नोटबंदी के 23 दिन: महीने की पहली सैलरी आई, अकाउंट में पैसे, लेकिन जेब हैं खाली

Patrika news network Posted: 2016-12-01 19:47:25 IST Updated: 2016-12-01 19:47:25 IST
नोटबंदी के 23 दिन: महीने की पहली सैलरी आई, अकाउंट में पैसे, लेकिन जेब हैं खाली
  • मानसरोवर, दुर्गापुरा, जगतपुरा, टोंक रोड सहित कई अन्य जगहों पर लोग बारी-बारी से गुलाबी ठंड के बीच अपने ही खाते मेें से जेब भरने के लिए एटीएम और बैंक के बाहर दिखाई दिए...

जयपुर.

महीने का पहला दिन और अपनी कमाई के रुपयों को लेने के लिए सुबह छह बजे से लंबी लाइन में लगने की हौड़। कुछ ऐसा ही दिखा नोटबंदी के 23 वें दिन।


मानसरोवर, दुर्गापुरा, जगतपुरा, टोंक रोड सहित कई अन्य जगहों पर लोग बारी-बारी से गुलाबी ठंड के बीच अपने ही खाते मेें से जेब भरने के लिए एटीएम और बैंक के बाहर दिखाई दिए। गुरुवार को सुबह सात बजे ही गांधी नगर स्थित एसबीबीजे बैंक के बाहर इतनी भीड़ जमा हो गई कि लोग गेट के अंदर बाहर भी नहीं आ सकें।


लाइन में लगे रमेश का कहना था कि वह सुबह छह बजे से लाइन में लगे हैं ताकि वह रुपयों को गांव भिजवा सकें। दोपहर होते ही एटीएम के बाहर भी लोगों की लंबी लाइनें देखी गई। जयपुर फल सब्जी थोक विक्रेता संघ के अध्यक्ष राहुल तंवर का कहना है मुहाना मंडी में रुपयों का लेनदेन न होने के चलते किसानों की सब्जियां नहीं बिक रही है। ऐसे में व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।


नहीं आए 500 के नोट

बैंकों में 500 के नए नोट नहीं आने से कैश की कमी हो रही है। इन नोटो के नहीं आने से 2 हजार के बदले खुले रुपए देने में दुकानदारों को परेशानी होती है। चेस्ट ब्रांच में पिछले दिनो नोटो की जो खेप आई थी। उसमें सभी 2 हजार के नोट होने से बैंक वालों को भी परेशानी हो रही है।


एसबीबीजे व एसबीआई में दो हजार रुपए के नोट ही भुगतान में दिए जा रहे है। जबकि जिन बैंकों में नोटो की कमी है वो गले फटे पुराने नोटो के अलावा 10-10 रुपए के सिक्के दिए जा रहे है। एटीएम की स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है। इससे भी लोग परेशान है।

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