Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

बढ़ते अपराध ना जोधपुर का मिजाज और ना कानून का राज, पुलिस से ये चाहते हैं शहरवासी..

Patrika news network Posted: 2017-07-16 19:23:24 IST Updated: 2017-07-16 19:23:24 IST
बढ़ते अपराध ना जोधपुर का मिजाज और ना कानून का राज, पुलिस से ये चाहते हैं शहरवासी..
  • शहर में एक के बाद एक लूटपाट की वारदातें, फायरिंग और अपराधियों की पौ-बारह आम लोगों में भय का वातावरण उत्पन्न कर रहा है। यह ना तो जोधपुर का मिजाज है और ना ही यह कानून का राज।

राजेश त्रिपाठी/जोधपुर

शहर में एक के बाद एक लूटपाट की वारदातें, फायरिंग और अपराधियों की पौ-बारह आम लोगों में भय का वातावरण उत्पन्न कर रहा है। यह ना तो जोधपुर का मिजाज है और ना ही यह कानून का राज। लुटेरे बेखौफ एक के बाद एक वारदातें कर रहे हैं। रात को टैक्सी चला रहे चालक के गर्दन पर हथियार रख कर लूट हो या व्यापारी से रूपयों से भरा बैग छीनने की वारदात। इस तरह की वारदातें जोधपुर में नहीं होती रही हैं। लगातार हो रही वारदातों ने पुलिस की सतर्कता की पोल खोल कर रख दी है। सवाल वही फिर आखिर पुलिस क्या कर रही है। इसका जवाब भी पुलिस ने ही दे दिया। 

पुलिस अपना 'दमÓ उन कार्यकर्ताओं पर दिखा रही है, जो किसानों के समर्थन में सड़कों पर आंदोलन कर रहे थे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं से तकरार हो गई तो उन्हें घेर कर पीटा गया। घसीटा गया और गिरफ्तार कर लिया गया। कथित रूप से भीड़ नियंत्रित करने के नाम पर पुलिस इतनी व्याकुल दिखी कि पुलिस के जवानों ने पत्थर फेंके। कार्यकर्ताओं को ढूंढ-ढूंढ कर पीटा। पुलिस के अफसर तक काफी दूर दूर तक उनकी तलाश में जुटे रहे। इसके चक्कर में थडि़यों पर बैठे आम लोग भी मारपीट के शिकार हो गए। सड़कों पर खड़ी गाडि़यों में तोडफ़ोड की गई। सवाल फिर वहीं, क्या यह तरीका कानून का राज बनाने का है अथवा अराजकता फैलाने का। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कहना पड़ा कि पुलिस के बल प्रयोग के पीछे षड्यंत्र की बू आ रही है। जोधपुर में कमिश्नरेट बड़ी आशाओं से शुरू किया गया था। उम्मीद थी कानून व्यवस्था के हालात सुधरेंगे। लेकिन शहर के लोग चकित हैं, पिछले कुछ महीनों में अपराध और अपराधियों के तौर तरीके बदल रहे हैं।

पिस्तौल, देशी कट्टे खुले आम चलाए जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस अपनी ताकत अपराधियों को नियंत्रित करने में लगाए। शहर का अमन चैन लौटे। अपराध का बदलता ट्रेंड यहीं रूके। वरना यह शहर ऐसे अफसरों को कभी माफ नहीं करेगा। 

rajasthanpatrika.com

Bollywood