प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी सॉयल हैल्थ कॉर्ड योजना राजस्थान के किसानों के साथ धोखा!

Patrika news network Posted: 2017-04-15 09:43:52 IST Updated: 2017-04-15 09:43:52 IST
प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी सॉयल हैल्थ कॉर्ड योजना राजस्थान के किसानों के साथ धोखा!
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी सॉयल हैल्थ कॉर्ड की योजना किसानों के साथ धोखा साबित होने जा रही है। राजस्थान में मिट्टी की जांच के नाम पर सिर्फ लीपापोती हो रही है।

जयपुर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी सॉयल हैल्थ कॉर्ड की योजना किसानों के साथ धोखा साबित होने जा रही है। राजस्थान में मिट्टी की जांच के नाम पर सिर्फ लीपापोती हो रही है। पिछले दिनों कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने टोंक और अजमेर जिले की कुछ प्रयोगशालाओं की जांच की तो यह सच्चाई सामने आई है। अब कृषि विभाग इस मामले में कार्रवाई में जुटा है।


प्रधानमंत्री ने शुरू किया था जांच अभियान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फरवरी, 2015 में सॉइल हेल्थ कार्ड अभियान की शुरुआत की थी। खास बात यह है कि इसकी शुरूआत भी राजस्थान के ही सूरतगढ़ से ही हुई थी। यह भी तय हुआ था कि किसानों को उनके खेत की मिट्टी की जांच करवाकर दी जाएगी, जिससे वह सही फसल उगा सकेंगे, लेकिन प्रदेश में इन तीन जगहों की जांच में हो उलटा ही रहा है।


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ना नमूने जांचे, ना स्टाफ मौजूद

दूनी... यहां 2014-15 में प्रयोगशाला का निर्माण करवाया गया था। निजी फर्म को यह प्रयोगशाला चलाने के लिए दी गई थी। प्रयोगशाला में कुल 8804 मृदा के नमूने लिए गए, लेकिन सिर्फ 500 नमूनों की ही जांच हो पाई। जांच करने वाले भी पूरी तरह से प्रशिक्षित नहीं थे।


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देवली... यहां सितम्बर, 2016 से प्रयोगशाला शुरु हुई। प्रयोगशाला में कुल 14308 नमूने आए। इनमें से 3490 में मुख्य तत्वों और 1000 नमूनों में सूक्ष्म तत्वों की जांच की गई। 1000 नमूनों की जांच भी अजमेर जिले के केकड़ी कस्बे में बनी प्रयोगशाला में हुई। यहां जब विभाग के अफसरों ने पचास नमूनों की अलग से जांच करवाई तो सामने आया कि पहले जो जांच हुई, वह सही नहीं थी।


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केकड़ी... यहां 26 हजार 866 नमूने लिए गए। अब तक 3120 मृदा नमूनों की जांच की गई। इनमें से 1029 नमूनों की पूरी जांच हुई है। यहां स्टाफ रहता ही नहीं है। अक्सर छुट्टियों पर ही रहता है।


प्रयोशालाओं पर कार्रवाई होगी

प्रदेश में 68.88 लाख कृषि जोत है और हमें 21 लाख जांच नमूने लेने हैं। प्रदेश में 102 प्रयोगशालाए हैं। इनमें से 69 को निजी हाथों में दिया हुआ है। मैं खुद ही दौरा करके आया हूं। जिन निजी कंपनियों की प्रयोगशाला में गड़बडि़यां हुई हैं। उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

-प्रभु लाल सैनी, कृषि मंत्री

rajasthanpatrika.com

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