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एनएच-168 एक्सटेंशन... दूसरे एनएच से गुजरात से जुड़ेगा जालोर, डीपीआर के लिए वर्कऑर्डर जारी

Patrika news network Posted: 2017-03-20 10:54:14 IST Updated: 2017-03-20 10:54:14 IST
एनएच-168 एक्सटेंशन...
दूसरे एनएच से गुजरात से जुड़ेगा जालोर, डीपीआर के लिए वर्कऑर्डर जारी
  • जालोर. बाड़मेर, जालोर, पाली जिले के लिए महत्वपूर्ण एनएच-325 के लिए एक तरफ जहां वर्कऑर्डर हो चुके हैं। वहीं जिले को एक बिजनेस सर्किट की तर्ज पर विकसित करने के लिए घोषित एनएच-168 एक्सटेंशन की डीपीआर के लिए भी अब वर्कऑर्डर हो चुके हैं।

- 136 किमी लंबा होगा यह रूट

- 6 माह में बनेगी डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट

- 168-ए रूट सांचौर, धनेरा, डीसा के साथ होगा इसका जुड़ाव

खुशालसिंह भाटी

जालोर. बाड़मेर, जालोर, पाली जिले के लिए महत्वपूर्ण एनएच-325 के लिए एक तरफ जहां वर्कऑर्डर हो चुके हैं। वहीं जिले को एक बिजनेस सर्किट की तर्ज पर विकसित करने के लिए घोषित एनएच-168 एक्सटेंशन की डीपीआर के लिए भी अब वर्कऑर्डर हो चुके हैं। जिसके तहत अगले छह माह में डीपीआर का काम होना है। एनएच-168 एक्सटेंशन के अनुसार जालोर से भीनमाल, करड़ा, सांचौर 136 किलोमीटर रूट पर हाइवे का निर्माण होना है। यह रूट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एनएच-168-ए के तहत सांचौर, धानेरा और डीसा तक भी काम होना है। ऐसे में एक्सटेंशन रूट भी इस हाइवे का हिस्सा ही है। भविष्य में हाइवे बनने से एक तरह से बाड़मेर, जालोर, सांडेराव, भीनमाल, सांचौर और गुजरात राज्य इस हाइवे से सीधे जुड़ जाएंगे। इससे एक तरफ सफर में आसानी होगी और सफर में कम समय लगेगा। दूसरी तरफ जालोर, बाड़मेर, पाली जिलों के उद्योगों का विकास भी होगा। बाड़मेर के साथ साथ जालोर जिले का गुजरात राज्य से कनेक्ट होने से जिलेवासियों को बेहतर सुविधाएं, मेडिकल सुविधाओं में भी राहत मिलेगी।

छह माह में बनेगी डीपीआर

विभागीय जानकारी के अनुसार 8 मार्च को डीपीआर के लिए वर्कऑर्डर जारी हो चुके हैं। वर्कऑर्डर के साथ अगले छह माह में इस रूट की फिजिबिलिटी के लिए सर्वे का कार्य किया जाएगा। यह रूट 136 किमी है और इस रूट के लिए छह माह में डीपीआर बनेगी।

इस रूट के मायने

जालोर जिले के सांचौर क्षेत्र के भवातड़ा में अंतरदेशीय बंदरगाह प्रस्तावित है। इस बंदरगाह की दृष्टि से भी यह हाइवे महत्वपूर्ण माना जा सकता है। भवातड़ा में बंरगाह के लिए सर्वे भी हो चुका है और करीब 6 हजार करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट तैयार होने के मुख्यालय जयपुर को भेजा गया है। वहां से विभिन्न स्तर प र इस मार्ग की क्वेरी होगी। उसके बाद जरुरत होने पर सर्वे की रिपोर्ट में आवश्यक संसोधन के साथ रिपोर्ट भारत सरकार को जाएगी और सबकुछ ठीक रहा तो पोर्ट के लिए फंडिंग होगी।

आगे क्या

एक तरफ बालोतरा-जालोर-आहोर-सांडेराव नेशनल हाइवे-325 के लिए टेंडर प्रोसेस के बाद वर्कऑर्डर हो चुके हैं। यह कार्य कुल 4 पैकेज में पूरा होना है। इसमें से दो पैकेज के लिए स्वीकृतियां जारी है। कार्य शुरू होने के बाद अगले कुछ वर्षों में यह रूट पूरी तरह से हाइवे में तब्दील हो जाएगा। दूसरी तरफ जालोर से सांचौर और सांचौर को गुजरात राज्य के डीसा से हाइवे से कनेक्ट करने के लिए पिछले साल ही सर्वे के लिए 1 करोड़ रुपए से अधिक का बजट जारी किया गया था। अब इस 136 किमी लंबे प्रोजेक्ट के लिए भी वर्कऑर्डर हो चुके हैं। डीपीआर बनने के दौरान मार्ग का विभिन्न स्तर पर सर्वे किया जाएगा। एलाइनमेंट जांच और मार्ग की फिजिबिलिटी की जांच के बाद इस रूट की डीपीआर बनेगी। इसके बाद विभिन्न स्तर पर जांच के लिए मुख्य अभियंता कार्यालय को यह रिपोर्ट भेजी जाएगी।

इनका कहना

नेशनल हाइवे 168 एक्सटेंशन जालोर-भीनमाल-करड़ा-सांचौर की डीपीआर के लिए 8 मार्च को वर्कऑर्डर जारी हो चुका है। अगले छह माह में संंबंधित फर्म इसकी डीपीआर तैयार करेगी। जिसके बाद विभिन्न स्तर पर कार्य होंगे।

- जेपी सुथार, एक्सईएन, हाइवे ऑथोरिटी

रिपोर्ट: खुशालसिंह भाटी

rajasthanpatrika.com

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