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फर्जी सिम का यूज कर यूं पेटीएम और ई-पेमेंट से की 1.18 लाख की ऑनलाइन ठगी, पकड़े जाने पर बताई कहानी

Patrika news network Posted: 2017-04-19 16:18:42 IST Updated: 2017-04-19 16:18:42 IST
फर्जी सिम का यूज कर यूं पेटीएम और ई-पेमेंट से की 1.18 लाख की ऑनलाइन ठगी, पकड़े जाने पर बताई कहानी
  • आप जरा सतर्क हो जाइए, इसलिए कि ऑनलाइन ठगी करने वाले बड़े शातिर हो गए हैं। ऐसी ट्रिक्स हैं, जिनसे मोबाइल सिम से पोर्ट कर प्राप्त आईडी से फर्जी तरीके से किसी के भी बैंक अकाउंट में सेंध लगाई जा सकती है। देखें, कैसे मोबाइल सिम पोर्ट कर प्राप्त आईडी से जारी करवाई फर्जी सिम....

जयपुर.

ऑनलाइन ठगी करने वाले बड़े शातिर हो गए हैं, तो आप जरा सतर्क हो जाइए। कोई साइबर ठग मोबाइल सिम से पोर्ट कर प्राप्त आईडी से फर्जी तरीके से किसी के भी बैंक अकाउंट में सैंध लगा सकता है। कुछ इसी तरह हजारों रुपए उड़ाने वाले एक ठग को क्राइम ब्रांच द्वारा किया गया पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार...


फर्जी सिम के सहारे यूं की 1.18 लाख की ऑनलाइन ठगी

मोबाइल सिम से पोर्ट कर प्राप्त आईडी से फर्जी तरीके से सिम जारी करवाकर बैंक खाते से 1.18 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी करने वाले को क्राइम ब्रांच ने पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। आरोपित ने पेटीएम से 58800 रुपए और ई-पेमेंट से 59400 रुपए की ठगी कर ली थी।


आरोपित ने पश्चिम बंगाल से की ठगी

पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने बताया कि 11 मार्च को सोडाला थाने में मूलत: पश्चिम बंगाल और हाल नवदुर्गा कॉलोनी सोडाला निवासी सुकुमार बोध ने ठगी का मामला दर्ज कराया था। उसने बताया कि कुछ दिनों से उसका मोबाइल नंबर खराब चल रहा था। एक्सेस बैंक जाने पर पता चला कि पेटीएम और ई-पेमेंट से उसके खाते से 1.18 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन कर लिया गया है। क्राइम ब्रांच की तकनीकी शाखा के हैड़ कांस्टेबल रतनदीप और अन्य पुलिसकर्मियों की टीम बनाई गई।


पेटीएम से 58800 और ई-पेमेंट से 59400 की ठगी

तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि पेटीएम से 58800 रुपए और ई-पेमेंट से 59400 रुपए का ट्रांजेक्शन किया गया है। पड़ताल में यह ाी सामने आया कि परिवादी के नंबर की सिम लेकर वि िान्न ई-वॉलेट उक्त फर्जी आईडी के सिम नंबरों से ऑपरेट कर रहा है।


झांसा दे मोबाइल लिया, फिर बुना जाल

पुलिस पड़ताल में सामने आया कि पश्चिम बंगाल के हावडा स्थित कालीताला निवासी आरोपित सुजोय कर्मोकार ने परिवादी के मोबाइल नंबर को षडयंत्रपूर्वक प्राप्त किया। उसके मोबाइल नंबर की सिम को पोर्ट करवाने के लिए परिवादी के सर्विस प्रोवाइडर वोडाफोन से हटाकर अन्य कंपनी एयरटेल के नेटवर्क पर उसी नंबर की नई सिम पुन: किसी महिला की फर्जी आईडी का उपयोग करते हुए जारी करवा ली।


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 इसके बाद 28 फरवरी को उक्त नंबर का प्रयोग कर परिवादी के एक्सेस बैंक खाते से रुपए ऑन लाइन ट्रांजेक्शन के दौरान उत्पन्न होने वाली ओटीपी को प्राप्त कर धोखाधड़ी की। जांच के बाद पुलिस ने हावड़ा से आरोपित सुजोय कर्माकार को 14 अप्रेल को गिर तार कर लिया।


इंटरनेट और लोकमित्र चलाता है आरोपित

आरोपित पश्चिम बंगाल में इंटरनेट और लोकमित्र की दुकान करता है। वह स्नातक व डिप्लोमाधारी है। आरोपित लोकमित्र व इंटरनेट से संबंधित काम से उसकी दुकान पर आने वाले लोगों की आईडी की फोटो कॉपी रख लेता है और फर्जी तरीके से सिम जारी करवाकर ठगी में काम लेता है।


आरोपित से बरामद सामान

- दो मोबाइल फोन

- एक लैपटॉप

- दो बैंक खाता पासबुक

- पांच चैक बुक

- दो सिम


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