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प्रशासन ने माना किसान पर था कर्जा, परेशान होकर दे दी अपनी जान

Patrika news network Posted: 2017-06-17 19:17:26 IST Updated: 2017-06-17 19:17:26 IST
प्रशासन ने माना किसान पर था कर्जा, परेशान होकर दे दी अपनी जान
  • कृषक गुलाबाराम ने मानसिक परेशानी से आत्म हत्या की, प्रशासन पहुंचा मौके पर, 41 हजार रुपए सहायता समेत गेहूं व चीनी उपलब्ध करवाई

जालोर

रानीवाड़ा उपखंडक्षेत्र के मेडक कलां गांव में किसान द्वारा आत्महत्या के मामले में प्रशासन ने यह माना है कि किसान ने मानसिक परेशानी के चलते आत्महत्या की। इस मामले में शनिवार को प्रशासन मृतक किसान गुलाबाराम के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। इस मामले में  मेडक कलंा के किसान ने गुलाबाराम द्वारा की गई आत्महत्या के कारणों की जानकारी लेने के लिए शनिवार को जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से मृत्तक के घर जाकर उनके परिजनों को सांत्वना दी तथा ढांढ़स बंधाया। इस दौरान परिजनों ने बताया कि गुलाबाराम ने मानसिक परेशानी के कारण आत्महत्या की है। कलक्टर एल.एन. सोनी ने बताया कि अतिरिक्त कलक्टर नरेश बुनकर के नेतृत्व में शनिवार को रानीवाड़ा के एसडीएम, विकास अधिकारी एवं अन्य अधिकारी जोडवास व दईपुर के सरपंच सहित मृत्तक गुलाबाराम पुत्र भगु भील निवासी मेडक कलां में स्थित उसके खेत पर बनी ढाणी पर आत्म हत्या के कारणों की जानकारी लेने व सहायता के लिए पहुंचे।इस दौरान परिजनों से मिलकर सांत्वना दी एवं ढांढ़स बंधाया।

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भूजल घटा इसलिए परेशान था किसान

परिजनों ने बातचीत के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को बताया कि पिछले 2 साल से भूजल की कमी आ गई। मृत्तक  द्वारा खेत में 2-3 जगह अलग-अलग स्थानों पर बोरवेल करवाए गए, लेकिन पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिला, जिसके कारण गुलाबाराम पिछले एक वर्ष से मानसिक रूप से परेशान रहने लगा तथा ज्यादा परेशान रहने के कारण 13 जून 2017 को उसके परिजन पालनपुर (गुजरात) लेकर गए तथा चिकित्सक  द्वारा जांच के बाद दवाइयां आदि भी दी गई। उसके बाद पालनपुर से उसी दिन दवाइयां लेकर पुन: घर पर आ गया।सभी घरवाले रात को गुलाबाराम के सो जाने पर सो गये। परिजनों ने बताया कि दूसरे दिन 14 जून को जब सुबह उठे तो गुलाबाराम को अपने स्थान पर सोया हुआ नहीं पाया।जिसके बाद उसके पुत्र मंगलाराम ने उसकी खोज शुरू की। इस दौरान घर के समीप नीम के पेड़ के नीचे लटका हुआ पाया गया। 

पिछले साल बैंक ने जारी किया था नोटिस

प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मृतक के परिजनों से बैंक ऋण की जानकारी लेने पर परिजनों ने कहा कि बैक ऑफ इंडिया की रानीवाड़ा शाखा द्वारा मृतक गुलाबाराम उसके भाई ताराराम द्वारा वर्ष 2005 में 2 लाख 50 हजार रुपयोंं की राशि का ऋण लिया गया था। बैंक द्वारा वर्ष 2016  में अन्तिम बार ऋण भुगतान के लिए नोटिस जारी किया गया था। परिजनों ने बोरवेल में पानी की अचानक कमी के कारण मानसिक रूप से परेशान होने के कारण ही आत्म हत्या करने का मुख्य कारण बताया।

प्रशासन ने किया ऋण माफी का प्रयास शुरू

प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बैक के अधिकारियों से वार्ता कर मृतक के नाम बकाया ऋण राशि को माफ करवाने एवं उसकी भूमि को रहन मुक्त किए जाने आदि की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है । 

परिजनों को आर्थिक सहायता

 प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मृत्तक की पत्नी अणसी देवी व पुत्र मंगलाराम को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाए जाने के तहत 41 हजार रुपए नकद दिए गए। वहीं  अन्य सहायता के रूप में 1 क्विंटल गेहूं एव 20 किलो चीनी, गैस सिलेंडर व चूल्हा आदि भी प्रदान किया। इसके अतिरिक्त अणसी देवी को विधवा पेशन का लाभ दिए जाने सहित दो पुत्रियों के पालन के लिए पालनहार योजना तथा खाद्य सुरक्षा का लाभ दिये जाने के लिए आवश्यक कार्यवाही की गई।

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पत्रिका ने प्रमुखता से प्रकाशित किया समाचार

मेडक कलां में किसान द्वारा आत्महत्या के मामले में राजस्थान पत्रिका ने 15 जून के अंक में 'रानीवाड़ा: आर्थिक तंगी में किसान ने की आत्महत्याÓ और 17 जून को 'बैंक के कर्ज में डूबा था मेडककलां में आत्महत्या करने वाला किसानÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किए, जिसके बाद प्रशासन प्रभावित किसान परिवार के घर पहुंचा।

rajasthanpatrika.com

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