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80,000 Cr से ज्यादा के घाटे से जूझ रही बिजली कंपनियों को उबारने में 'उदय' के भी डूबने का संकट

Patrika news network Posted: 2017-04-19 19:28:15 IST Updated: 2017-04-19 19:51:43 IST
80,000 Cr से ज्यादा के घाटे से जूझ रही बिजली कंपनियों को उबारने में 'उदय' के भी डूबने का संकट
  • देश के सबसे बड़े राज्य में घाटे से जूझ रही बिजली कंपनियों को घाटे से उबारने के लिए उदय योजना के तहत लिया गया 60 हजार करोड़ का कर्जा भी बिजली कंपनियों को उजाला देने में असफल होता नजर आ रहा है। डिस्कॉम के घमासान में...

स्टेट न्यूज डेस्क.

राजस्थान में 80 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घाटे से जूझ रही बिजली कंपनियों को घाटे से उबारने के लिए उदय के तहत लिया गया 60 हजार करोड़ का कर्जा भी बिजली कंपनियों को उजाला देने में असफल होता नजर आ रहा है।


उदय योजना के तहत लिया गया 60,000 करोड़ का कर्जा भी होता दिख रहा बेअसर

हालात ऐसे हैं कि नौकरशाही के मकडज़ाल में उलझी बिजली कंपनियों में चल रही उठापटक कर्ज में डूबी बिजली कंपनियों के सूरज को उदय होने से पूरी तरह रोक रही है। कहने को तो बिजली कंपनियों को कॉर्पोरेट स्टाइल में चलाने की बात की जा रही है लेकिन हालात ऐसे हैं कि एक इंजीनियर को हटाने पर एमडी को मंत्रियों, विधायाकों तक का भारी दवाब झेलना पडता है।


उठापटक ने उजागर किया उदय का सच

जयपुर डिस्कॉम के एमडी एके बोहरा और टेक्नीकल डायरेक्टर के इस्तीफे ने उदय के सच को उजागर कर दिया। जहां बीते आठ महीने से जहां एमडी बोहरा का पूरा फोकस बिजली चोरी, छीजत को रोकने पर था। लेकिन हाल के घटनाक्रम ने बिजली कंपनियों को घाटे से उबारने के प्रयासों को झटका लगने की आशंका है।


सिर्फ शक्ल बदली हालात सरकारी ढर्रे जैसे

कहने को तो बिजली कंपनियों को कॉर्पोरेट स्टाइल में चलाने की बात की जा रही है। लेकिन हालात आज भी सरकारी ढर्रे की तरह चल रहे हैं। बिजली चोरी, राजस्व घाटा व अन्य अनियमितताएं होने पर एमडी अगर किसी इंजिनियर का तबादला करता है या चार्जशीट देता है तो उसे बचाने के लिए मंत्री, विधायक सांसद तक का दबाव आने लगता है। प्रदेश की एक भी बिजली कंपनी पूरी तरह से ऑनलाइन नहीं है।


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विधानसभा में भी उठा था मामला

विधान सभा सत्र के दौरान डिस्कॉम के आला अधिकारियों की कार्यप्रणाली व फील्ड में इंजीनियरों के भ्रष्टाचार को लेकर बस्सी विधायक ने आरोप जड़े। विधायक ने यहां तक कहा था कि आला अफसरों के इशारे पर बिजली चोरी हो रही है और बिजली कंपनियों में भ्रष्टाचार हो रहा है।


'अधिकारियों ने अपनी मर्जी से इस्तीफे दिए हैं'

उदय योजना के लक्ष्यों की प्राप्ति हमने की है। डिस्कॉम में इस्तीफो की जहां तक बात है तो उसके कारणों में स्वास्थ्य सामने आया है और उन्होंने अपनी मर्जी से इस्तीफे दिए हैं। हम आगे भी निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करेंगे।

पुष्पेन्द सिंह, उर्जा मंत्री।


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