Breaking News
  • भरतपुर: नदबई के नगला कुरवारिया गांव में फूड प्वाइजनिंग से 12 लोग बीमार
  • हनुमानगढ़: भादरा के सरदारगढ़िया गांव में सार्वजनिक पेयजल डिग्गी में डूबने से 6 साल की बच्ची की मौत
  • सीकर: खाटूश्यामजी के पास हृदयघात से मंडा ग्राम पंचायत के सरपंच की मौत
  • बाड़मेर : बिजली चोरी के मामले में डिस्कॉम का तकनीकी सहायक निलंबित
  • भीलवाड़ा : विक्षिप्त महिला के साथ दुष्कर्म, पति ने कराया बागोर थाने में मुकदमा दर्ज
  • बाड़मेर : चौहटन क्षेत्र में बोलेरो कैम्पर की टक्कर से बालिका की मौत, चालक फरार
  • बाड़मेर : शादी से लौट रहे पति-पत्नी का रास्ता रोककर मारपीट, चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
  • उदयपुर : शराब-रियल एस्टेट कारोबारी की करोड़ों की अघोषित आय, आयकर विभाग की कार्रवाई जारी
  • सिरोही : कारोबारी पर आयकर कार्रवाई, नोटबंदी में अधिक राशि जमा कराने का मामला
  • मारवाड़ : प्रसिद्ध कागा मेले में उमड़ रहा सैलाब, गेर देखने के लिए लोगों में भारी उत्साह
  • अजमेर : फिल्म देखकर लौट रहे दंपती से लूट, कुंदन नगर चौराहे से पर्स छीन भागे बदमाश
  • कोटा : 1 अप्रेल से आंगनबाड़ी हो जाएंगी आंगनबाड़ी पाठशाला, समय में भी होगा बदलाव
  • हनुमानगढ़ : कार पेड़ से टकराई, तीन की मौत, रावतसर नोहर रोड पर हुआ हादसा
  • भरतपुर : हलैना में बाइक रैलिंग से टकराई, मौके पर ही दो की मौत
  • जयपुर- अजमेर रोड पर तेज रफ्तार पिकअप ने साइकिल सवार को कुचला
  • अलवर- जागुवास मोड़ पर पारले कंपनी की बस को डंपर ने मारी टक्कर, आधा दर्जन कर्मचारी घायल
  • सीकर- विभिन्न मांगों को लेकर ग्राम सेवक आज करेंगे विधानसभा का घेराव
  • जेसलमेर- पोकरण में अस्पताल परिसर से देर रात बोलेरो चोरी
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

बिना होमवर्क और प्लानिंग नोटबंदी का फैसला: थरूर

Patrika news network Posted: 2016-11-29 20:23:07 IST Updated: 2016-11-29 20:55:49 IST
  • पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर का कहना है कि प्रधानमंत्री ने नोटबंदी को बिना सोच समझकर, बिना होमवर्क और प्लानिंग के किया है। मोदी कहते हैं इससे काला धन बाहर आएगा। इससे ये फैसला अच्छा हो सकता है लेकिन इसे लागू करने में भारी कमियां छोड़ दी गई हैं।

जयपुर. विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर का कहना है कि प्रधानमंत्री ने नोटबंदी को बिना सोच समझकर, बिना होमवर्क और प्लानिंग के किया है। मोदी कहते हैं इससे काला धन बाहर आएगा। इससे ये फैसला अच्छा हो सकता है लेकिन इसे लागू करने में भारी कमियां छोड़ दी गई हैं। मंगलवार को जयपुर आए थरूर से राजस्थान पत्रिका ने विशेष बातचीत की। पेश है उनसे बातचीत के प्रमुख अंश


सवाल - नोटबंदी का मुद्दा छाया हुआ है, संसद में हंगामा हो रहा है। इस विषय पर आपकी क्या राय है?

जवाब - प्रधानमंत्री समझते हैं कि इससे काला धन बाहर आएगा तो यह उनकी जिम्मेदारी हो जाती है कि एेसा करें? जबकि स्थिति इसके उलट है। बिना सोच समझकर, बिना प्लानिंग और बिना होमवर्क के इसे लागू किया गया। हर कोई परेशान है। न पहले से नोट छापे गए, न एटीएम का नए नोटों के अनुरूप केलिबे्रशन किया गया। यहां 90 प्रतिशत काम नकदी में होता है, 50 प्रतिशत लोगों के बैंक खाते नहीं हैं। दैनिक मजदूरी करने वालों के लिए मुश्किल से पेट भरने के पैसे हैं वे आखिर बचत कर बैंकों में पैसे कहां से रखें?


सवाल - तो क्या आप समझते हैं कि ये कमियां नहीं होतीं तो यह सही फैसला है?

जवाब- हमारे देश में आइडिया की कमी नहीं है। समस्या इम्प्लीमेंटेशन की है। यहां भी एेसा ही हुआ है। मोदीजी का इम्प्रेशन ये है कि वे इम्प्लीमेंट करते हैंं। अभी एेसा नहीं है। जनता परेशान है। मनमोहन सिंह सही कह रहे हैं कि दो प्रतिशत विकास दर गिरेगी। अगर इससे ज्यादा गिरी तो यह देश के लिए बड़ी ट्रेजडी होगी।


सवाल - आजादी के सात दशक में यहां हर फैसले की कसौटी चुनावों में हार जीत रही है। क्या नोटबंदी पर भाजपा इस कसौटी पर खरी उतरेगी?

जवाब - ये कहना मुश्किल है। जनता को कहा जा रहा है कि देश का जवान सीमा पर खड़ा होता है। देश के लिए आप लाइन में कुछ परेशानी नहीं झेल सकते क्या? लोग इस तर्क को मानने के लिए तैयार हैं। उन्हें कहा जा रहा है कि आप देशभक्त हो लेकिन जो बुरे लोग हैं उनके लिए ये कदम उठाया गया है। लोग इसे मान रहे हैं। वे इस समय बलिदान करने को तैयार हैं, बशर्ते कि कालेधन पर अंकुश लग जाए।


सवाल - काले धन पर अंकुश लगाने में यह फैसला कितना सटीक है ?

जवाब- मुझे कई लोगों ने बताया कि जिन लोगों के पास काला धन है उन्होंने उस बचाने के लिए अलग रास्ते ढंूढ लिए हैं।


सवाल - अमरीकी चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प की विजय से कई लोग भयभीत हैं, भारत पर इसका क्या असर होगा?

जवाब- चुनाव में हर उम्मीदवार जो कहता है वह जीतने पर कर दे तो पूरी दुनिया तबाह हो जाए। इन चुनावी कविताओं से यथार्थ की राजनीति अलग होती है। ट्रम्प अगले चार साल के लिए अमरीका के राष्ट्रपति बन रहे हैं। वे एेसा कुछ नहीं करेंगे जिससे किसी को भयभीत होना पड़े। यह जरूर है कि उन्होंने एक दो चुनावी वादों पर भी काम किया तो भारतीयों को दिक्कत होगी। मैं एच 1 बी वीजा की बात कर रहा हूं, इसमें सख्ती का मतलब है भारतीय हित प्रभावित होना।


सवाल - प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त पर ब्लूचिस्तान का मुद्दा उठाया तो आपने इसे जायज क्यों नहीं माना?

जवाब - देखिए, आप दूसरे देश की कारस्तानी पर नियंत्रण और बैलेंस के लिए एेसी बात कह सकते हैं। बात संकेतों तक ही हो तो ठीक है। मुझे लगता है कि हमें किसी देश के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। हमारे मामलों में कोई हस्तक्षेप करता है तो हमें भी यह बर्दाश्त नहीं होता।


सवाल - हाल ही संकेतों में तो रक्षा मंत्री ने न्यूक्लियर पॉलिसी पर नई बहस शुरू कर दी?

जवाब- रक्षा मंत्री बहुत ज्यादा बोलते हैं। वे कहते हैं कि यह निजी राय थी। आप रक्षा मंत्री हैं , आपकी बात निजी राय कैसे होगी। भारत की एक परिपक्व परमाणु नीति है, आप इसे हल्का नहीं बनाएं।


सवाल - आपने पार्टी लाइन छोड़ प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान की तारीफ की थी ?

जवाब - अरे, स्वच्छता का भी कोई विरोध हो सकता है क्या? हां अभियान की सफलता के लिए संसाधन जुटाने और इम्प्लीमेंटेशन में कमियां हैं जिसे मैं कहता रहा हूं।


सवाल - राजस्थान में कांग्रेस की क्या संभावनाएं हैं?

जवाब- राजस्थान में आज के दिन चुनाव हों तो कांगेस की सरकार बनेगी। यहां सचिन पायलट के युवा नेतृत्व में पूरी पार्टी एक है। हमारी अशोक गहलोत और सीपी जोशी सहित सभी वरिष्ठ नेताओं से चर्चा होती है। पूरी पार्टी एकजुट है। 

rajasthanpatrika.com

Bollywood