न बिजली आती है न पानी, राजस्थान में यहां गर्मी से हजारों बच्चों का हाल-बेहाल, सरकार करिए कुछ..

Patrika news network Posted: 2017-04-17 14:08:51 IST Updated: 2017-04-17 14:08:51 IST
न बिजली आती है न पानी, राजस्थान में यहां गर्मी से हजारों बच्चों का हाल-बेहाल, सरकार करिए कुछ..
  • देश के सबसे बड़े सूबे में करीब 16,000 सेकेंडरी एवं 1000 से ज्यादा हाईयर सेकेंडरी स्कूल हैं। लेकिन बिजली-पानी की समस्या हल नहीं होतीं। राजधानी के बस्सी क्षेत्र में हाल ये हैं कि 216 स्कूलों में से सिर्फ 20 में ही सरकार करा पाई बिजली कनेक्शन...

जयपुर.

सरकार द्वारा स्कूलों में नामांकन बढ़ाने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है लेकिन स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। जिसके कारण सरकारी स्कूलों में क्षेत्रवासी अपने बच्चों का दाखिला नहीं करा रहे हैं।


इसका सबसे बड़ा कारण क्षेत्र स्थित प्रारंभिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित स्कूलों में विद्युत कनेक्शन नहीं होना है। जिसके कारण बच्चे गर्मी में बेहाल हो जाते हैं। अभिभावक अपने बच्चों को वहां पर दाखिला दिलाने से कतराते हैं। यह मामला बस्सी क्षेत्र के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का है।


216 स्कूलों में से सिर्फ 20 में ही बिजली कनेक्शन

देश के सबसे बड़े सूबे में करीब 16,000 सेकेंडरी एवं 1000 से ज्यादा हाईयर सेकेंडरी स्कूल हैं। लेकिन बिजली-पानी की समस्या हल नहीं होतीं। राजधानी के बस्सी क्षेत्र में हाल ये हैं कि 216 स्कूलों में से सिर्फ 20 में ही सरकार बिजली कनेक्शन करा पाई।


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क्षेत्र में 117 प्राथमिक विद्यालय व 99 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं, जो प्रारंभिक शिक्षा के अंतर्गत आते हैं। इनमें से केवल 20 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ही विद्युत कनेक्शन है। बाकी विद्यालयों में बिजली के कनेक्शन नहीं होने के कारण बच्चों के साथ अध्यापक भी गर्मी में बेहाल हो जाते हैं।


सरकारी स्कूलों में बच्चों को दाखिला कराने से कतराते हैं अभिभावक

शिक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया सरकार नामांकन बढ़ाने के लिए जोर देती है लेकिन स्कूलों में बिजली व पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के कारण अभिभावक सरकारी स्कूलों में दाखिला कराने से कतराते हैं। इस कारण से सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या नगण्य रहती है।


कैसे सीखेंगे कम्प्यूटर

जब स्कूलों में विद्युत कनेक्शन ही नहीं है तो बच्चे कम्प्यूटर के साथ अन्य गतिविधियां कैसे सीखेंगे और केन्द्र सरकार की ओर से डिजिटल इंडिया बनाने के लिए जो कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं उसके लिए स्कूलों में लाइट ही नहीं होगी तो बच्चे कैसे सीख पाएंगे।


44 ग्राम पंचायतों में है स्कूल

बस्सी पंचायत समिति के अधीन 44 ग्राम पंचायतें आती हैं। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 216 राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय आते हैं जिनमें स्कूलों में लाइटों की व्यवस्था नहीं है तो कई विद्यालयों में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। कई विद्यालयों में बैठने के लिए दरी पट्टियां ही नहीं है तो कई विद्यालयों में अध्यापकों की कमी है। जिसके चलते बस्सी क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में नामांकन घटता जा रहा है।


प्राथमिक व उच्च प्राथमिक में इतने पद स्वीकृत

प्रारंभिक शिक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में अध्यापकों के दो पद स्वीकृत हैं व उच्च प्राथमिक विद्यालय में 5 अध्यापक व एक प्रधानाध्यापक का पद स्वीकृत है लेकिन कई स्कूलों में तो अध्यापकों की संख्या कम है जहां नामांकन बहुत अधिक है।


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दूरदराज विद्यालय होने से नहीं पहुंचते अध्यापक

क्षेत्र में कई दूरदराज इलाकों में अध्यापक नहीं पहुंचते हैं। क्षेत्र में कई जगह परिवहन की सुविधाएं नहीं होने के कारण कई अध्यापक राजनीतिक दबाव बनाकर आस पास के स्कूलों में ही जमे रहते हैं। दूरदराज के स्कूलों में शिक्षकों का अभाव हो जाता है।


शुरू करने जा रहे परिवहन भत्ता

सरकार द्वारा एक किलोमीटर से दूर की स्कूल में जाने के लिए परिवहन भत्ता भी शुरू किया जा रहा है। शिक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया जो स्कूल एक किलोमीटर से दूर है उनके लिए प्रत्येक छात्र को परिवहन भत्ता दिया जाएगा।


कई बार कराया है अवगत

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कई बार मामले को उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है लेकिन अभी तक स्कूलों में लाइट की व्यवस्था नहीं हुई है। जिसके कारण अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने में कतराते हैं।


राजस्थान पत्रिका ने उठाया था मुदृा

बता दें कि राजस्थान पत्रिका समूह द्वारा नींव अभियान के तहत प्रदेशभर के स्कूलों की दुर्दशा दर्शाई गई थी। 2013, 14 एवं 15 में हर इलाके के हाल दिखाए गए थे। जिसके बाद पिछले साल सरकार ने स्कूलों को मर्ज किए जाने की रणनीति बनाई। हालांकि, अभी भी कुछ खास नहीं हो सका।


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क्षेत्र में 216 विद्यालय प्रारंभिक शिक्षा के अधीन आते हैं। इनमें से विद्युत व्यवस्था केवल 20 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में है। इसके लिए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। शीघ्र इस पर सभी स्कूलों को विद्युत कनेक्शन से जोडऩे के प्रयास किए जा रहे हैं।

- रमेश समरसिय, बीईईओ, बस्सी


इस मामले में बीईईओ से रिपोर्ट मांग कर शीघ्र व्यवस्था के लिए प्रयास किए जाएंगे।

- प्रभुदयाल शर्मा, एसडीएम, बस्सी


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