video- 30 वर्ष बाद सेना को मिली तोपें पोकरण में गरजेगी

Patrika news network Posted: 2017-05-18 23:01:25 IST Updated: 2017-05-18 23:01:25 IST
  • -4200 किलो वजनी तोपें 40 किमी तक साधेगी निशाना -वर्ष 2021 तक हर महीने सेना को मिलेगी 5 तोपें

जैसलमेर. भारतीय सेना को तीन दशक बाद  हॉविटजर्स तोपों का साथ मिलेगा। दो एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉविटजर्स  पोकरण की फिल्ड फायरिंग रेंज में गरजेगी। गौरतलब है कि इन तोपों का फिलहाल अमेरिका, कनाडा और आस्ट्रेलिया जैसे देश उपयोग कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि ये तोपें फायरिंग टेबल बनाने के लिए देश में लाई गई हैं और इन्हें भारतीय आयुद्धों को दागने लायक बनाया गया है। रक्षा सूत्रों की मानें तो ब्रिटेन के चार्टर्ड विमान से मंगवाई दो हॉट्विटर्स का पोखरण फिल्ड फायरिंग रेंज में परीक्षण किया जाएगा। 4200 किलो वजनी और 40 किमी मारक क्षमता वाली ये तोपें सटीक निशाना साधकर लक्ष्य को नेस्तनाबूत करने में सक्षम है। इसका फायदा यह भी कि इसका तुलनात्मक वजन कम होने से उपयोग के लिहाज से इसका परिवहन आसानी से हो सकेगा। ये तोपें फायरिंग टेबल बनाने के लिए भारत में लाई गई है। ये तोपें वर्ष 2016 में खरीदी गई थी। फायरिंग टेबल तैयार कराने का जिम्मा भारतीय सेना के साथ यूएस सरकार व बीएई कम्पनी का है। माना जा रहा है कि सितंबर 2018 में तीन और तोपों की डिलीवरी होगी। वर्ष 2021 तक हर महीने तोपें सेना को आपूर्ति होगी। सूत्र यह भी बताते हैं कि वर्ष 2019 में इन तोपों को सेना में शामिल किया जाएगा। भारत व अमेरिका के बीच हुए 737 मिलियन डॉलर के सौदे के तहत अधिग्रहित एयर.मोबाइल हॉट्विटर्स के लिए डिलीवरी शेड्यूल मार्च 201 9 से आगे बढ़ेगा। बोफोर्स मामले के बाद से 13 लाख सैनिकों वाली मजबूत भारतीय सेना के पास एक भी 155 एमएम आर्टिलरी गन नही है। इससे पूर्व 37 वर्ष पहले  स्वीडिश बोफोर्स तोप खरीदी गई थी, जिसके बाद अब इन तोपों को खरीदने की कार्यवाही हुई है। 

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