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जोधपुर में यहां पहली बार हुई खजूर की बंपर पैदावार, आप भी लें इसका स्वाद

Patrika news network Posted: 2017-06-14 18:13:02 IST Updated: 2017-06-14 18:13:02 IST
जोधपुर में यहां पहली बार हुई खजूर की बंपर पैदावार, आप भी लें इसका स्वाद
  • केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) में टिश्यू कल्चर तकनीक से लगाए गए खजूर के पौधों से पहली बार आशानुरूप उत्पादन हुआ है।

जोधपुर

केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) में टिश्यू कल्चर तकनीक से लगाए गए खजूर के पौधों से पहली बार आशानुरूप उत्पादन हुआ है। एक हेक्टेयर में लगाए गए 150 पौधों से तीसरे साल अच्छा उत्पादन होने से वैज्ञानिकों में खुशी की लहर है। प्रत्येक पौधे पर 15 से 20 किलो लाल सूर्ख खजूर लगे हैं। लगभग 1500 किलो खजूर पैदा होने से काजरी खजूर का टेस्ट जनता को भी कराएगी। बुधवार से काजरी परिसर में 120 रुपए प्रति किलो खजूर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे।


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काजरी, गुजरात की आणंद यूनिवर्सिटी और बीकानेर स्थित शुष्क बागवानी संस्थान मिलकर टिश्यू कल्चर तकनीक से खजूर के पौधों का उत्पादन कर रहे हैं। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. आरके कौल ने बताया कि काजरी में हुए खूजर की वैरायटी एडीपी-1 है जो आणंद यूनिवर्सिटी ने दो साल पहले भेजी थी। इस साल अच्छे फलोत्पादन होने से इस वैरायटी के सफल होने की संभावना बढ़ गई है। काजरी अपनी लैब में मस्कट-2 वैरायटी के टिश्यू कल्चर तकनीक से नए पौधे पैदा कर रही है जिसे आणंद यूनिवर्सिटी को कच्छ में लगाने के लिए दिया जाएगा।


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पांव पानी में, सिर धूप में


खजूर अरब देश का फल है। इसका पांव पानी में और सिर धूप में रहता है यानी तेज गर्मी के साथ इसको पानी भी खूब चाहिए। एक पौधा 50 से लेकर 300 लीटर तक पानी पी जाता है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अकथ सिंह ने बताया कि चार साल बाद खजूर के पौधे में भरपूर फल लगने शुरू होते हैं और 80 साल तक यह पौधा जी सकता है। राजस्थान में इंदिरा गांधी कैनाल आने के बाद यहां अब खजूर की खेती के लिए बहुत संभावनाएं हैं। वैसे भी भारत खजूर का आयात करता है। राजस्थान और गुजरात मिलकर देश को खजूर के उत्पादन में आत्मनिर्भर कर सकते हैं।

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प्रति 100 ग्राम खजूर में पोषक तत्व

- 281 किलो कैलोरी ऊर्जा

- 8 ग्राम फाइबर

- 2.5 ग्राम प्रोटीन

- 0.4 ग्राम वसा

- 75 ग्राम कार्बोहाइडे्रट

- 10 आईयू विटामिन-ए

- 0.4 मिलीग्राम विटामिन-सी

- 0.2 मिलीग्राम विटामिन-बी6

- 39 मिलीग्राम कैल्सिशयम

- 2 मिलीग्राम सोडियम

- 656 मिलीग्राम पोटेशियम

- 43 मिलीग्राम मैग्निशियम


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अभी तक सफल रही वैरायटी

खजूर की वैरायटी अभी तक सफल रही है। यह शुष्क व अद्र्धशुष्क जलवायु की फसल है। पौष्टिक गुणों से भरपूर होने के साथ इसके छुआरा व कैण्डी भी बनाए जाते हैं। भविष्य में राजस्थान के किसानों के लिए इसकी खेती मिल का पत्थर साबित होगी।

डॉ. आेपी यादव, निदेशक, काजरी

rajasthanpatrika.com

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