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#TotalNoToChildMarriage: राजस्थान में 10 साल में 30% घटे बाल विवाह: रिपोर्ट; हम चला रहे हैं अभियान: WCD

Patrika news network Posted: 2017-04-16 17:27:04 IST Updated: 2017-04-16 17:28:40 IST
#TotalNoToChildMarriage: राजस्थान में 10 साल में 30% घटे बाल विवाह: रिपोर्ट; हम चला रहे हैं अभियान: WCD
  • पिछले दस वर्षों में प्रदेश में बाल विवाह में 50 फीसदी तक की कमी आई है। हालांकि सुधार की गुजांइश काफी है, क्योंकि बाल विवाह का आंकड़ा अभी भी 35 प्रतिशत से अधिक है..

जयपुर.

देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान में बेटियों की तादात में पिछले कुछ साल में वृद्धि देखी गई है, लेकिन फिर भी हालात ऐसे हैं कि माता-पिता उन्हें लेकर पूरी तरह फिक्रमंद नहीं दिखते। यदि ऐसा नहीं होता तो प्रदेश में बाल-विवाह रुक गए होते। लेकिन सचाई यही है कि, कुछ हिस्सों में अभी भी बाल-विवाह हो रहे हैं।


खासकर, ग्रामीण इलाकों में बाल-विवाह की घटनाएं सामने आईं। तब, शासन-प्रशासन, महिला एवं बाल विकास संगठन (Wcd) का यही कहना रहा है कि कहीं होते हैं, तो सूचना दें, हम कार्रवाई करेंगे। पुलिस को गुप्त सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाता है। हालांकि, शिक्षा के कारण प्रदेश में जागरुकता आ रही है। इसके परिणाम भी दिखने लगे हैं।


50 फीसदी तक की कमी आई बाल-विवाह में

आंकड़ों की मानें तो, जागरुकता का ही नतीजा है कि पिछले दस वर्षों में प्रदेश में बाल विवाह में 50 फीसदी तक की कमी आई है। हालांकि सुधार की गुजांइश काफी है, क्योंकि बाल विवाह का आंकड़ा अभी भी 35 प्रतिशत से अधिक है। बाल विवाह में आए ये सुधार राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे की रिपोर्ट में उजागर हुए।


जिले में कितने बाल विवाह हुए

Rajasthanpatrika.com की ओर से यह पता लगाया गया कि सर्वाधिक आबादी वाले जिले जयपुर में बाल-विवाह होने या न होने की क्या स्थिति है। तो राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-4 के अनुसार, यहां सकारात्मक तस्वीर सामने आई। जिले में 37.2 प्रतिशत ग्रामीण महिलाएं जबकि कुल 29.5 महिलाएं ही बाल विवाह के तौर पर रिकॉर्ड में आ पाईं। इसका मतलब यह है कि 10 साल में बाल विवाह तीस प्रतिशत तक कम हुए।


जिला -------- ग्रामीण महिला --कुल

जयपुर ------------ 37.2 ----- 29.5

अजमेर ---------- 48.0 ------ 35

अलवर -- ----- 44.1 ---- 40.8

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'बाल विवाद रोकने कैंपेन चला रहे हैं'

बाल विवाह को रोकने के लिए हमने एक कैंपेन लॉंच किया है। जिसमें सुनिश्चत किया गया है कि ऐसी घटनाओं पर नियंत्रण हो सके। सोमवार को इस पर पूरी बात की जा सकेगी।

— दिशा मीणा, महिला एवं बाल विकास संगठन (Wcd)अधिकारी,

जयपुर, राजस्थान।


नहीं उठे लैंडलाइन के फोन

खास बात यह है कि जब Rajasthanpatrika.com की ओर से Wcd अधिकारियों से इस विषय में बात की गई तो सकारात्मक जवाब नहीं मिल सके। कमिश्नर ऋचा खोडा एवं दिशा छुटृटी पर राजस्थान से बाहर गई हुई थीं। रेनू खंडेलवाल ने वर्जन देने से इनकार कर दिया।

0141-2706563, 0141- 5196302, 078220 18685 नंबरों पर संपर्क किया गया तो एक बार भी कॉल रिसीव नहीं हुआ।


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