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17 आचार्य, सह आचार्य और सहायकों की भर्ती के लिए साक्षात्कार हुए थे, लेकिन धरे रह गए सीलबंद लिफाफे

Patrika news network Posted: 2017-04-20 14:17:57 IST Updated: 2017-04-20 14:17:57 IST
17 आचार्य, सह आचार्य और सहायकों की भर्ती के लिए साक्षात्कार हुए थे, लेकिन धरे रह गए सीलबंद लिफाफे
  • राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में सीलबंद लिफाफे खोलने पर हुआ विवाद। बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक में खुलने थे 17 चिकित्सकों की नियुक्ति के लिफाफे..

जयपुर.

राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय प्रबंधन एक बार फिर चर्चाओं में है। यहां नए मेडिकल कॉलेज के लिए 17 आचार्य, सह आचार्य और सहायक आचार्य की नियुक्तियों को लेकर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार और बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्य आमने-सामने हो गए हैं।


बैठक में बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्यों ने लिफाफे खोलने से इंकार करते हुए पहले कानूनी राय  लेने पर जोर दिया। सूत्रों की मानें तो राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक हुई। बैठक में डॉ. राजाबाबू पंवार ने जैसे ही 17 आचार्य, सह आचार्य और सहायक आचार्य की नियुक्ति के लिए सीलबंद लिफाफे सदस्यों के सामने रखे तो सदस्य भड़क गए।


 सदस्यों ने यह कहते हुए सीलबंद लिफाफे खोलने से इंकार कर दिया कि पहले कानूनी राय ली जाए कि साक्षात्कार के चार माह बाद चयन समिति की ओर से चयन के लिए तय किए गए सीलबंद लिफाफे खोले जा सकते हैं कि नहीं। काफी देर के हंगामे और तनातनी के बाद तय किया गया कि साक्षात्कार के लिए बनी कमेटी से इस संबंध में राय ली जाए।


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गौरतलब है कि  दिसंबर 2016 में राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के नए मेडिकल कॉलेज के लिए 17 आचार्य, सह आचार्य और सहायक आचार्य की भर्ती के लिए साक्षात्कार आयोजित हुए। चयन समिति ने साक्षात्कार का परिणाम तैयार कर सीलबंद लिफाफे विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दिए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने लिफाफों को नहीं खोला।


'इसीलिए लिफाफे नहीं खोले गए'

कमेटी के समक्ष चयन की एक सूची लानी चाहिए थी, जिसमें अभ्यर्थियों के नाम, मेरिट और अंक होने चाहिए थे। एेसा नहीं हुआ। इसीलिए लिफाफे नहीं खोले गए।

-डॉ. अरुण चौगले, प्रवक्ता, राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय


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