Video: संवत्सर 2074 से पहले 4 घोड़ों को 4 दिशाओं में छोड़ गया, जयपुर में यूं हो रहा नववर्ष का स्वागत

Patrika news network Posted: 2017-03-26 13:49:00 IST Updated: 2017-03-26 13:51:11 IST
  • राजधानी में 25 से 27 मार्च के बीच अन्तरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में देश-विदेश से सैकड़ों ज्योतिषाचार्य शास्त्र-भविष्य से जुड़ी जानकारियां देने पधारे हैं। ज्योतिष को नए सिरे से स्थापित करने हेतु नवसंवत्सर को दोबारा प्राचीन संस्कृति के रूप में मनाया जा रहा है....

जयपुर.

हिंदू नव वर्ष के स्वागत में हिंदुस्तान मेें उत्तर से दक्षिण व पूर्व से पश्चिम तक अलग-अलग परंपराएं एवंम मान्यताएं रही हैं। रविवार को जयपुर में भी एक खास परंपरा नव वर्ष के अभिनंदन के लिए देखने को मिली।


यहां हिन्दू नव वर्ष के स्वागत में चांदपोल स्थित रामचंद्र मंदिर से पूजा पाठ और विधि विधान से चार घोड़ो को चार दिशाओं में छोड़े गया, जो गुलाबी नगरी की बहुत पुरानी परंपरा रही है।


28 को है नव संवत्सर

इस अवसर पर पंडित सुरेश मिश्रा ने बताया कि परंपरा का निर्वहन करते हुए हर साल नव संवत्सर के स्वागत में ये आयोजन किया जाता है। इस बार 28 मार्च को ये दिवस आ रहा है।


जयपुर आए हैं देश-विदेश के ज्योतिषाचार्य

राजधानी में चल रहे अन्तरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में भी नर्व वर्ष को लेकर भविष्य-वक्ताओं ने कई तरह की जानकारियां बताईं हैं। अन्तरराष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन की शुरुआत यहां जलमहल के सामने होटल लेक पैलेस, गुर्जर घाटी में शनिवार को हुई थी। ज्योतिषाचार्य कीर्ति शर्मा ने बताया कि 25 मार्च से 27 मार्च तक चलने वाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश से सैकड़ों ज्योतिषी इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।


नवसंवत्सर को दोबारा प्राचीन संस्कृति के रूप में मनाया जा रहा है

संत अवधेश दास सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, स्वेज फॉर्म, जगन्नाथ पुरी, उड़ीसा से प्रसाद दास महाराज, अयोध्या से मोहनदास महाराज और वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय के प्राचार्य चंद्रप्रकाश शर्मा ने बीते दिनों इस कार्यक्रम का श्री ध्वजाधीष गणेश मंदिर में स्टीकर का विमोचन भी किया था। प्रशान्त शर्मा ने बताया कि लोगों में ज्योतिष से जुड़े भ्रम दूर करने, इसे एक वैज्ञानिक विषय के रूप में स्थापित करने और ज्यादा से ज्यादा से लोगों को इसका लाभ देने के उद्देश्य से नवसंवत्सर को दोबारा प्राचीन संस्कृति के रूप में मनाया जा रहा है।


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