्दील हो गई और दो पीढि़यां इसका महत्व जाने बिना बड़ी हुईं। जबकि होना यह चाहिए था कि आधुनिक व वृहद योजनाओं के साथ यहां की जल संस्कृति भी बरकरार रखते।


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यह दूरदर्शिता न होने के कारण जल संकट भीषण समस्या का रूप लेने के कगार पर है। शहर के पुराने जलस्रोतों का पुनरुद्धार और नई कॉलोनियों में जल संरक्षण अनिवार्य किया जाए। 

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