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महिला चिकित्साकर्मी की मनमर्जी ने बिगाड़ी ग्रामीणों की सेहत

Patrika news network Posted: 2016-11-30 00:49:57 IST Updated: 2016-11-30 00:49:57 IST
महिला चिकित्साकर्मी की मनमर्जी ने बिगाड़ी ग्रामीणों की सेहत
  • बालेसर उपखण्ड क्षेत्र के केतु कल्ला गांव स्थित राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में कार्यरत महिला चिकित्सक की मनमर्जी ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है।

बालेसर/जोधपुर

 बालेसर उपखण्ड क्षेत्र के केतु कल्ला गांव स्थित राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में कार्यरत महिला चिकित्सक की मनमर्जी ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है।

सरपंच नाथूसिंह राठौड़ व समाजसेवी रिछपालसिंह ने बताया कि राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन् द्र केतु कल्लां में कार्यरत महिला चिकित्सक की जबसे ड्यूटी लगी तब से अस्पताल नहीं आती। एक दो बार रजिस्टर में हस्ताक्षर करने आई होगी। मरीजों को देखने व उपचार करने आज तक नहीं आई। 


अस्पताल मात्र एक नर्सिंग कर्मचारी के भरोसे है। अस्पताल में महिला रोगियों को उपचार करवाने एवं खासकर प्रसव पीडि़ताओं को डिलीवरी के लिए बालेसर या सेखाला जाना पड़ता है।

उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने पूर्व में भी इसकी शिकायत की थी। लेकिन, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी बालेसर ने कागजों में विजिट बताकर महिला चिकित्सक के पक्ष में जांच रिपोर्ट बनाकर भेज दी थी।

तहसीलदार जांच में अनुपस्थित मिली:- सरपंच व ग्रामीणों ने बताया कि गत 24 अक्टुबर को बालेसर तहसीलदार ने आकस्मिक निरीक्षण किया था। तब भी महिला चिकित्सक व अन्य छह नर्सिंग कर्मचारी अनुपस्थित मिले थे। 


तहसीलदार के निरीक्षण के बाद भी महिला चिकित्सक व अन्य कर्मचारी अस्पताल नहीं पहुंचे। आस पास 15-20 गांवों का बड़ा व राजकीय प्राथमिक अस्पताल होने के बावजूद चिकित्सक नहीं आने पर रोगियों को परेशानी होती है।

धरना देंगे

सरपंच व ग्रामीणों ने बताया कि सरकार एक तरफ तो गांवों में बेहतर चिकित्सा सुविधा करवाने की बात कहती है। दूसरी तरफ कार्यरत चिकित्सक घर बैठे वेतन उठाते है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि तीन दिवस में कोई चिकित्सक नहीं आया तो ग्रामीण धरना प्रर्दशन करेंगे। निसं

इन्होंने कहा

केतु कल्लां अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक बीमार होने से पिछले 15 दिन से अवकाश पर है। मेरे पास प्रार्थना पत्र पड़ा है। छुटी पर कब से है यह तारीख याद नहीं है। बीमार पड़े तो छुट्टी जाना पडता है। ग्रामीण शिकायत करे तो उनका कोई इलाज नहीं है।

- डॉ. दुर्गेश भाटी, कार्यवाहक ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बालेसर।

- यदि डॉ. अस्पताल नहीं जाती है ग्रामीणों की शिकायत है तो कल देखता हूं। जांच करवाऊंगा यदि सही है तो वेतन रोकूंगा तथा कार्रवाई र्कंगा।

- सुरेन्द्रसिंह चौधरी, कार्यवाहक जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जोधपुर

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